नूंह हिंसा: ज्ञानचंद गुप्ता बोले- मामन खान की सदस्यता रद्द करने के संबंध में प्रस्ताव या शिकायत नहीं मिली
नूंह हिंसा के बाद विधायक मामन खान भी चर्चा में हैं। खासकर उनका वह बयान जिसमें उन्होंने गौर रक्षा दल के मोनू मानेसर को मेवात आने की चुनौती दी थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि नूंह हिंसा को भड़काने के पीछे मामन खान का बयान था।
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हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि फिरोजपुर झिरका सीट से कांग्रेस विधायक मामन खान की सदस्यता रद्द करने के संबंध में कोई प्रस्ताव या लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि मामन खान ने फरवरी में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जो भड़काऊ बयान दिया था, उसे विधानसभा की कार्यवाही से उसी दौरान हटा दिया गया था।
नूंह हिंसा के बाद विधायक मामन खान भी चर्चा में हैं। खासकर उनका वह बयान जिसमें उन्होंने गौर रक्षा दल के मोनू मानेसर को मेवात आने की चुनौती दी थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि नूंह हिंसा को भड़काने के पीछे मामन खान का बयान था। इसलिए उनकी सदस्यता खारिज की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी पर कार्रवाई का अधिकार शासन के पास है।
61 विधायकों ने 655 सवाल भेजे
प्रेसवार्ता में ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि 25 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्र के शुभारंभ से पहले 24 अगस्त को कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक होगी, जिसमें विधायी कामकाज को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। 24 अगस्त को ही नियम समिति और सर्वश्रेष्ठ विधायक के चयन के लिए गठित कमेटी की भी बैठक होंगी। इस दौरान उन्होंने बताया कि सत्र के लिए 61 विधायकों की ओर से कुल 655 सवाल भेजे गए हैं। 19 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक गैर सरकारी प्रस्ताव, एक अल्प अवधि चर्चा के लिए प्रस्ताव और एक प्राइवेट सदस्य विधेयक की सूचना मिली है। प्राइवेट सदस्य विधेयक विधि परामर्श के लिए विधि एवं विधायी विभाग के पास भेजा गया है।
सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना जाएगा
सत्र के दौरान सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना जाएगा। सर्वश्रेष्ठ विधायक को एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ विधायक चुनने वाली समिति की अध्यक्षता भी विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता करेंगे। समिति में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विधान सभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा सदस्य हैं।
यह समिति 10 मापदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ विधायक का चयन करती है। इसमें विधायक का विधायी कामकाज का अनुभव, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता, भाषा में प्रवीणता, सदन में सदस्य की उपस्थिति, सदन में समय सीमा में अपनी बात रखना, उठाए गए मुद्दों की विविधता और गहराई, महत्वपूर्ण जन कल्याण नीति निर्माण के प्रति जागरूकता, सदन की चर्चा में योगदान, प्रक्रिया के नियमों का पालन, सदन की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने में योगदान और विभिन्न समितियों में योगदान देखा जाता है।