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गिप्पी ने बताए युवाओं को अपने बचपन के सीक्रेट
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Nov 2013 11:04 AM IST
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पाजी इन प्रोबल्म’ की स्टारकास्ट चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज पहुंची तो स्टूडेंट्स की खुशी का ठिकाना न रहा।
गिप्पी ग्रेवाल वो स्टूडेंट्स के बीच पहुंच गए और खूब ऑटोग्राफ दिए। वे गुरप्रीत घुग्गी के साथ फिल्म के प्रमोशन के लिए कॉलेज में पहुंचे थे।
गिप्पी ने स्टूडेंट्स के साथ चर्चा की और अपने बचपन की बातें भी बताईं।
ग्रेवाल ने कहा कि उनको रोज मैडम से डांट और मार पड़ती थी। उनका ध्यान पढ़ाई से अधिक खेलने और कूदने की तरफ ज्यादा रहा। एग्जाम टाइम में बच्चे पढ़ाई करते थे और वे रात भर पर्चियां बनाता था।
उन्हें बचपन में सिर्फ दो बातें पसंद थीं गाना और खेलना। कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाली थापी से ही क्रिकेट खेलते थे। जैसे-जैसे उम्र बढ़ी तो गायकी की ओर रुझान बढ़ गया। गिप्पी ने कहा कि युवा सोचते है कि सिगरेट पीना और ड्रिंक करना फिल्म इंडस्ट्री का स्टाइल स्टेटमेंट है पर ऐसा है नहीं।
गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि समय बलवान होता है। पहले कोई फ्री में भी एलबम में काम नहीं देता था अब लाइन लगी रहती है।
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गिप्पी ग्रेवाल वो स्टूडेंट्स के बीच पहुंच गए और खूब ऑटोग्राफ दिए। वे गुरप्रीत घुग्गी के साथ फिल्म के प्रमोशन के लिए कॉलेज में पहुंचे थे।
गिप्पी ने स्टूडेंट्स के साथ चर्चा की और अपने बचपन की बातें भी बताईं।
ग्रेवाल ने कहा कि उनको रोज मैडम से डांट और मार पड़ती थी। उनका ध्यान पढ़ाई से अधिक खेलने और कूदने की तरफ ज्यादा रहा। एग्जाम टाइम में बच्चे पढ़ाई करते थे और वे रात भर पर्चियां बनाता था।
उन्हें बचपन में सिर्फ दो बातें पसंद थीं गाना और खेलना। कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाली थापी से ही क्रिकेट खेलते थे। जैसे-जैसे उम्र बढ़ी तो गायकी की ओर रुझान बढ़ गया। गिप्पी ने कहा कि युवा सोचते है कि सिगरेट पीना और ड्रिंक करना फिल्म इंडस्ट्री का स्टाइल स्टेटमेंट है पर ऐसा है नहीं।
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गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि समय बलवान होता है। पहले कोई फ्री में भी एलबम में काम नहीं देता था अब लाइन लगी रहती है।