फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   goods carry hand carry bag free Consumer Forum imposed penalty Mohali resident's complaint against Reliance Trends

सामान खरीदकर हाथ में लेकर नहीं जा सकते, फ्री में कैरी बैग देना चाहिए, रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ मोहाली निवासी की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने लगाया जुर्माना

Sun, 19 Jul 2020 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2020 02:00 AM IST
विज्ञापन
goods carry hand carry bag free Consumer Forum imposed penalty Mohali resident's complaint against Reliance Trends
चंडीगढ़। कोई भी कस्टमर सामान खरीदने के बाद उसे हाथ में लेकर नहीं जा सकता, उसे कैरीबैग की जरूरत पड़ेगी ही। कैरीबैग के लिए कस्टमर पर अलग से बोझ नहीं डाला जा सकता। यह टिप्पणी उपभोक्ता फोरम ने कैरी बैग के पैसे लेने पर रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ आदेश देते हुए किए हैं। इसके साथ ही फोरम ने कैरी बैग के पैसे लेने पर स्टोर पर जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन

मोहाली के फेज-9 में रहने वाले अमरप्रीत सिंह ने फोरम में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एलांते मॉल के रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त स्टोर से कुछ जरूरी सामान खरीदा और पेमेंट के लिए बिलिंग काउंटर पर गए। काउंटर पर उन्हें बताया गया कि कैरीबैग के लिए उन्हें 5 रुपये एक्स्ट्रा चार्ज देने होंगे। शिकायतकर्ता ने इस पर विरोध भी जताया और कहा कि कैरीबैग शॉपिंग के लिए जरूरी है, इसलिए बिना कोई शुल्क इसे दिया जाना चाहिए, लेकिन स्टोर की तरफ से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद ही उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी।
विज्ञापन

फोरम ने दिए यह आदेश
उपभोक्ता फोरम ने रिलायंस ट्रेंड्स की ओर से कैरीबैग के लिए चार्ज किए 5 रुपये की राशि रिफंड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए एक हजार रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन आदेशों की पालना करनी होगी। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी कंपनियों के देश भर में कई स्टोर होंगे, जिससे वह काफी पैसे कमाते होंगे। इस तरह कैरीबैग के लिए भोले भाले लोगों से चार्ज करना सेवा में कोताही है। कहा कि, अगर कैरीबैग सादा हो तो भी कंपनी उसके लिए पैसे नहीं ले सकती है। फोरम ने साफ कहा है कि सामान को हाथ में नहीं ले जा सकते, उसे कैरीबैग मुहैया कराना स्टोर की जिम्मेदारी है। वह चाहे प्रिंटेड बैग दें या सादा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed