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अगले हफ्ते से साढ़े 62 हजार परिवारों को मिलेगा मुफ्त गेहूं
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चंडीगढ़। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के चौथे चरण के तहत राशन बांटने का सिलसिला अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा। खाद्य विभाग ने राशन वितरण के लिए एजेंसी तय कर दी है। शुक्रवार को विभाग ने अनुसूची भी जारी कर दी। इसके तहत डीबीटी लाभार्थियों को पांच महीने के लिए प्रति सदस्य 25 किलो गेहूं मिलेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत शहर में लाभार्थियों को राशन नहीं दिया जाता, बल्कि पीले कार्डधारक परिवार के लिए 125.46 रुपये प्रति सदस्य (हर माह) व अंत्योदय अन्न योजना के तहत 878.22 रुपये प्रति परिवार (हर माह) जारी किए जाते हैं, लेकिन कोरोना के बाद से केंद्र सरकार ने सूखा राशन देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत पांच महीने का राशन एक साथ चंडीगढ़ के करीब साढ़े 62 हजार परिवारों को दिया जाएगा।
यूटी प्रशासन के खाद्य विभाग के पास कोई भी सरकारी राशन की दुकान नही है, इसलिए विभाग एजेंसी नियुक्त करता है, जो शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों, कम्यूनिटी सेंटर, ग्राउंड व अन्य जगहों पर जाकर राशन वितरण का कार्य करती है। एजेंसी पर खाद्य विभाग के अधिकारी नजर रखते हैं और जांच करते हैं। प्रशासन की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि एजेंसी सभी लाभार्थियों के घरों के पास ही राशन वितरण करने के लिए शिविर लगाए। उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन भी दिया जाएगा, जिसमें रिकॉर्ड रखना करना होगा। रोजाना की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और अधिकारियों का रूटीन प्लान भी बनाया जाएगा। प्रत्येक टीम के साथ सुरक्षा कर्मी भी उपस्थित होगा, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सकें।
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ई-केवाईसी होगी शुरू
विभाग को संदेह है कि शहर में अभी भी कई ऐसे परिवार हैं, जो सक्षम हैं लेकिन योजना के तहत राशन ले रहे हैं, इसलिए पीएमजीकेवाई के चौथे चरण के राशन वितरण के साथ विभाग ई-केवाईसी शुरू करेगा। इसके तहत जो भी व्यक्ति राशन लेने आएगा, उससे कुछ जानकारियां मांगी जाएंगी। इनकी मदद से खाद्य विभाग अपने डाटा को अपडेट करेगा और अगर कोई ऐसा मिलता है, जिसकी आय एनएफएसए-2013 के मानदंडों से ज्यादा है तो उसे लाभार्थियों की सूची से बाहर किया जाएगा।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत शहर में लाभार्थियों को राशन नहीं दिया जाता, बल्कि पीले कार्डधारक परिवार के लिए 125.46 रुपये प्रति सदस्य (हर माह) व अंत्योदय अन्न योजना के तहत 878.22 रुपये प्रति परिवार (हर माह) जारी किए जाते हैं, लेकिन कोरोना के बाद से केंद्र सरकार ने सूखा राशन देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत पांच महीने का राशन एक साथ चंडीगढ़ के करीब साढ़े 62 हजार परिवारों को दिया जाएगा।
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यूटी प्रशासन के खाद्य विभाग के पास कोई भी सरकारी राशन की दुकान नही है, इसलिए विभाग एजेंसी नियुक्त करता है, जो शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों, कम्यूनिटी सेंटर, ग्राउंड व अन्य जगहों पर जाकर राशन वितरण का कार्य करती है। एजेंसी पर खाद्य विभाग के अधिकारी नजर रखते हैं और जांच करते हैं। प्रशासन की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि एजेंसी सभी लाभार्थियों के घरों के पास ही राशन वितरण करने के लिए शिविर लगाए। उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन भी दिया जाएगा, जिसमें रिकॉर्ड रखना करना होगा। रोजाना की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और अधिकारियों का रूटीन प्लान भी बनाया जाएगा। प्रत्येक टीम के साथ सुरक्षा कर्मी भी उपस्थित होगा, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सकें।
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ई-केवाईसी होगी शुरू
विभाग को संदेह है कि शहर में अभी भी कई ऐसे परिवार हैं, जो सक्षम हैं लेकिन योजना के तहत राशन ले रहे हैं, इसलिए पीएमजीकेवाई के चौथे चरण के राशन वितरण के साथ विभाग ई-केवाईसी शुरू करेगा। इसके तहत जो भी व्यक्ति राशन लेने आएगा, उससे कुछ जानकारियां मांगी जाएंगी। इनकी मदद से खाद्य विभाग अपने डाटा को अपडेट करेगा और अगर कोई ऐसा मिलता है, जिसकी आय एनएफएसए-2013 के मानदंडों से ज्यादा है तो उसे लाभार्थियों की सूची से बाहर किया जाएगा।