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डंपिंग ग्राउंड में सेनिटरी लैंडफिल बनाने के लिए चार कंपनियों ने किया आवेदन
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चंडीगढ़। डंपिग ग्राउंड के पास 8 एकड़ में बनने वाले सेनिटरी लैंडफिल के लिए चार कंपनियों ने आवेदन किया है। इसमें एसएमस लिमिटेड, गोरांतला जिओसिंथेटिक प्राइवेट लिमिटेड, वरुण प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड और गोयंत ट्रेडिंग कंपनी शामिल है। 12 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए चारों कंपनियों की टेक्निकल बिड देखी जाएगी। इसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड डंपिंग ग्राउंड में सेनिटरी लैंड फिल साइट बनाने जा रही है। इस साइट की 12 फीट की चारदीवारी होगी और लीचेट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा जिससे ट्रीट किया पानी सीवर लाइन में डाला जा सकेगा। साइट पर रिसाइकिल नहीं होने वाला रोज 5 से 10 फीसदी कचरा गिराया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड की खुदाई में बचा वेस्ट भी वहीं जाएगा। ज्ञात हो कि निगम ने जेपी एसोसिएट के साथ 2005 में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगवाने का एमओयू किया था।
इसके बाद कंपनी ने प्लांट लगाने का काम शुरू किया और प्लांट 2008 मई में शुरूकिया गया। 2009 में ठीक से काम शुरू हुआ। इसके बाद निगम ने फेज वन में रोड किनारे लगती 22 एकड़ जमीन को 2011 तक सेनिटरी लैंड फिल बनाया। इसके नीचे लीचेट को निकालने के लिए पाइप बिछाई गई थी, लेकिन लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया। ऐसे में लीचेट एक जगह जमा होता गया। इसकी वजह से आसपास के लोगों को बदबू से ज्यादा परेशान होती गई। अब इस प्रोजेक्ट से निगम लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करेगा। अभी डंपिंग ग्राउंड में लीचेट जमा रहने से आसपास रहने वालों को परेशानी हो रही है। अब सेनिटरी लैंड फिल साइट के नीचे पाइप बिछाई जानी हैं, जिससे की लीचेट इकट्ठा होकर लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा। वहां से ट्रीट करके लीचेट को सीवर लाइन में छोड़ा जाएगा। वहां से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट होकर पार्कों की सिंचाई के लिए शहर में पहुंचेगा। ऐसा किए जाने से लीचेट की समस्या खत्म हो जाएगी।
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चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड डंपिंग ग्राउंड में सेनिटरी लैंड फिल साइट बनाने जा रही है। इस साइट की 12 फीट की चारदीवारी होगी और लीचेट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा जिससे ट्रीट किया पानी सीवर लाइन में डाला जा सकेगा। साइट पर रिसाइकिल नहीं होने वाला रोज 5 से 10 फीसदी कचरा गिराया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड की खुदाई में बचा वेस्ट भी वहीं जाएगा। ज्ञात हो कि निगम ने जेपी एसोसिएट के साथ 2005 में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगवाने का एमओयू किया था।
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इसके बाद कंपनी ने प्लांट लगाने का काम शुरू किया और प्लांट 2008 मई में शुरूकिया गया। 2009 में ठीक से काम शुरू हुआ। इसके बाद निगम ने फेज वन में रोड किनारे लगती 22 एकड़ जमीन को 2011 तक सेनिटरी लैंड फिल बनाया। इसके नीचे लीचेट को निकालने के लिए पाइप बिछाई गई थी, लेकिन लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया। ऐसे में लीचेट एक जगह जमा होता गया। इसकी वजह से आसपास के लोगों को बदबू से ज्यादा परेशान होती गई। अब इस प्रोजेक्ट से निगम लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करेगा। अभी डंपिंग ग्राउंड में लीचेट जमा रहने से आसपास रहने वालों को परेशानी हो रही है। अब सेनिटरी लैंड फिल साइट के नीचे पाइप बिछाई जानी हैं, जिससे की लीचेट इकट्ठा होकर लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा। वहां से ट्रीट करके लीचेट को सीवर लाइन में छोड़ा जाएगा। वहां से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट होकर पार्कों की सिंचाई के लिए शहर में पहुंचेगा। ऐसा किए जाने से लीचेट की समस्या खत्म हो जाएगी।
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