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कोरोना के गंभीर मरीज थे तो करवाएं हार्मोन टेस्ट
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चंडीगढ़। पीजीआई के डॉक्टरों ने सलाह दी है कि कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति से उबरने के बाद तीन से 6 महीने पर हार्मोन टेस्ट जरूर कराएं। कोरोना संक्रमण का दुष्प्रभाव शरीर में अलग-अलग हार्मोन पर देखने को मिला है। इसे पीजीआई इंडोक्राइनोलॉजी विभाग केविशेषज्ञों ने कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों पर अध्ययन के बाद साबित किया है।
विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भडाडा ने बताया कि कोरोना संक्रमण का असर शरीर केहार्मोन पर जांचने के लिए पीजीआई केकोविड अस्पताल में भर्ती 84 मरीजों पर अध्ययन किया गया। एक वर्ग में उन 42 पॉजिटिव मरीजों को रखा गया, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर थी। उन्हें ऑक्सीजन देने की भी जरूरत नहीं थी। वहीं, दूसरे वर्ग में उन 42 गंभीर मरीजों क ो शामिल किया गया, जो ऑक्सीजन पर थे और अन्य गंभीर बीमारियां मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी से जुड़ी समस्या थी। उन मरीजों के भर्ती होने के 24 से 48 घंटे के दौरान सभी हार्मोनल टेस्ट किए गए। सामान्य की तुलना में गंभीर मरीजों में हार्मोन की ज्यादा कमी पाई गई। हालांकि, सामान्य मरीजों के हार्मोन में भी कुछ कमी पाई गई। प्रो. संजय भडाडा का कहना है कि इस अध्ययन से यह साबित होता है कि संक्र मण से असंतुलित हुए हार्मोन को अगर समय रहते इलाज से संतुलित नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए संक्रमण मुक्त होने केबाद भी हार्मोन टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है।
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विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भडाडा ने बताया कि कोरोना संक्रमण का असर शरीर केहार्मोन पर जांचने के लिए पीजीआई केकोविड अस्पताल में भर्ती 84 मरीजों पर अध्ययन किया गया। एक वर्ग में उन 42 पॉजिटिव मरीजों को रखा गया, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर थी। उन्हें ऑक्सीजन देने की भी जरूरत नहीं थी। वहीं, दूसरे वर्ग में उन 42 गंभीर मरीजों क ो शामिल किया गया, जो ऑक्सीजन पर थे और अन्य गंभीर बीमारियां मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी से जुड़ी समस्या थी। उन मरीजों के भर्ती होने के 24 से 48 घंटे के दौरान सभी हार्मोनल टेस्ट किए गए। सामान्य की तुलना में गंभीर मरीजों में हार्मोन की ज्यादा कमी पाई गई। हालांकि, सामान्य मरीजों के हार्मोन में भी कुछ कमी पाई गई। प्रो. संजय भडाडा का कहना है कि इस अध्ययन से यह साबित होता है कि संक्र मण से असंतुलित हुए हार्मोन को अगर समय रहते इलाज से संतुलित नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए संक्रमण मुक्त होने केबाद भी हार्मोन टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है।
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