डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा: पीजीआई रोहतक में शुरू होगी जीनोम सीक्वेंसिंग लैब, खरीदी जाएगी डेढ़ करोड़ की मशीन
कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर हरियाणा सरकार बेहद सतर्क है। सरकार अब सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाने की तैयारी में है। इसी उद्देश्य से अब पीजीआई रोहतक में एक नई लैब स्थापित की जाएगी। इसमें प्रदेश के कोरोना सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। अभी यह काम दिल्ली स्थित आईसीएमआर की लैब कर रही है। अन्य प्रदेशों के सैंपल इसी लैब में आने की वजह से रिपोर्ट मिलने में लंबा वक्त लग जाता है।
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हरियाणा के फरीदाबाद में कोरोना वायरस के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट की दस्तक के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सैंपलिंग को बढ़ावा देने और नए वैरिएंट की जांच को लेकर अब पीजीआई रोहतक में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब स्थापित की जाएगी।
इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज निर्देश दे चुके हैं। नई मशीन खरीदने से लेकर तकनीकी स्टाफ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संभावना है कि अगले माह इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से 48 से 72 घंटों में सैंपलों की रिपोर्ट मिल सकेगी।
फिलहाल जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए प्रदेश से दिल्ली स्थित आईसीएमआर की लैब में सैंपल भेजे जाते हैं। दिल्ली लैब में अन्य प्रदेशों से भी सैंपल आते हैं, इसलिए यहां पर लोड अधिक होता है। ऐसे में हरियाणा के सैंपलों की रिपोर्ट आने में एक माह से भी अधिक समय लग जाता है।
मंत्री के आदेश के बाद पीजीआई रोहतक ने इसके लिए बाकायदा डिमांड के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन को पत्र भेज दिया है। यह मशीन करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आएगी। आगामी कुछ ही दिनों में एचएमएससी इसके लिए टेंडर जारी करेगा।
पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ. रोहताश यादव का कहना है कि संस्थान की तरफ से मशीन खरीदने को लेकर डिमांड भेज दी है। हरियाणा मेडिकल सर्सिस कारपोरेशन इसकी खरीद करेगा।
10 स्थानों से भेजे जाते हैं 15-15 सैंपल
जीनोम सीक्वेंसिंग सैंपल के लिए इस समय प्रदेश के 10 मेडिकल संस्थानों से 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाते हैं। इनमें खानपुर मेडिकल कॉलेज, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, ईएसआई मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद, एमएमएमसी अग्रोहा, पंचकूला, गुरुग्राम, सिरसा, भिवानी, यमुनानगर, रोहतक पीजीआई के नाम शामिल हैं। वहीं, नए वैरिएंट को लेकर 12 अप्रैल से विदेश से आने वाले और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के औचक सैंपल लिए जा रहे हैं लेकिन दिल्ली से रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है।
जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए फिलहाल सैंपल दिल्ली लैब में भेजे जाते हैं। यहां से रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है इसलिए हमने रोहतक पीजीआई में ही यह लैब स्थापित करने के लिए योजना बनाई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इसे शुरू कर लिया जाएगा। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।