{"_id":"5c4a9a0dbdec2273771f264c","slug":"girl-alleged-sub-inspector-of-chandigarh-police-now-unknown-people-embarassing-family","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शर्मनाकः एसआई पर आरोप लगाने वाली युवती को किया जा रहा परेशान, डरा सहमा परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शर्मनाकः एसआई पर आरोप लगाने वाली युवती को किया जा रहा परेशान, डरा सहमा परिवार
Fri, 25 Jan 2019 10:40 AM IST
खुशबू गोयल
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 25 Jan 2019 10:40 AM IST
विज्ञापन
victim girl
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में बापूधाम चौकी इंचार्ज, एसआई नवीन की हरकत से मानसिक रूप से परेशान युवती और उसके परिजन अब डर के साये में हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि चार लोग सादे कपड़ों में युवती के घर पहुंच गए और परिवार के लोगों से युवती के बारे में पूछताछ की। परिवार के मना करने पर चारों वहां से निकल गए। इसके बाद पूरे दिन युवती के घर की रेकी की गई।
घर से लगती गली में दिनभर नए-नए लोग देखे गए। ऐसे में युवती और उसका परिवार डरा हुआ है। युवती ने मीडिया से पूछा कि क्या चौकी इंचार्ज नवीन यहीं रहेगा? वहीं, परिवार ने युवती को हौसला बंधाने का प्रयास किया लेकिन वह सहमी रही। उसने पारिवारिक सदस्यों से पूछा कि जो चार लोग घर आए थे, वे कौन थे? परिवार को भी बेटी की चिंता सता रही है। युवती पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकली। अब सवाल यह है कि युवती के घर की रेकी किन कारणों से और किसने करवाई।
एसएसपी ने डीएसपी को दिए जांच के निर्देश
उधर, एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले ने डीएसपी ईस्ट हरजीत कौर को मामले की जांच के निर्देश देकर केस की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट मांग ली है लेकिन जांच की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। ऐसे में मामले के गंभीर होने के बावजूद जांच को लंबे समय तक टाला जा सकता है। बता दें कि एसएसपी हर मोर्चे पर महिला/युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कहती रही हैं, ऐसे में इस मामले को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसआई नवीन को चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी से हटाया नहीं गया है। ऐसे में युवती और उसके परिजनों को खतरा बना हुआ है। पुलिस विभाग भी मामले को दबाने के प्रयास में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घर से लगती गली में दिनभर नए-नए लोग देखे गए। ऐसे में युवती और उसका परिवार डरा हुआ है। युवती ने मीडिया से पूछा कि क्या चौकी इंचार्ज नवीन यहीं रहेगा? वहीं, परिवार ने युवती को हौसला बंधाने का प्रयास किया लेकिन वह सहमी रही। उसने पारिवारिक सदस्यों से पूछा कि जो चार लोग घर आए थे, वे कौन थे? परिवार को भी बेटी की चिंता सता रही है। युवती पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकली। अब सवाल यह है कि युवती के घर की रेकी किन कारणों से और किसने करवाई।
विज्ञापन
एसएसपी ने डीएसपी को दिए जांच के निर्देश
उधर, एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले ने डीएसपी ईस्ट हरजीत कौर को मामले की जांच के निर्देश देकर केस की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट मांग ली है लेकिन जांच की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। ऐसे में मामले के गंभीर होने के बावजूद जांच को लंबे समय तक टाला जा सकता है। बता दें कि एसएसपी हर मोर्चे पर महिला/युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कहती रही हैं, ऐसे में इस मामले को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसआई नवीन को चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी से हटाया नहीं गया है। ऐसे में युवती और उसके परिजनों को खतरा बना हुआ है। पुलिस विभाग भी मामले को दबाने के प्रयास में जुटा है।
विज्ञापन
वुमन हेल्पलाइन टीम के लौटने के बाद चौकी इंचार्ज ने किया तंग
युवती ने बीते मंगलवार की शाम अपने मंगेतर के साथ अपना जन्मदिन मनाया था लेकिन परिजनों से किसी बात पर नाराजगी के चलते वह पुलिस चौकी पहुंची। जहां महिला पुलिसकर्मियों से पूछताछ करवाने के बजाय एसआई नवीन ने स्वयं उससे पूछताछ की। फिर युवती के मोबाइल नंबर से अपने नंबर पर मिस्ड कॉल कर ली। वुमन हेल्पलाइन टीम की महिला कर्मी भी चौकी पहुंची और युवती को पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया लेकिन मंगलवार की रात 9:40 बजे सब इंस्पेक्टर नवीन ने युवती को फोन करने साथ व्हाट्सएप पर उसे वीडियो कॉल के साथ चैटिंग शुरू कर दी। इस दौरान उसने युवती से पूछा कि क्या वह उसके साथ कॉफी पीने चलेगी? फिर पूछा कि क्या उसे डांस आता है? फिर युवती से कहा ‘शो मी योर फेस’ और उसे सेल्फी दिखाने को भी कहा।
युवती के सुसाइड का शक था तो कानूनी मदद से गुरेज क्यों
एसआई नवीन ने इस हरकत बाबत पूछे जाने पर बताया कि उसे लगा कि कहीं युवती खुदकुशी नहीं कर ले। इस कारण उसने उससे बात और चैंटिग की लेकिन यदि युवती के सुसाइड करने का शक था तो उससे कानूनन व्यवहार किन कारणों से नहीं किया गया। क्या वुमन हेल्पलाइन की महिला कर्मियों को पूछताछ में ऐसा कतई नहीं लगा कि युवती खुदकुशी कर सकती है। जब उन्होंने उसे घर भेज दिया तो फिर एसआई ने रात के समय ही बातचीत में दिलचस्पी किन कारणों से दिखाई। यह सब सवाल यूटी पुलिस के समक्ष खड़े हैं।
सामाजिक व नैतिक तौर पर चौकी इंचार्ज गलत है। महिला/युवती से पूछताछ का अधिकार पुरुष पुलिसकर्मी को न होकर महिला पुलिसकर्मी को है। रात के समय युवती को फोन करना, उससे पूछना कि उसे डांस आता है या नहीं और चेहरा दिखाने को कहना, कानूनन सही नहीं ठहराया जा सकता।
- गगन अग्रवाल, एडवोकेट
मामले में डीएसपी ईस्ट को जांच सौंपकर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट देने को कहा है।
- निलांबरी जगदले, एसएसपी यूटी
युवती के सुसाइड का शक था तो कानूनी मदद से गुरेज क्यों
एसआई नवीन ने इस हरकत बाबत पूछे जाने पर बताया कि उसे लगा कि कहीं युवती खुदकुशी नहीं कर ले। इस कारण उसने उससे बात और चैंटिग की लेकिन यदि युवती के सुसाइड करने का शक था तो उससे कानूनन व्यवहार किन कारणों से नहीं किया गया। क्या वुमन हेल्पलाइन की महिला कर्मियों को पूछताछ में ऐसा कतई नहीं लगा कि युवती खुदकुशी कर सकती है। जब उन्होंने उसे घर भेज दिया तो फिर एसआई ने रात के समय ही बातचीत में दिलचस्पी किन कारणों से दिखाई। यह सब सवाल यूटी पुलिस के समक्ष खड़े हैं।
सामाजिक व नैतिक तौर पर चौकी इंचार्ज गलत है। महिला/युवती से पूछताछ का अधिकार पुरुष पुलिसकर्मी को न होकर महिला पुलिसकर्मी को है। रात के समय युवती को फोन करना, उससे पूछना कि उसे डांस आता है या नहीं और चेहरा दिखाने को कहना, कानूनन सही नहीं ठहराया जा सकता।
- गगन अग्रवाल, एडवोकेट
मामले में डीएसपी ईस्ट को जांच सौंपकर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट देने को कहा है।
- निलांबरी जगदले, एसएसपी यूटी