फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Genome Sequencing Lab to be set up in PGI Rohtak

डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा: पीजीआई रोहतक में शुरू होगी जीनोम सीक्वेंसिंग लैब, खरीदी जाएगी डेढ़ करोड़ की मशीन

Wed, 30 Jun 2021 12:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 30 Jun 2021 12:09 AM IST
सार

कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर हरियाणा सरकार बेहद सतर्क है। सरकार अब सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाने की तैयारी में है। इसी उद्देश्य से अब पीजीआई रोहतक में एक नई लैब स्थापित की जाएगी। इसमें प्रदेश के कोरोना सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। अभी यह काम दिल्ली स्थित आईसीएमआर की लैब कर रही है। अन्य प्रदेशों के सैंपल इसी लैब में आने की वजह से रिपोर्ट मिलने में लंबा वक्त लग जाता है। 

विज्ञापन
Genome Sequencing Lab to be set up in PGI Rohtak
फाइल फोटो। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हरियाणा के फरीदाबाद में कोरोना वायरस के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट की दस्तक के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सैंपलिंग को बढ़ावा देने और नए वैरिएंट की जांच को लेकर अब पीजीआई रोहतक में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब स्थापित की जाएगी।

विज्ञापन


इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज निर्देश दे चुके हैं। नई मशीन खरीदने से लेकर तकनीकी स्टाफ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संभावना है कि अगले माह इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से 48 से 72 घंटों में सैंपलों की रिपोर्ट मिल सकेगी।
विज्ञापन


फिलहाल जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए प्रदेश से दिल्ली स्थित आईसीएमआर की लैब में सैंपल भेजे जाते हैं। दिल्ली लैब में अन्य प्रदेशों से भी सैंपल आते हैं, इसलिए यहां पर लोड अधिक होता है। ऐसे में हरियाणा के सैंपलों की रिपोर्ट आने में एक माह से भी अधिक समय लग जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्री के आदेश के बाद पीजीआई रोहतक ने इसके लिए बाकायदा डिमांड के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन को पत्र भेज दिया है। यह मशीन करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आएगी। आगामी कुछ ही दिनों में एचएमएससी इसके लिए टेंडर जारी करेगा। 

 

पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ. रोहताश यादव का कहना है कि संस्थान की तरफ से मशीन खरीदने को लेकर डिमांड भेज दी है। हरियाणा मेडिकल सर्सिस कारपोरेशन इसकी खरीद करेगा। 

10 स्थानों से भेजे जाते हैं 15-15 सैंपल
जीनोम सीक्वेंसिंग सैंपल के लिए इस समय प्रदेश के 10 मेडिकल संस्थानों से 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाते हैं। इनमें खानपुर मेडिकल कॉलेज, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, ईएसआई मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद, एमएमएमसी अग्रोहा, पंचकूला, गुरुग्राम, सिरसा, भिवानी, यमुनानगर, रोहतक पीजीआई के नाम शामिल हैं। वहीं, नए वैरिएंट को लेकर 12 अप्रैल से विदेश से आने वाले और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के औचक सैंपल लिए जा रहे हैं लेकिन दिल्ली से रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है। 

जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए फिलहाल सैंपल दिल्ली लैब में भेजे जाते हैं। यहां से रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है इसलिए हमने रोहतक पीजीआई में ही यह लैब स्थापित करने के लिए योजना बनाई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इसे शुरू कर लिया जाएगा। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed