पंजाब के बठिंडा स्थित मिलिट्री स्टेशन में हुई फायरिंग की घटना से दिनभर सनसनी मची रही। पहले चार लोगों के मरने की खबर आई। मगर इनके बारे में कुछ पता नहीं चला। हालांकि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि जान गंवाने वाले सभी सेना के जवान हैं लेकिन इतनी बड़ी घटना कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह रही... अभी तक यह स्पष्ट नहीं है। हर कोई घटना की वजह जानना चाहता है।
बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग: कैसे चली गोली... क्यों गई चार जवानों की जान? इस घटना से पूरा देश हैरान
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एसपी (डी) अजय गांधी ने बताया कि घटना की प्राथमिक जांच दौरान सेना एवं पुलिस को इंसास राइफल के 19 खोल मौके से मिले हैं। आशंका जताई जा रही कि उक्त घटना में चोरी की गई इंसास राइफल का इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि दो दिन पहले मिलिट्री स्टेशन से इंसास राइफल और 28 कारतूसों की चोरी हुई थी। घटना को आपसी रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन इस बारे में पंजाब पुलिस और सेना के किसी भी अधिकारी ने कोई पुष्टि नहीं की। मगर पंजाब की मंत्री अनमोल गगन मान ने इसे आपसी लड़ाई जरूर बताई। कैंट सूत्रों के हवाले से पता चला है कि तीन दिन पहले कैंट के जंगल से एक व्यक्ति का शव मिला था। हालांकि इसकी भी किसी ने पुष्टि नहीं की थी।
'फायरिंग आतंकी घटना नहीं'
घटना के वक्त ही स्टेशन की क्विक रिएक्शन टीमों को सक्रिय कर दिया गया था। पूरे इलाके को घेरा गया। बठिंडा में आर्मी कैंट के सभी एंट्री गेटों को बंद कर दिया गया है। हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। बठिंडा के एसएसपी ने कहा कि मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग आतंकी घटना नहीं है।
रक्षा मंत्री को दी गई जानकारी
घटना के बारे में सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी। सेना पूरे घटनाक्रम की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। बठिंडा छावनी के अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि घटना के पीछे की वजह क्या है? मिलिट्री स्टेशन में बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे फायरिंग हुई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में सेना की आर्टिलरी यूनिट के चार जवानों की मौत हुई है।
बठिंडा में दिनभर रही घटना की चर्चा
बुधवार सुबह फायरिंग की सूचना जैसे ही पहुंची तो शहर समेत पूरे जिले में लोगों के बीच दहशत देखने को मिली। घटना सभी के जुबान पर चर्चा का विषय बनी रही। लोग लगातार दोस्तों और अपनों से फोन पर फायरिंग के पीछे की वजह तलाशते रहे। वहीं 13 अप्रैल को कैंट से 30 किलोमीटर दूर तलवंडी साबो स्थित श्री दमदमा साहिब में बैसाखी के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इससे एक दिन पहले हुई इस घटना ने लोगों में सनसनी पैदा कर दी।
रास्ते पर की गई नाकाबंदी
घटना के बाद पंजाब पुलिस के एसपी और डीएसपी ने कैंट के अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन कैंट अधिकारियों ने उन्हें काफी देर तक अंदर नहीं जाने दिया। जब कुछ घंटे के बाद पंजाब पुलिस के अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति मिली तो उनके फोन बाहर रखवा लिए गए। कैंट इलाके को जाने वाले सभी रास्तों पर सेना ने नाकाबंदी कर दी और इसके अलावा पंजाब पुलिस ने भी कैंट को जाने वाले रास्ते पर नाकाबंदी की है।
इन जवानों ने गंवाई जान
- ड्राइवर एमटी संतोष
- ड्राइवर एमटी कमलेश
- ड्राइवर एमटी सगरबान
- गनर योगेश कुमार