छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम: हिसार में विश्वविद्यालय की लैब में निगला जहर, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
मृतका के पिता ने विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने भी विभागाध्यक्ष पर केस दर्ज कर लिया है। पिता का कहना है कि एचओडी संदीप संबंध बनाने के लिए बेटी पर दबाव बनाता था।
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) से माइक्रो बायोलॉजी में पीएचडी कर रही 26 वर्षीय छात्रा ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे यूनिवर्सिटी में लैब के अंदर जहर निगल लिया, जब लैब इंचार्ज महिला वहां पहुंची तो दरवाजा बंद था। दरवाजे को हिलाने पर उसकी कुंडी खुली तो छात्रा नीचे पड़ी थी।
तुरंत पुलिस व स्टाफ को सूचित कर छात्रा को हिसार नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका का कोविड टेस्ट करवाया। टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आई। मृतका का मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने मृतका के पिता के बयान पर बायोटेक विभाग की चेयरपर्सन नमिता और विभाग के एचओडी संदीप के खिलाफ धारा 306 व 34 के तहत मामला दर्ज किया है।
मृतका के पिता ने जीजेयू प्रशासन पर उनकी बेटी को तंग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी एचओडी संदीप अवैध संबंध के लिए दबाव बनाता था। जीजेयू की ओर से दिया गया कंप्यूटर करीब एक महीने से वापस मांगने का दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि इस कंप्यूटर में उसकी बेटी की शिक्षा का लैब से संबंधित पूरा डाटा था, जिसे बायोटेक विभाग की चेयरपर्सन नमिता से भी इस मामले में बातचीत कर सकते हैं। उनकी ओर से करीब एक महीने से कंप्यूटर वापस मांगा जा रहा था। मृतका के पिता ने बताया कि कंप्यूटर अगर वह दे देती तो उसका पूरा डाटा तो जाता ही, साथ ही उसकी मेहनत भी खराब हो जाती।
पिता ने बताया कि उनकी बेटी सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थी। दोपहर में वह टोहाना में थे। साले ने फोन कर छात्रा की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। जब वह हिसार पहुंचे तो पता चला कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। मृतका के पिता ने बताया कि उस दौरान वह किसी काम से टोहाना गए हुए थे। हालांकि जहर निगलने का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
लैब इंचार्ज बुलाती थीं पौधों की देखरेख के लिए
मृतका के पिता ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं लेकिन लैब इंचार्ज महिला उसकी बेटी को लैब में पौधों को पानी देने के लिए बुलाती थी। उसकी बेटी ने कंप्यूटर वापस मांगने की शिकायत कुलपति को ईमेल के माध्यम से की थी लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।
उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी और कई बार पदक भी जीते थे। पिता ने इस मामले में सीधे तौर पर कुलपति को उनकी बेटी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पिता का आरोप है कि लैब से मशीनें दूसरे विभाग में भेजे जाने से भी उनकी बेटी परेशान थी। उसे लग रहा था कि उसका प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाएगा। इसके लिए उसने कुलपति को एक पत्र भी लिखा था।
सुसाइड नोट में लिखा- मैं थक चुकी हूं
पिता ने बताया कि उसकी बेटी के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें उसने लिखा है कि मैं मेरे मम्मी-पापा को मिस करती हूं, मैं हार चुकी हूं। मेरी आत्मा पूरी तरह घायल हो चुकी है। मैं अपनी मम्मी जैसी नहीं बन सकी। उन्होंने बताया कि सवा एक पेज का यह सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा है। वहीं, इस बारे में आरोपी एचओडी संदीप से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
ढाई माह पहले एक छात्र ने हॉस्टल में लगाया था फंदा
गुजवि में सुसाइड का यह पहला मामला नहीं है। करीब ढाई माह पूर्व भी फतेहाबाद निवासी एक युवक का शव हॉस्टल में उसके कमरे पर लटका मिला था। उसके पास से बरामद सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने राइटिंग एक्सपर्ट की सलाह लेनी थी लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। उल्लेखनीय है कि उस दौरान मृतक युवक के परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया था।
शिकायत मिलने पर कमेटी बनाकर कराएंगे जांच
कंप्यूटर संबंधी जो आरोप लगाया है, गलत है। हमने छात्रा से नहीं मांगा था। हमने मैथ डिपार्टमेंट से ले लिया था। छात्रा के पिता ने जो आरोप लगाए हैं, हमें उनकी शिकायत नहीं मिली है। हमें शिकायत देंगे तो कमेटी बनाकर जांच कराएंगे। पुलिस को दी गई शिकायत की जांच पुलिस करेगी। हम पूरा सहयोग करेंगे। -प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू हिसार।