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1.20 करोड़ में बनेगी मोहाली की नई गौशाला
अमर उजाला / मोहाली
Updated Fri, 13 Dec 2013 05:49 PM IST
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बनाई जा रही गौशाला पर 1.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब तक गौशाला का एक फेज बनकर तैयार हो गया है।
इस पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि दूसरे फेज का काम शुरू हो चुका है। इस पर 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू ने वीरवार को दी।
डीसी ने बताया कि जब गौशाला के दोनों फेज बनकर तैयार हो जाएंगे। तो इसमें पांच सौ पशु रखने की क्षमता हो जाएगी। अभी तक पहला फेज बनकर तैयार हुआ।
इसमें 350 पशु रखने की क्षमता है। खरड़ की समाज सेवी संस्था को गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। पांच साल तक संस्था गौशाला की जिम्मेदारी संभालेगी।
संस्था को पकड़ने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। संस्था ने अब तक करीब 80 पशुओं को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने बताया कि अब लोगों को अपने पालतू पशु खुले में छोड़ना भी काफी मंहगा साबित होगा। क्योंकि प्रशासन ने फैसला लिया है कि जब भी पशु पकड़ा जाएगा, तो एक बार पशु जुर्माना लगाकर छोड़ा जाएगा।
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इस दौरान पशु मालिक से एक एफिडेबिट लिया जाएगा कि वह दोबारा पशु नहीं छोड़ेगा। इसके बाद दोबारा पशु पकड़े जाने पर नहीं छोड़ा जाएगा। निगम ने बड़े पशु के लिए तीन हजार रुपये जुर्माना तय किया है। जबकि छोटे पशु के लिए 1500 रुपये भरने होंगे।
इससे पहले बुधवार को डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू और निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने गौशाला का दौरा किया था।
इस दौरान उन्होंने गौशाला संभाल रही एनजीओ गोपाल गौ सेवा समिति खरड़ के मेंबरों से मुलाकात की थी। साथ ही गौशाला में पशुओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया था।
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इस पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि दूसरे फेज का काम शुरू हो चुका है। इस पर 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू ने वीरवार को दी।
डीसी ने बताया कि जब गौशाला के दोनों फेज बनकर तैयार हो जाएंगे। तो इसमें पांच सौ पशु रखने की क्षमता हो जाएगी। अभी तक पहला फेज बनकर तैयार हुआ।
इसमें 350 पशु रखने की क्षमता है। खरड़ की समाज सेवी संस्था को गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। पांच साल तक संस्था गौशाला की जिम्मेदारी संभालेगी।
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संस्था को पकड़ने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। संस्था ने अब तक करीब 80 पशुओं को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने बताया कि अब लोगों को अपने पालतू पशु खुले में छोड़ना भी काफी मंहगा साबित होगा। क्योंकि प्रशासन ने फैसला लिया है कि जब भी पशु पकड़ा जाएगा, तो एक बार पशु जुर्माना लगाकर छोड़ा जाएगा।
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इस दौरान पशु मालिक से एक एफिडेबिट लिया जाएगा कि वह दोबारा पशु नहीं छोड़ेगा। इसके बाद दोबारा पशु पकड़े जाने पर नहीं छोड़ा जाएगा। निगम ने बड़े पशु के लिए तीन हजार रुपये जुर्माना तय किया है। जबकि छोटे पशु के लिए 1500 रुपये भरने होंगे।
इससे पहले बुधवार को डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू और निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने गौशाला का दौरा किया था।
इस दौरान उन्होंने गौशाला संभाल रही एनजीओ गोपाल गौ सेवा समिति खरड़ के मेंबरों से मुलाकात की थी। साथ ही गौशाला में पशुओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया था।