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ऑर्डर करने के बाद भी नहीं उठ रहा माल, फुटवियर व्यवसायी झेल रहे मंदी की मार

Sun, 20 Jun 2021 02:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 02:21 AM IST
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Goods are not getting up even after ordering, footwear businessmen are facing recession
चंडीगढ़। कोरोना महामारी ने हर व्यवसाय को प्रभावित किया है। शहर का फुटवियर व्यवसाय भी इससे अछूता नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि माल की मांग अब 15 प्रतिशत तक रह गई है। कोरोना की दूसरी लहर में शादी समारोह में लोगों की संख्या अचानक घटा दी गई। इससे जिन लोगों ने जूती बनाने ऑर्डर दिए थे, वह अब आ ही नहीं रहे हैं। कुछ तो फोन तक नहीं उठा रहे।
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फुटवियर व्यवसायियों ने बताया कि कोरोना की पहली लहर के बाद मार्केट खुले तो शादियों का सीजन पास में ही था। इसलिए माल मंगवा लिया। वहीं अतिरिक्त कारीगरों को भी रख लिया, ताकि ऑर्डर देने में देरी न हो। अचानक से कर्फ्यू लग गया और दुकानें बंद हो गईं। इधर शादियों में लोगों की संख्या कम कर दी गई। कुछ लोगों ने कार्यक्रम आगे बढ़ा दिए तो कुछ लोगों ने ऑर्डर कैंसिल कर दिया। इससे काफी नुकसान हुआ है।
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स्पोर्ट्स शूज के व्यवसाय में आया उछाल
कोरोना काल में एक ओर लोग रुपये बचा रहे थे, वहीं दूसरी ओर अपने स्वास्थ्य के लिए भी सचेत थे। घर के बाहर व अंदर के लिए अलग-अलग फुटवियर का ट्रेंड भी काफी चला। लोग जिम के लिए अलग जूते और दौड़ने व साइक्लिंग के लिए अलग जूते खरीद रहे थे। इसलिए पहले की अपेक्षा स्पोर्ट्स शूज का व्यवसाय बढ़ा है।
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यहां तक जाती हैं पंजाबी जूतियां
व्यापारियों ने बताया कि उनके यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पंजाबी जूतियां जाती हैं, लेकिन इस समय हर जगह से निराशा हाथ लग रही है। चंडीगढ़ से बंगलुरू, मुंबई तक माल जाता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूएस में भी पंजाबी जूतियों की अच्छी खासी मांग है।
बातचीत
ग्राहक है नहीं.. फैशन बदलते ही फिर होगा नुकसान
शादियों का सीजन निकल गया। अब ग्राहक हैं नहीं। इधर जो माल मंगवाया था, उसका फैशन धीरे-धीरे निकल रहा है। ग्राहक को हमेशा लेटेस्ट फैशन का माल चाहिए। ऐसे में पुराने माल का पूरी तरह से नुकसान होगा।
-राजेश कुमार, पंजाबी जूती के व्यवसायी, सेक्टर- 14
पूरा माल होने पर ही ट्रांसपोर्टर लाते हैं माल
पहले रात को माल का ऑर्डर करते थे, सुबह दुकान आने से पहले माल बाहर पड़ा होता था, लेकिन अब तो ऑर्डर करने पर ट्रांसपोर्टर कहता है कि पूरी गाड़ी का माल होने पर लाएंगे। भाड़ा भी दोगुना हो गया है।
-अंकुश चड्ढा, चमड़े के जूते के व्यवसायी, सेक्टर- 17
ऑर्डर देकर जूती लेने ही नहीं आया
पहले लॉकडाउन के बाद दुकानें खुलीं तो शादियों का सीजन था। 15 से 20 लोगों ने पंजाबी जूतियां बनवाने का ऑर्डर दे दिया। माल तैयार हुआ, तब तक कोरोना की दूसरी लहर आ गई। उसके बाद लोगों ने माल ही नहीं लिया।

-आशीष सचदेवा, पंजाबी जूती के निर्माता व रिटेल व्यवसायी, सेक्टर- 30
माल का पूरा रुपया फंसा हुआ है
शादी व ईद के सीजन के लिए महिलाओं की चप्पल, सैंडल और जूते मंगवाए थे। अचानक दुकानें बंद करने के लिए कह दिया। ऐसे में माल डंप रह गया। इस माल को निकालना ही हमारे लिए बड़ी चुनौती हो गई है।
-सुनील जैन, फुटवियर के रिटेल व्यवसायी, सेक्टर- 41
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