केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत बोले- जम्मू-कश्मीर की उज्ज नदी का एक बूंद पानी नहीं जाएगा पाक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहपुरकंडी बैराज बांध पर बुधवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पहुंचे। शेखावत ने बैराज बांध अधिकारियों, जम्मू कश्मीर से आए अधिकारियों व केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के साथ बांध परियोजना पर चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इस राष्ट्रीय परियोजना को शीध्र पूरा करने के लिए निर्देश दिए। वहीं जम्मू-कश्मीर की उज्ज नदी का पानी पाक न जाए इसके लिए केंद्रीय मंत्री ने वहां के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। नदी का एक बूंद पानी भी पड़ोसी देश पाकिस्तान न जा सके इस योजना पर काम भी जल रहा है।
उन्होंने सिंचाई सचिव कर्नेश शर्मा, चीफ इंजीनियर एसके सलूजा, एसई हेडक्वार्टर नरेश महाजन, केंद्रीय जल आयोग आयुक्त के बोहरा, सह निदेशक एसके शर्मा, जम्मू कश्मीर सरकार के सिंचाई विभाग आयुक्त अजीत कुमार साहू व अन्य अधिकारियों से बैठक की और निर्माण कार्यो को समय पर पूरा करने के लिए आदेश जारी किए।
शेखावत ने बताया कि बांध को वर्ष 2022 फरवरी तक पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बांध से बचने वाले पानी को सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ भाग भेजकर वहां के सीमा के साथ लगते लगभग 100 गांवों को पीने का पानी भी उपलब्ध करवाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार 86 प्रतिशत फंड देगी। जम्मू कश्मीर को इस बांध के बनने से सबसे अधिक लाभ मिलेगा फिर भी केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के हिस्से के फंड को भी देगा।
उन्होंने बताया कि इस बांध परियोजना के सिंचाई कंपोनेंट के लिए लगभग 726 करोड़ रुपये का अनुमान है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 135 करोड़ एआईवीपी कार्यक्रम के तहत बैराज बांध निर्माण के लिए जारी किए है। बाकी का बनता 14 प्रतिशत शेयर पंजाब सरकार देगी। उन्होंने बताया कि अटल जल योजना के तहत छह हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे गिरते भूजल को बचाने के लिए कई प्रोजेक्टों पर काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके साथ जम्मू-कश्मीर राज्य की उज्ज नदी से पानी की एक बूंद भी पाकिस्तान की तरफ न जा सके, इसके लिए भी उनकी जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों से बैठक हुई है। इस प्रोजेक्ट को भी शीघ्र ही पूरा करने पर बल दिया गया है।