{"_id":"655b7a043cfb2f27f60aa606","slug":"got-12-more-days-to-know-the-actual-number-of-children-decreased-from-class-1st-to-class-5th-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-288163-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पहली से पांचवीं तक घटे बच्चों की असल संख्या जानने के लिए 12 दिन का और समय मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पहली से पांचवीं तक घटे बच्चों की असल संख्या जानने के लिए 12 दिन का और समय मिला
विज्ञापन
पहली से पांचवीं कक्षा में बच्चों की संख्या कम होने पर एसीएस ने ली सभी बीईओ की बैठक
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के पिछले साल के मुकाबले इस बार 1.21 लाख बच्चों की कमी के आंकड़ों को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को 12 दिन का और समय दिया है। अब सभी डीईईओ 30 नवंबर तक संबंधित स्कूल में असल दाखिल बच्चों और एमआईएस पोर्टल पर दर्ज बच्चों की जानकारी दे सकेंगे। यह फैसला यहां शिक्षा विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया। बैठक में सभी जिलों के डीईईओ वीसी के माध्यम से जुड़े। बैठक में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से अब तक का फीडबैक लिया। इससे पहले विभाग ने आदेशों में 17 नवंबर तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
डीईईओ ने बताई तकनीकी दिक्कतें
बैठक में डीईईओ ने तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में बताया। कहा कि काफी संख्या में ऐसे प्रवासी बच्चे हैं, जिनके आधार कार्ड हैं और न ही परिवार पहचान पत्र है। इन समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल में ही टेंपररी पीपीपी आईडी तैयार की जाएगी। इसके अलावा, आधार कार्ड भी स्कूल में ही बनाए जा सकेंगे। पीपीपी के लिए पहले ओटीपी बच्चे के माता-पिता के मोबाइल नंबर पर जाता था, लेकिन अब संबंधित स्कूल टीचर के मोबाइल पर देने का विकल्प दिया गया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के पिछले साल के मुकाबले इस बार 1.21 लाख बच्चों की कमी के आंकड़ों को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को 12 दिन का और समय दिया है। अब सभी डीईईओ 30 नवंबर तक संबंधित स्कूल में असल दाखिल बच्चों और एमआईएस पोर्टल पर दर्ज बच्चों की जानकारी दे सकेंगे। यह फैसला यहां शिक्षा विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया। बैठक में सभी जिलों के डीईईओ वीसी के माध्यम से जुड़े। बैठक में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से अब तक का फीडबैक लिया। इससे पहले विभाग ने आदेशों में 17 नवंबर तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
डीईईओ ने बताई तकनीकी दिक्कतें
बैठक में डीईईओ ने तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में बताया। कहा कि काफी संख्या में ऐसे प्रवासी बच्चे हैं, जिनके आधार कार्ड हैं और न ही परिवार पहचान पत्र है। इन समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल में ही टेंपररी पीपीपी आईडी तैयार की जाएगी। इसके अलावा, आधार कार्ड भी स्कूल में ही बनाए जा सकेंगे। पीपीपी के लिए पहले ओटीपी बच्चे के माता-पिता के मोबाइल नंबर पर जाता था, लेकिन अब संबंधित स्कूल टीचर के मोबाइल पर देने का विकल्प दिया गया है।
विज्ञापन