PGI: छूट के नाम पर लूट, एक दवा के दो दाम
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पीजीआई की केमिस्ट शॉप में दवाओं के नाम पर चल रहे गोरखधंधे का एक नया खुलासा सामने आया है। इससे साफ पता चल रहा है कि किस तरीके से मरीजों की जेब काटी जा रही है।
पीजीआई ने जिस शॉप को ब्रांडेड दवाओं पर 57.2 प्रतिशत छूट देने की शर्त पर अलॉट की थी, उस शॉप ने एमआरपी और बैच नंबर पर खेलकर मरीज को ठग लिया।
जांच में पता चला कि यमुनानगर के एक मरीज के परिजन मिक्की ने नौ जुलाई को ओल्ड शापिंग कांप्लेक्स में स्थित शिवांगी मेडिकोज से ट्राशियोस्टॉमी की एक ट्यूब खरीदी। इसका बैच नंबर 2623399 था।
बिल के मुताबिक इसका एमआरपी प्राइज 1550 रुपये था। 57.2 प्रतिशत छूट देकर मिक्की को यह दवा 663.5 रुपये में थमाई गई। दो दिन बाद यानी 11 जुलाई को मिक्की दोबारा से दवा लेने आता है तो इसी कंपनी की दवा करीब 300 रुपये महंगी हो जाती है।
दो दिन में दवा के दाम में कर दी 300 रुपये की बढ़ोतरी
बिल के मुताबिक ट्यूब का बैच नंबर 2491771 था। इसका एमआरपी प्राइज 1845 रुपये था। 57.2 प्रतिशत छूट देकर मिक्की को यह दवा 790 रुपये में दी गई। इसका मतलब यह हुआ कि पुराने बैच की दवा 300 रुपये महंगी थी।
अमर उजाला ने जांच में यह भी पाया है कि अब तक इस ट्यूब का एमआरपी 1800 तक गया ही नहीं। पुराने बैच की दवा तो सस्ती थी। अमर उजाला के पास दोनों ही बिल की कॉपी है।
ज्यादा डिस्काउंट देने के बावजूद केमिस्ट शॉप अपना प्राफिट किसी तरह से कम नहीं होने देते। यह खेल एमआरपी और बैच नंबर के खेल में सामने आ चुका है। प्रताड़ित मरीज ने फिलहाल इसकी शिकायत डायरेक्टर व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से कर दी है।
छूट के नाम पर अलॉट की गई थी शॉप
पीजीआई ने इस केमिस्ट शॉप को छूट के नाम पर अलॉट की थी। संस्थान ने शर्त रखी थी कि केमिस्ट शॉप को सभी ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत डिस्काउंट देना होगा। टेंडर हुए तो शिवांगी मेडिकोज ने शर्त से ज्यादा डिस्काउंट देने की बात कही।
टेंडर में 57.2 प्रतिशत छूट देने का दावा किया गया। मरीजों को फिलहाल इतने डिस्काउंट पर दवा तो मिली नहीं उल्टा मरीजों को ठग लिया गया।
दूसरी तरफ शॉप में कभी भी फुल स्टॉक नहीं रखा गया। इस बारे में मरीज भी कई बार शिकायत दे चुके हैं। जब भी वे दवा लेने जाते हैं तो उन्हें अधिकतर बार मायूस होकर लौटना पड़ता है।
इस तरह से देखिए खेल
प्रोडक्ट का नाम------बैच नंबर----एक्सपायरी-----एमआरपी
ट्राशियोस्टॉमी--------2491771------5/16-------1845
ट्राशियोस्टॉमी--------2623399-----12/16-------1550
ट्राशियोस्टॉमी--------2555321-----10/16-------1550
पहले भी कई शिकायत मिली है। इस बारे में मेडिकोज को चेताया जा चुका है। यदि इस तरह की भी गड़बड़ी है तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी
अरविंद राजवंशी, चेयरमैन एस्टेट कमेटी पीजीआई