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CTU भर्ती परीक्षा: चार फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार, पीयू की पर्यवेक्षक पर अब तक कार्रवाई नहीं, अभ्यर्थियों में रोष

Tue, 18 Jul 2023 01:33 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 18 Jul 2023 01:33 AM IST
सार

पहला मामला सेक्टर-11 थाना पुलिस ने सेक्टर के सरकारी मॉडल हाई स्कूल की सुपरिंटेंडेंट सरिता ठाकुर की शिकायत पर दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला अभिद भिवानी के रहने वाले वास्तविक उम्मीदवार सुनील की जगह सीटीयू चालक की भर्ती परीक्षा देने पहुंचा था। 

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Four fake candidates arrested in CTU recruitment exam
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) में 131 परिचालकों और 46 भारी वाहन चालकों की भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर नकल व अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। जीसीजी-42 के परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने नकल कराने के आरोप में जमकर हंगामा किया था और पीयू की महिला पर्यवेक्षक और एक अभ्यर्थी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। चंडीगढ़ पुलिस ने भर्ती परीक्षा में नकल व अनियमितता के मामले में चार मामले दर्ज किए हैं। 

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हैरत की बात यह है कि जीसीजी-42 के परीक्षा केंद्र पर पकड़ी गई पीयू की महिला पर्यवेक्षक और अभ्यर्थी के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्हें पूछताछ के बाद रविवार को छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली, इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। उधर, पीयू के रजिस्ट्रार का कहना है कि उन्हें परीक्षा केंद्र से कोई भी शिकायत नहीं मिली है। 
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वहीं, जीसीजी-42 के परीक्षा केंद्र पर भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि पीयू की महिला कर्मचारी को बचाया जा रहा है। पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि इस परीक्षा में पंजाब, हरियाणा समेत आसपास के राज्यों से करीब 60 हजार अभ्यर्थी पहुंचे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने परीक्षा के दौरान चार फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 

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पहला मामला सेक्टर-11 थाना पुलिस ने सेक्टर के सरकारी मॉडल हाई स्कूल की सुपरिंटेंडेंट सरिता ठाकुर की शिकायत पर दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला अभिद भिवानी के रहने वाले वास्तविक उम्मीदवार सुनील की जगह सीटीयू चालक की भर्ती परीक्षा देने पहुंचा था। 

वहीं, सेक्टर-11 के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट डॉ. बेणुधार पात्रा की शिकायत पर दूसरा मामला दर्ज किया गया है। यहां कैथल निवासी बलिंदर सिंह कैथल के ही वास्तविक उम्मीदवार प्रवीण कुमार की जगह चालक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचा था।
 
तीसरा मामला सेक्टर-19 थाना पुलिस ने सेक्टर-20 डी के सरकारी मॉडल हाईस्कूल के सुपरिंटेंडेंट राजेंद्र सिंह की शिकायत पर दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, रोहतक का संदीप, नमित नामक वास्तविक उम्मीदवार की जगह चालक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचा था। वहीं, चौथा मामला सेक्टर-39 थाना पुलिस ने सेक्टर-36 डी के सरकारी मॉडल हाईस्कूल के सुपरिंटेंडेंट दिनेश कुमार की शिकायत पर दर्ज किया है। 

आरोप के मुताबिक, कैथल का मुनीष, कैथल के ही रहने वाले अभिषेक नामक वास्तविक उम्मीदवार की जगह परिचालक की भर्ती परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचा था। पुलिस अब वास्तविक उम्मीदवारों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि फर्जी उम्मीदवारों ने परीक्षा देने के लिए कुल कितनी रकम ली थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का रिमांड लिया है और इनसे पूछताछ जारी है।

अभ्यर्थियों में रोष, कहा- परीक्षा केंद्र के बाहर आरोपी का प्रश्नपत्र मिला, भागते हुए वीडियो वायरल, फिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई

उधर, जीसीजी-42 में बने परीक्षा केंद्र पर जिन दो उम्मीदवारों बलजिंदर सिंह और जसविंदर सिंह ने आरोपी महिला पर्यवेक्षक और अभ्यर्थी को पकड़ा था, उनसे भी सोमवार को पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली। बलजिंदर सिंह और जसविंदर सिंह ने ही पीयू की महिला पर्यवेक्षक को आरोपी अभ्यर्थी को फोन देते देखा था। दोनों अभ्यर्थी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होने से रोष में हैं।

उनका आरोप है कि अफसर पीयू की महिला पर्यवेक्षक और आरोपी अभ्यर्थी को बचा रहे हैं। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी सिमरगोपाल सिंह ने कहा कि वह जीसीजी-42 के सेंटर पर देर शाम तक इस इंतजार में बैठे रहे कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही उनके बयान लिए गए। आवाज उठाने पर उलटा पुलिस ने उनके ही आधार कार्ड की जानकारी ले ली।

अभ्यर्थी जसविंदर सिंह ने कहा कि आरोपी का प्रश्नपत्र कॉलेज के बारह से बरामद हुआ, उनके भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है फिर भी मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। ऐसा लग रहा है पीयू अपनी कर्मचारी को बचा रही है। अभ्यर्थी लखविंदर सिंह ने कहा कि ईमानदार अभ्यर्थी भर्ती के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं लेकिन हमारी मेहनत पर ऐसे लोग पानी फेर देते हैं। इन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। 
 

पीयू के पास अभी तक कॉलेज में पीयू के कर्मचारी की ओर से नकल करवाने के मामले में कोई शिकायत नहीं की गई है। - प्रो. वाईपी वर्मा, रजिस्ट्रार, पीयू 

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