फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Girls not go to school due to bus not run on rural routes in haryana

हरियाणाः ग्रामीण रूटों पर नहीं चल रहीं रोडवेज बसें, स्कूल-कॉलेज भी नहीं जा पा रही बेटियां

Tue, 04 Dec 2018 09:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक Updated Tue, 04 Dec 2018 09:20 AM IST
विज्ञापन
Girls not go to school due to bus not run on rural routes in haryana
Haryana Roadways

हरियाणा परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों का फरमान ग्रामीण आंचल के बांशिदों पर भारी पड़ रहा है। गांवों में बसों का रात्रि ठहराव व आवागमन बंद होने के बाद लगभग 1500 बसें रात में अपनी सेवाएं नहीं दे रहीं। ये बसें दिन ढलने के बाद गंतव्य स्थलों के लिए रवाना होती थीं और रात में गांव में ही रुकती थी। वर्तमान में रोडवेज बेड़े की 3569 बसें सेवाएं देती हैं, जिनमें से 45 से 50 फीसदी बसें ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफलाइन है। 

विज्ञापन


हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बधाना, विरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, सरबत पूनिया, हरिनारायण शर्मा, बलवान सिंह दोदवा, पहल सिंह तंवर ने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। 18 दिन की हड़ताल में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने रोडवेज कर्मियों का साथ दिया था। इसके चलते रात्रि ठहराव व सेवाएं बंद की गई हैं। यह तुगलकी फरमान है। छात्रों, कोर्ट-कचहरी और नौकरी पेशा लोगों को सुबह व शाम के समय आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। 
विज्ञापन


 ग्रामीण रूटों पर रात्रि ठहराव बंद होने के कारण छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत बेटियों के लिए सुविधा उपलब्ध करवाने के हरियाणा सरकार के दावों की पोल खुल गई है। रोडवेज कर्मचारियों का ओवरटाइम बंद करने के लिए की गई यह व्यवस्था बेटियों के स्कूल-कॉलेज में पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। गांवों से छात्राएं किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था कर शिक्षण संस्थान तक पहुंच रही हैं। बस पास बने होने के बावजूद भी उन्हें जेब से अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Girls not go to school due to bus not run on rural routes in haryana
रोडवेज - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश सरकार ने ओवरटाइम खत्म कर तय किया है कि रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर सप्ताह में सिर्फ आठ घंटे काम करेंगे। लंबी दूरी की बसों के ड्राइवर-कंडक्टरों को 48 घंटे की ड्यूटी के बाद अवकाश पर भेजने की व्यवस्था की गई है। वहीं लोकल रूट पर नियमित रूप से आठ घंटे की ड्यूटी करवाई जाएगी। इस हिसाब से प्रदेशभर में ड्राइवरों-कंडक्टरों की संख्या बसों के रोटेशन के हिसाब से कम हो गई है। नई व्यवस्था के कारण अकेले रोहतक जिले में रविवार तक 15 गांवों में रोडवेज ने बसों का रात्रि ठहराव बंद कर दिया है। 25 और गांवों में रात्रि ठहराव बंद करने की तैयारी है। 

रेवाड़ी-नारनौल समेत सभी जिलों के गांवों से आकर शहर में पढ़ने वाले विद्यार्थी और कर्मचारी बसें न मिलने से सही समय पर संस्थान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नारनौल के मोखुता, कोरियावास, हसनपुर, मारौली, धानोता और दनचोली आदि गांवों से राजकीय कॉलेज पहुंचने वाली छात्राओं ने कहा कि उनका बस पास बना हुआ है। 

रात्रि ठहराव बंद होने से कारण बस ही नहीं मिल रही हैं और उनका यह पास किसी काम का नहीं रह गया है। कॉलेज छात्राओं ने रोडवेज जीएम के नाम सोमवार को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की गुहार लगाई। उधर, रेवाड़ी में समय पर बसें न मिलने से परेशान गांव खंडोड़ा के विद्यार्थियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। 

सरकार ने यह किया था दावा
ग्रामीण अंचल की 60 फीसदी मासिक हाजिरी वाली सभी छात्राएं, जिनके गांव के तीन किमी के दायरे में आठवीं से आगे का स्कूल नहीं हैं छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत पात्र होंगी। बस सुविधा न होने की स्थिति में स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावकों और अध्यापकों को मिलकर छात्राओं को बस, मिनी बस, कार, कैब, मैक्स, जीप या ऑटो के माध्यम से सुरक्षित स्कूल पहुंचाने-वापस घर ले जाने की व्यवस्था करेंगे। निशुल्क साइकिल योजना वाली छात्राएं फिलहाल इसके लिए पात्र नहीं हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed