सरगना बोला- एक बार में बड़ा हाथ मारेंगे, फिर चार करोड़ का सोना लूटा, दो साल सात माह बाद गिरफ्तार
- 29 जनवरी 2018 को पांच बदमाशों ने सनौली रोड पर आईआईएफएल में गोल्ड लोन कर्मचारियों को बंधक बनाकर की थी वारदात
- पांचों बदमाशों को सेक्टर-29 स्थित एक क्लीनिक से पकड़ा, इस क्लीनिक को चलाने वाला अपंजीकृत डॉक्टर भी वारदात में था शामिल
- चार करोड़ का सोना दो करोड़ रुपये में देहरादून, दिल्ली और हरियाणा में कई जगह बेचा, करीब 52 लाख रुपये नकद बरामद किया गया
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पानीपत में चार करोड़ रुपये की सबसे बड़ी गोल्ड डकैती का दो वर्ष सात महीने बाद पुलिस ने खुलासा किया। सनौली रोड स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में हुई सोने की डकैती के मामले में सीआईए-3 ने पांच बदमाशों गिरफ्तार किया है। पांच दिन के रिमांड में इनसे 52 लाख 25 हजार रुपये नकद, 81.310 ग्राम सोना और तीन देसी पिस्तौल की बरामदगी हुई है।
डकैती का मास्टरमाइंड दाउद निवासी मनमोहन नगर ने जुएं में पांच लाख रुपये हार जाने के बाद अपने अपने भांजे और तीन दोस्तों के साथ एक गैंग बनाकर डकैती को अंजाम दिया था। डकैतों को सेक्टर-29 स्थित क्लीनिक से गिरफ्तार किया गया है। जहां ये एक और बड़ी डकैती को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इन पांच में से तीन बदमाशों को सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस की बड़ी कामयाबी के बाद डीजीपी ने सीआईए-3 की टीम को दो लाख रुपये के इनाम से नवाजा है।
डकैती के मुख्य आरोपी
जिले की सबसे बड़ी डकैती को मनमोहन नगर के दाऊद ने अपने साथी इमरान निवासी भारत नगर, बिजेंद्र निवासी भारत नगर, राजीव निवासी गांव थुआ जींद, झोलाछाप डॉक्टर सन्नी निवासी भारत नगर के साथ मिलकर अंजाम दिया था। राजीव को छोड़कर सभी आरोपी मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और कई साल से परिवार के साथ पानीपत में रहते थे।
91 दिन रेकी की, ताकि कोई चूक ना हो जाए
बदमाश शार्टकट से पैसा बनना चाहते थे। सरगना दाऊद ने गैंग बनाते ही सबको बता दिया था कि वो कोई छोटी मोटी लूट नहीं करेंगे। एक बार में ही बड़ा हाथ मारेंगे। इसलिए गोल्ड लोन कंपनी में लूट के दौरान कोई कमी ना रह जाए। उन्होंने 91 दिन तक कंपनी के ऑफिस के आसपास रेकी की। कई बार वो ऑफिस में भी आए और यहां ये जांचा कि कितने लोगों का स्टाफ है। कौन कहां-कहां बैठता है। किस वक्त स्टाफ ऑफिस आता है। किस वक्त कंपनी में लोगों की भीड़ कम रहती है।
रेकी करने के बाद पांचों ने मीटिंग कर 29 जनवरी 2018 की सुबह साढ़े 9 बजे का समय वारदात को अंजाम देने के लिए चुना। दाऊद, राजीव व बिजेंद्र मुंह पर कपड़ा बांधकर ऑफिस में गए थे। इसके बाद इन्होंने वहां के कर्मचारियों को बंधक बनाकर चार करोड़ रुपये का सोना और ढाई लाख रुपये नकद लूट लिए थे। सन्नी और इमरान ऑफिस के नीचे बाइक लेकर खड़े थे। इसके बाद वो यहां से फरार होकर भारत नगर स्थित अपने कमरे पर चले गए थे।
डकैती के बाद पांचों भाग गए थे देहरादून
गत 29 जनवरी 2018 को वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी चार दिन तक तो अपने कमरे पर रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद ये रोज की तरह काम पर लग गए। चार दिन के बाद पांचों देहरादून चले गए। यहां पांचों चार दिन रहे और डकैती के कामयाब होने के बाद जश्न मनाया। इन्होंने वारदात के तीन माह बाद स्विफ्ट कार भी खरीदी थी।
चार करोड़ का सोना दो करोड़ में बेचा
आरोपियों ने वारदात के बाद छह माह तक सोना अपने पास रखा और बेचा नहीं। जब उनको लगा कि अब मामला शांत हो गया है। तब उन्होंने सोने को देहरादून, दिल्ली और हरियाणा में कई स्थानों पर दो करोड़ रुपये में बेच दिया। दो करोड़ रुपये में से इन्होंने एक करोड़ 48 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। अब इनसे 52 लाख रुपये बरामद हुए है।
जुएं में पांच लाख रुपये कर्ज होने के बाद बनाई गैंग
दाऊद मूलरूप से सहारनपुर का रहने वाला है। वो भारत नगर में अपने परिवार के साथ रहता था। वो जुआं खेलने का आदी था। इसलिए उसने पहले अपनी गैंग में बिजेंद्र को शामिल किया। बिजेंद्र ने अपने भांजे राजीव को इस साजिश में शामिल किया। सन्नी भारत नगर में बिजेंद्र के मकान में किराये पर क्लीनिक चलाता था। इसलिए इसमें सन्नी को भी शामिल किया गया। इन्होंने गैंग बनाकर जिले की सबसे बड़ी डकैती को अंजाम दिया।
ये है मामला
29 जनवरी 2018 को सनौली रोड स्थित आईआईएफएल कंपनी में सुबह साढ़े 9 बजे बदमाशों ने एक गोल्ड लोन बैंक में डकैती डाली थी। हथियार बंद बदमाशों ने शहर के आइआइएफएल गोल्ड लोन बैंक में घुसकर चार करोड़ रुपये का सोना लूट लिया। उन्होंने दो लाख 81 हजार कैश भी लूट लिये। इसके बाद वे फरार हो गए।
बदमाशों ने नकाब पहन रखा था। बदमाशों की संख्या चार थी। पानीपत शहर में आइआइएफएल गोल्ड लोन बैंक है। बदमाशों बैंक में मौजूद तीन कर्मियों को हथियारों के बल पर बंधक बनाया था। इसके बाद उन्होंने बैंक में रखे चार करोड़ रुपये के सोने के जेवरात और दो लाख 81 हजार रुपये लूट लिये थे।
पांचों बदमाशों से गोल्ड लोन कंपनी में लूट का खुलासा हुआ है। इनसे 52 लाख 25 हजार रुपये बरामद हुए है। आरोपियों से तीन देसी पिस्तौल भी बरामद हुई है। तीन आरोपियों को दोबारा पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। ये सेक्टर 29 से एक और वारदात को अंजाम देने की साजिश रचते हुए पकड़े गए हैं। - सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय पानीपत।