फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Girls added hand, said-now drive elsewhere fraud

छात्राओं ने जोड़े हाथ, कहा-अब कहीं और चलाओ दुकानदारी

Thu, 06 Nov 2014 12:31 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 06 Nov 2014 12:31 AM IST
विज्ञापन
छात्राओं से छेड़खानी होती है। गर्ल स्कूल के सामने खड़े होकर लघुशंका करते हैं। गेट के सामने गंदगी के अंबार हैं। अब बताओ हम करें तो क्या करें?
विज्ञापन


ये दुखड़ा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर की छात्राओं और स्टाफ ने सुनाया। लंबे अरसे से प्रशासन और सरकार को चिट्ठियां भेजकर तंग स्कूल के स्टाफ और छात्राओं को अब थोड़ी राहत मिली कि थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, नगर परिषद की अध्यक्ष उमा सुधा, डीसी निखिल गजराज एवं नगर परिषद के अधिकारी स्वच्छता अभियान को गंभीरता से ले रहे हैं।

स्कूल की प्राचार्य मंजू रहेजा ने बताया कि दीवार और सामने अतिक्रमण है। गेट के सामने एवं आसपास गंदगी डाली जा रही है।

मजबूर होकर बुधवार को छात्राओं ने हाथ जोड़कर पुरानी सब्जी मंडी की सड़क कब्जा कर बैठे फड़ी वालों से अतिक्रमण हटाने और गंदगी पर अंकुश की अपील की।

गौरतलब है कि 24 साल पहले कुरुक्षेत्र की सब्जी मंडी शिफ्ट हो चुकी है। बावजूद इसके सरकारी सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानों के आगे 30-30 फुट आगे तक कब्जा है।
विज्ञापन


जहां दुकानें एकदम खाली हैं। वहीं सारी सब्जियां और फ्रूट सड़क पर सजाकर बैठे रहते हैं। इसकी वजह से यहां ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमराई हुई है।

पहले दिखाई गांधीगिरी
स्वच्छता अभियान के बावजूद राजकीय स्कूल की छात्राओं को गंदगी भरे वातावरण से निजात नहीं मिली। स्कूल प्रांगण जहां साफसुथरा है।

दीवारों और खिड़कियों के साथ फड़ियों और अवैध कब्जे के चलते फैली गंदगी से बैठना भी दुश्वार हो चुका है। परेशान छात्राओं ने गंदगी हटाओ रैली निकाली और हाथ जोड़ कर अतिक्रमण करने वालों और गंदगी फैलाने वाले फड़ी वालों से अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपील पर पसीजा मन
स्कूल के गेट के बाहर तिरपाल लगाकर टी स्टाल चला रहे एक दुकान ठाकुर वर्मा के आगे जब छात्राओं ने हाथ जोड़े तो उन्होंने आधे से ज्यादा सामान न केवल समेट दिया।

बल्कि भविष्य में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने का भरोसा भी दिया। इसके बाद अपना टीन-तिरपाल वहां से हटा दिया। वहीं ज्यादातर फड़ी वाले कई बार हाथ जोड़ने पर भी नहीं मानें और सड़क पर अतिक्रमण की स्थिति बनी रही।

सर, जाते समय फब्तियां कसते हैं
कुछ छात्राओं ने बताया कि 60 से 70 फुट चौड़ी सड़क छह से 7 फुट की रह गई है। जबकि राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दो शिफ्ट में चलता है।

दिन में इस सड़क से छात्राओं की आवाजाही कम से कम चार बार होना लाजिमी है। इस दौरान उनके साथ जो शर्मनाक घटनाएं होती हैं। वे बयान नहीं कर सकते। बताया गया है कि यहां से गुजरते समय छात्राओं पर फब्तियां और छेड़खानी आम बात  है।

जिम्मेदारी से क्यों भाग रहा है पुलिस : प्रशासन
सड़क से कब्जे हटाना, छात्राओं की सुरक्षा, ट्रैफिक  व्यवस्था और नागरिकों के लिए सड़क के प्रबंध ये जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद के कंधों पर है।

हनुमान मंदिर के ठीक सामने से गर्ल स्कूल और पार्वती विहार तक जाने वाली सड़क पर महज 200 कदम की दूरी ऐसी है जहां पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद के प्रबंधों की सच्चाई सामने आ जाती है।

समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी इन हालातों पर चिंता जता चुके हैं। कुरुक्षेत्र की साईं ट्रस्ट के संचालक डॉ. विजय कुमार के मुताबिक छात्राओं की ये समस्या हल करने के लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए।
 
पहले दूसरे हटाएं अतिक्रमण
कन्या स्कूल के स्टाफ ने दिखाया कि हनुमान मंदिर के ठीक सामने पुरानी मंडी की एंट्री पर फ्रूट की दुकान है। स्टाफ का कहना है कि इस दुकानदार ने दुकान में सिर्फ खाली डिब्बे रखे हैं।


पूरी दुकानदारी सड़क के दोनों ओर बड़े-बड़े मेज लगाकर सजाई हुई है। इसकी वजह से हनुमान मंदिर के सामने से पार्वती विहार की ओर जाने वाले रास्ते संकरा हो चुके हैं।

दुकानदार को कब्जा हटाने के लिए कहा तो काफी साफगोई से इस दुकानदार ने स्कूल स्टाफ और छात्राओं को कहा कि जब दूसरे कब्जा हटा लेंगे तो मैं भी हटा लूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed