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Chandigarh News: मेयर से मिले गिग वर्कर, पार्किंग समस्या और रेस्ट सुविधा केंद्र की मांग
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। फूड डिलीवरी, ऑटो, कैब और बाइक राइडर वर्करों की पार्किंग समस्या को लेकर चंडीगढ़ ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन और ट्राइसिटी राइडर्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात की। बैठक में गिग वर्करों की रोजमर्रा की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूनियन के प्रधान साहिल कुमार ने बताया कि डिलीवरी वर्कर औसतन 15 से 20 रुपये प्रति डिलीवरी कमाते हैं। ऐसे में हर बार पार्किंग शुल्क चुकाना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। उन्होंने मांग की कि डिलीवरी के दौरान पार्किंग शुल्क में छूट या विशेष पास की व्यवस्था की जाए।
मेयर सौरभ जोशी ने आश्वस्त किया कि ऑटो और कैब ड्राइवरों के लिए 15 मिनट की पार्किंग छूट देने के प्रस्ताव पर प्रशासन विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश डिलीवरी और बाइक राइडर विभिन्न कंपनियों से जुड़े हैं और उनकी प्रति डिलीवरी आय सीमित है। ऐसे में कंपनियों के साथ समन्वय कर पार्किंग शुल्क के लिए साझा मॉडल तैयार करने की संभावना भी तलाशी जाएगी, ताकि गिग वर्करों को राहत मिल सके।
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बैठक के दौरान यूनियन ने यह भी मांग रखी कि शहर के प्रत्येक सेक्टर में गिग वर्करों के लिए रेस्ट सुविधा केंद्र या गेस्ट हाउस स्थापित किए जाएं, जहां वे भोजन कर सकें और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। मेयर ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि प्रशासन गिग वर्करों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने को लेकर गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदमों पर विचार किया जाएगा।
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चंडीगढ़। फूड डिलीवरी, ऑटो, कैब और बाइक राइडर वर्करों की पार्किंग समस्या को लेकर चंडीगढ़ ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन और ट्राइसिटी राइडर्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात की। बैठक में गिग वर्करों की रोजमर्रा की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूनियन के प्रधान साहिल कुमार ने बताया कि डिलीवरी वर्कर औसतन 15 से 20 रुपये प्रति डिलीवरी कमाते हैं। ऐसे में हर बार पार्किंग शुल्क चुकाना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। उन्होंने मांग की कि डिलीवरी के दौरान पार्किंग शुल्क में छूट या विशेष पास की व्यवस्था की जाए।
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मेयर सौरभ जोशी ने आश्वस्त किया कि ऑटो और कैब ड्राइवरों के लिए 15 मिनट की पार्किंग छूट देने के प्रस्ताव पर प्रशासन विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश डिलीवरी और बाइक राइडर विभिन्न कंपनियों से जुड़े हैं और उनकी प्रति डिलीवरी आय सीमित है। ऐसे में कंपनियों के साथ समन्वय कर पार्किंग शुल्क के लिए साझा मॉडल तैयार करने की संभावना भी तलाशी जाएगी, ताकि गिग वर्करों को राहत मिल सके।
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बैठक के दौरान यूनियन ने यह भी मांग रखी कि शहर के प्रत्येक सेक्टर में गिग वर्करों के लिए रेस्ट सुविधा केंद्र या गेस्ट हाउस स्थापित किए जाएं, जहां वे भोजन कर सकें और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। मेयर ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि प्रशासन गिग वर्करों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने को लेकर गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदमों पर विचार किया जाएगा।