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पीयू में रोस्टर लागू करने को लेकर सामान्य और एससी कैटेगरी आमने-सामने
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में रोस्टर लागू करने को लेकर सामान्य (जनरल) कैटेगरी और एससी-एसटी कर्मचारी आमने-सामने हो गए हैं। पीयू में रोस्टर लागू नहीं किए जाने पर थोड़े समय पहले पंजाब सरकार ने यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा है।
पत्र में शिक्षा सचिव ने कहा है कि अगर पीयू रोस्टर लागू नहीं करता है तो सरकार की तरफ से ग्रांट रोक दी जाएगी। इस बात का विरोध करते हुए जनरल कैटेगरी एसोसिएशन ने वीरवार को पीयू चांसलर वैंकेया नायडू के साथ वीसी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि रोस्टर को जल्दबाजी में तैयार किया गया है और इसमें कई तथ्य सही नहीं है इसलिए इसे लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा करनी चाहिए।
जनरल कैटेगरी एसोसिएशन के सदस्य चांद कुमार ने बताया कि पीयू अभी रोस्टर को लेकर उचित सिस्टम नहीं बना पाई है। पीयू के गैर-शैक्षणिक पदों पर एससी-एसटी के कर्मचारियों का पूरा रिकार्ड लिया जाए। इसके बाद नियम-कानून बनाए जाएं। इसके अलावा प्रमोशन में रिजर्वेशन का विरोध करते हैं। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से पहले भेजे गए पत्र के बाद पीयू सीनेट की पिछली बैठक में रोस्टर लागू करने के मुद्दे को उठाया गया था लेकिन कई सदस्यों ने कहा कि पंजाब में अभी चुनाव है और आचार संहिता की स्थिति में इसे लागू करना सही नहीं होगा। वहीं कई ने मामला कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। रोस्टर मामले को लेकर पीयू वीसी ने पिछले साल कमेटी भी बनाई थी लेकिन इसमें अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। पंजाब सरकार के पत्र के बाद 27 मार्च को होने वाली सीनेट बैठक में रोस्टर का प्रस्ताव फिर आ सकता है।
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पत्र में लिखा गया है कि अगर पीयू रोस्टर लागू नहीं करती है तो 31 मार्च को वर्ष 2021-22 का वित्तीय वर्ष खत्म हो रहा है, ऐसे में बची हुई ग्रांट भी खत्म (लैप्स) कर दी जाएगी। वहीं इस मामले पर एससी इंप्लाइज यूनियन के प्रधान हरप्रीत का कहना है कि रोस्टर पंजाब और केंद्र दोनों में लागू है। पीयू को दोनों जगह से ही ग्रांट मिलती है। इसके बावजूद लगातार पत्राचार के बावजूद पीयू रोस्टर लागू नहीं कर रही है।
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पत्र में शिक्षा सचिव ने कहा है कि अगर पीयू रोस्टर लागू नहीं करता है तो सरकार की तरफ से ग्रांट रोक दी जाएगी। इस बात का विरोध करते हुए जनरल कैटेगरी एसोसिएशन ने वीरवार को पीयू चांसलर वैंकेया नायडू के साथ वीसी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि रोस्टर को जल्दबाजी में तैयार किया गया है और इसमें कई तथ्य सही नहीं है इसलिए इसे लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा करनी चाहिए।
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जनरल कैटेगरी एसोसिएशन के सदस्य चांद कुमार ने बताया कि पीयू अभी रोस्टर को लेकर उचित सिस्टम नहीं बना पाई है। पीयू के गैर-शैक्षणिक पदों पर एससी-एसटी के कर्मचारियों का पूरा रिकार्ड लिया जाए। इसके बाद नियम-कानून बनाए जाएं। इसके अलावा प्रमोशन में रिजर्वेशन का विरोध करते हैं। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से पहले भेजे गए पत्र के बाद पीयू सीनेट की पिछली बैठक में रोस्टर लागू करने के मुद्दे को उठाया गया था लेकिन कई सदस्यों ने कहा कि पंजाब में अभी चुनाव है और आचार संहिता की स्थिति में इसे लागू करना सही नहीं होगा। वहीं कई ने मामला कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। रोस्टर मामले को लेकर पीयू वीसी ने पिछले साल कमेटी भी बनाई थी लेकिन इसमें अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। पंजाब सरकार के पत्र के बाद 27 मार्च को होने वाली सीनेट बैठक में रोस्टर का प्रस्ताव फिर आ सकता है।
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पत्र में लिखा गया है कि अगर पीयू रोस्टर लागू नहीं करती है तो 31 मार्च को वर्ष 2021-22 का वित्तीय वर्ष खत्म हो रहा है, ऐसे में बची हुई ग्रांट भी खत्म (लैप्स) कर दी जाएगी। वहीं इस मामले पर एससी इंप्लाइज यूनियन के प्रधान हरप्रीत का कहना है कि रोस्टर पंजाब और केंद्र दोनों में लागू है। पीयू को दोनों जगह से ही ग्रांट मिलती है। इसके बावजूद लगातार पत्राचार के बावजूद पीयू रोस्टर लागू नहीं कर रही है।