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चंडीगढ़: समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर भाई-बहन से 30 लाख की ठगी, तीन पर केस दर्ज
Tue, 03 May 2022 01:06 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 03 May 2022 01:06 PM IST
सार
सैलरी न मिलने पर विभाग से संपर्क करने पर पता चला कि हरियाणा के समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में कोई भी सरकारी नौकरी नहीं है। तुम्हें एनजीओ में नौकरी पर रखा हुआ है। एनजीओ के बिल पास होने के बाद तनख्वाह मिलेगी।
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- फोटो : istock
विस्तार
समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर भाई-बहन से 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चंडीगढ़ सेक्टर 17 थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हिसार निवासी योगेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अक्तूबर 2020 में उसके जानकार हिसार के खांडा खेड़ी निवासी सोमवीर का फोन आया कि उसका जानकार पेटवाड़ गांव निवासी धर्मवीर सरकारी नौकरी लगवा देगा। उसकी आला अफसरों और नेताओं से जान पहचान है। उसने सोमवीर और धर्मवीर से संपर्क किया।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी विपिन की हरियाण के समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में अच्छी जान पहचान है वह उसे नौकरी लगवा देगा। इसके लिए 15 लाख रुपये देने होंगे। योगेंद्र ने उसे और उसकी चचेरी बहन को सरकारी नौकरी लगवाने के लिए 30 लाख रुपये विपिन, धर्मवीर और सोमवीर को दे दिए। तीनों ने उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दिया और मेडिकल करवाने के लिए फार्म दे दिया। योगेंद्र और उसकी बहन ने मेडिकल करवाया और उन्हें हरियाणा के समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में नौकरी ज्वाइन करवा दी गई। दोनों ने भिवानी और कैथल में डयूटी की। कुछ महीने तक उन्हें तनख्वाह नहीं मिली तो उन्होंने विभाग से पता किया।
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विभाग ने बताया कि हरियाणा के समाधान ग्रामीण कल्याण विभाग में कोई भी सरकारी नौकरी नहीं है। तुम्हें एनजीओ में नौकरी पर रखा हुआ है। एनजीओ के बिल पास होने के बाद तनख्वाह मिलेगी। योगेंद्र ने तुंरत उक्त तीनों लोगों से बातचीत की और अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने जांच के बाद विपिन, धर्मवीर और सोमवीर पर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।