{"_id":"5f91f22f8ebc3e9b9a4fad02","slug":"gmch-32-jan-aushadhi-shop-could-not-open-even-after-one-year-chandigarh-news-pkl3918434150","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएमसीएच 32 की जन औषधि की दुकान एक साल बाद भी नहीं खुल सकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएमसीएच 32 की जन औषधि की दुकान एक साल बाद भी नहीं खुल सकी
विज्ञापन
चंडीगढ़। मरीजों को बाजार से कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पतालों में जन औषधि केंद्रों की स्थापना की गई है लेकिन जीएमसीएच-32 में जन औषधि केंद्र टेंडर की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण बीते एक साल से बंद पड़ा है। इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि टेंडर की दर ज्यादा होने के कारण कोई भी आवेदन नहीं कर रहा है, इसलिए दुकान नहीं खुल पा रही है। ऐसे में मरीजों को मेडिकल स्टोर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है।
अस्पताल के जन औषधि केंद्र को 2019 सितंबर में डीसी ऑफिस ने कार्रवाई करते हुए बंद कर दिया था। उस दौरान 1 महीने के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर दोबारा दुकान खोलने का आश्वासन दिया गया था लेकिन एक साल गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। सूत्रों का कहना है कि कुछ दवा विक्रेता जानबूझकर टेंडर की प्रक्रिया को प्रभावित कर इस दुकान को खोलने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन इसे लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा।
मनीमाजरा निवासी नीलिमा शर्मा ने बताया कि सरकार ने जन औषधि केंद्रों की स्थापना बाजार से कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने के लिए की थी लेकिन दुकान के बंद होने से मरीजों को महंगे रेट पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं, हल्लोमाजरा निवासी पिंटू जन औषधि योजना को पूरी तरह से असफल मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार के पास न तो सस्ती दवाई है और नहीं इस योजना को सफल बनाने का कोई कार्य योजना।
विज्ञापन
कोट
जन औषधि केंद्र के लिए लगातार टेंडर कॉल किए जा रहे हैं लेकिन टेंडर की कीमत जानने के बाद कोई भी आवेदन नहीं कर रहा है। इस कारण दुकान का आवंटन अभी तक नहीं हो पाया है।
-सचिन राणा, एडीसी
विज्ञापन
अस्पताल के जन औषधि केंद्र को 2019 सितंबर में डीसी ऑफिस ने कार्रवाई करते हुए बंद कर दिया था। उस दौरान 1 महीने के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर दोबारा दुकान खोलने का आश्वासन दिया गया था लेकिन एक साल गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। सूत्रों का कहना है कि कुछ दवा विक्रेता जानबूझकर टेंडर की प्रक्रिया को प्रभावित कर इस दुकान को खोलने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन इसे लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा।
विज्ञापन
मनीमाजरा निवासी नीलिमा शर्मा ने बताया कि सरकार ने जन औषधि केंद्रों की स्थापना बाजार से कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने के लिए की थी लेकिन दुकान के बंद होने से मरीजों को महंगे रेट पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं, हल्लोमाजरा निवासी पिंटू जन औषधि योजना को पूरी तरह से असफल मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार के पास न तो सस्ती दवाई है और नहीं इस योजना को सफल बनाने का कोई कार्य योजना।
विज्ञापन
कोट
जन औषधि केंद्र के लिए लगातार टेंडर कॉल किए जा रहे हैं लेकिन टेंडर की कीमत जानने के बाद कोई भी आवेदन नहीं कर रहा है। इस कारण दुकान का आवंटन अभी तक नहीं हो पाया है।
-सचिन राणा, एडीसी