मजदूरों को तोहफा: एक मई को होगी सरकारी छुट्टी, फसल खराब होने पर मिलेगा मुआवजा, पंजाब कैबिनेट का फैसला
सभी सरकारी ऑफिस और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहेगी। राज्य सरकार ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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मजदूर दिवस (1 मई) पर मजदूरों को तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों के कुल मुआवजे की 10 प्रतिशत राशि मुआवजे के तौर पर कृषि श्रमिकों को देने की घोषणा की। कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। वहीं एक मई को मजदूर दिवस पर पंजाब में सरकारी छुट्टी होगी।
इसके साथ ही कैबिनेट ने कई अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी दे दी। इसके तहत राज्य में संपत्ति के रजिस्ट्रेशन पर लागू स्टांप ड्यूटी और फीस में 2.25 प्रतिशत की जारी छूट की अवधि 15 मई तक बढ़ा दी है। कैबिनेट ने ड्रग टेस्टिंग प्रयोगशाला (आयुर्वेद) में 7 पदों के सृजन को मंजूरी देने के साथ ही ड्रग लैबोरेटरियों में पक्के मुलाजिम भर्ती करने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया। लोकल ऑडिट विंग में खाली 87 पद भरने और पीटीयू व खेल विभाग में नई भर्तियों के प्रस्ताव भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिए हैं।
ये फैसले मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में स्थानीय सर्किट हाउस में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ऐतिहासिक पहल का मकसद उन खेतिहर मजदूरों को लाभ पहुंचाना है, जो आमतौर पर ऐसे मुआवजे से वंचित रह जाते हैं और उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। अब न केवल किसानों बल्कि मजदूरों को भी प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही श्रमिक वर्ग को पंजीकृत करने के लिए बड़े पैमाने पर पंजीकरण अभियान शुरू करेगी ताकि उन्हें विभिन्न केंद्रीय और राज्य प्रायोजित योजनाओं का लाभ दिया जा सके। इनमें से अधिकांश योजनाएं लैप्स हो जाती हैं क्योंकि मजदूरों का उचित पंजीकरण नहीं होता है लेकिन अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रमिक वर्ग को लाभ मिले।
अब चंडीगढ़ से बाहर जिलों में होंगी कैबिनेट बैठकें
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय से बाहर लुधियाना में कैबिनेट की बैठक आयोजित करते हुए राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘सरकार आपके द्वार’ की शुरुआत कर दी गई है और अब कैबिनेट बैठकें केवल सचिवालय के कमरों तक ही सीमित नहीं रहेंगी बल्कि राज्य भर के गांवों, कस्बों और शहरों में आयोजित की जाएंगी ताकि लोगों को सुविधा हो और उनके काम जल्द निपटाए जा सकें। इससे जहां एक ओर प्रदेश के विकास को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नियमित प्रशासनिक कार्य कराकर लोगों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को विशेष रूप से डीसी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को क्षेत्र का दौरा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को अपना नियमित प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए दर-दर भटकना न पड़े।
खाली पदों पर जल्द होंगी भर्तियां: सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय लेखापरीक्षा विंग (लोकल ऑडिट) के विभिन्न काडरों में सीधी भर्ती के 87 पद भरने की मंजूरी दे दी है। इससे जूनियर लेखाकार के 60, एक सेक्शन अधिकारी, एक जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, तीन स्टेनो टाइपिस्ट और 22 क्लर्कों के पद भरने का मार्ग साफ होगा है। इससे पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई), शहरी स्थानीय सरकारों (यूएलबी), बच्चों के लिए फंड और विश्वविद्यालयों के पूर्व-ऑडिट/पोस्ट-ऑडिट कार्य में सुविधा होगी। इससे राज्य सरकार भारत सरकार के वित्त आयोग से आसानी से अनुदान प्राप्त कर सकेगी। इसके अलावा पंजाब राज्य खेल सेवा नियम, 2023 के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दी गई है। इसके तहत पंजाब राज्य खेल (ग्रुप-ए, बी और सी) सेवा नियम, 2023 का पुनर्गठन हो सकेगा और इन ग्रुपों के लिए नई भर्तियां की जाएंगी। खेल विभाग में विभिन्न संवर्गों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान पदोन्नति के अवसर मिल सकेंगे।