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बेटे के शव को सेहरा बांध रोता रहा पिता, बोला- आरोपियां नू सजा दिलाऊन लई जाऊंगा हाईकोर्ट

Tue, 02 Jul 2019 09:42 PM IST
ajay kumar वरिंदर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
वरिंदर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 02 Jul 2019 09:42 PM IST
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Funeral of Ajit Singh in Ludhiana
विलाप करते मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला

लुधियाना केंद्रीय जेल में हंगामे के दौरान पुलिस की गोली का शिकार हुए कैदी अजीत सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान शमशान घाट के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा रहा। खुद डीसीपी अश्वनी कपूर पीड़ित परिवार के साथ सिविल अस्पताल गए। वहां से शव को लेकर उनके घर गए।

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संस्कार के दौरान मृतक अजीत सिंह के पिता हरजिंदर सिंह ने हाथ जोड़ कर पुलिस वालों पर ताना मारा कि पुलिस ने ‘मेरा मुंडा मारता’, आरोपियां नू सजा दिलाऊंन लई हाईकोर्ट तक जाऊंगा।’ वहीं, संस्कार के दौरान अजीत की मां की बेहोश हो गईं। जानकारी के अनुसार अजित का परिवार उसका अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं था।
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सोमवार सुबह डीसीपी अश्वनी कपूर की अगुवाई में एक टीम अजीत सिंह के घर गई जहां उन्होंने उसके माता-पिता को मनाया। साथ ही उन्होंने परिवार वालों को धमकाया भी कि अगर वे नहीं माने तो वह खुद ही शव का अंतिम संस्कार कर देंगे।

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Funeral of Ajit Singh in Ludhiana
मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद अजीत के परिजन तैयार हो गए। पुलिस मुलाजिम उसके माता-पिता को एंबुलेंस में सिविल अस्पताल लेकर गए। जहां मोर्चरी से शव लेकर पहले अजीत के घर गए। रस्में अदा करने के बाद शव को अरोड़ा पैलेस, दाना मंडी स्थित शमशानघाट में लाया गया जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

बेटे के शव को सेहरा बांध रोते रहे पिता 
अंतिम संस्कार का समय अजीत का पूरा परिवार बेहाल था। पिता हरजिंदर सिंह बार बार एक ही बात दोहरा रहे थे कि पुलिस ने उनके बेटे को झूठे केस में फंसाया था। अभी उसकी जमानत होने वाली थी। वह इस झूठे केस से बरी भी हो जाता। इसलिए वह अपने बेटे की शादी की सोच रहे थे। 

उन्हें नहीं पता था कि उनको बेटे के शव पर सेहरा बांधना पड़ेगा। वहीं अजीत की मां रोते-रोते बोल रही थी, उसके बेटे को जानबूझ कर मारा गया है। उसका बेटा लड़ाई झगड़े में नहीं था। वह तो उससे मिलने के लिए आया था जब वापस जाने लगा तो उसे गोली मार दी गई।

रिकॉर्ड जलने से परेशान जेल प्रबंधक 
जेल में हुए हंगामे के दौरान कैदियों ने रिकॉर्ड रूम को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना में जेल का पूरा रिकॉर्ड जलकर खाक हो चुका है। जेल प्रशासन को उक्त रिकॉर्ड न होने से खासी परेशानी आ रही है। जेल प्रशासन अब सारा रिकॉर्ड दोबारा बना रही है ताकि व्यवस्था सही की जा सके। 

रिकॉर्ड रूम में सभी हवालातियों और कैदियों का रिकॉर्ड था। उसमें कितने हवालती है और कितने कैदी। उनका एड्रेस, उसके केस की डिटेल, इसके अलावा किस बैरक में कैद का कैदी या हवालाती है, इस सब की डिटेल रिकॉर्ड में थी। पूरे रिकॉर्ड को दोबारा तैयार करने में लगभग 15 दिन का समय लगेगा।

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