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पंजाब के किसानों को बड़ी राहत, अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बाड़ शिफ्ट करने के लिए केंद्र तैयार : सीएम मान

Sat, 17 Jan 2026 09:07 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 09:07 PM IST
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g relief for Punjab farmers: Centre ready to shift fence near the international border, says CM Mann.
-मान ने कहा, इस फैसले से बाड़ के उस पार फंसी हजारों एकड़ जमीन पर खेती करना होगा आसान
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-अभी तार पार खेती करने में किसानों को होती थी भारी परेशानी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के सीमा क्षेत्रों में बसे किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल पर केंद्र सरकार सीमा के पास लगे बाड़ को शिफ्ट करने के लिए तैयार है। इससे किसानों को बॉर्डर पर हजारों एकड़ कृषि योग्य जमीन पर बेरोकटोक खेती करने का अवसर मिलेगा।
पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटी लगभग 532 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगी हुई है जो कई जगहों पर दो से तीन किलोमीटर अंदर तक जाती है। इससे हजारों एकड़ जमीन तार पार फंसी हुई है और किसान रोजाना पहचान पत्र लेकर बीएसएफ की सुरक्षा में खेतों तक जाते हैं। सीएम मान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार बाड़ जीरो लाइन से 150 मीटर दूर होनी चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इस मांग पर सहमति जताई और बताया कि तार को सीमा के नजदीक शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है।
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मान ने कहा कि इससे किसानों को रोजाना की पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी और वे बिना किसी डर के अपने खेतों में काम कर सकेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। पठानकोट में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का प्रयास पहले किया जा चुका है।
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बीज बिल पर मुख्यमंत्री का विरोध
सीएम मान ने प्रस्तावित केंद्रीय बीज बिल पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और देश के अन्न भंडार में अहम योगदान देता है, लेकिन बिल में राज्य की प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं की गई है। बिल में केंद्रीय बीज समिति में पंजाब की भागीदारी नहीं है। राज्य बीज समिति की भूमिका घटाई गई है। विदेशों से आयातित बीज की स्थानीय टेस्टिंग अनिवार्य नहीं है जिससे किसानों के लिए जोखिम है। मान ने स्पष्ट किया कि बिल को वर्तमान रूप में संसद में पेश नहीं किया जाना चाहिए और केंद्रीय गृह मंत्री ने इस पर जांच का भरोसा दिया।

आरडीएफ

का बकाया मांगा
सीएम मान ने बैठक में रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) के 9030.91 करोड़ रुपये और मार्केट फीस के 2267.83 करोड़ रुपये के बकाये का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर असर पड़ा है। मान ने जोर देकर कहा, “आरडीएफ कोई चैरिटी नहीं है। यह पंजाब का हक है और हम इसे मांग रहे हैं। खरीफ खरीद सीजन 2021-22 से आरडीएफ की कोई किस्त जारी नहीं की गई। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस पर भरोसा दिया कि पहली किस्त जारी करने पर जल्द बैठक बुलाई जाएगी।
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