फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Fountains closed two years benches broken condition parks left hope improvement

सेक्टर 29 के पार्क में दो साल से बंद पड़े फव्वारे, बेंच भी टूटे, लोग बोले- पार्कों की हालत को देख सुधार की उम्मीद ही छोड़ी

Sun, 04 Oct 2020 01:06 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 01:06 AM IST
विज्ञापन
Fountains closed two years benches broken condition parks left hope improvement
चंडीगढ़। सेक्टर-29 में छोटे और बड़े कुल 30 पार्क हैं। इन पार्कों की स्थिति इतनी खस्ता है कि लोगों ने इनमें सुधार की उम्मीद ही छोड़ दी है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि इन पार्कों में दो साल से न तो पानी आता है और न ही इनकी ठीक प्रकार से देखभाल होती है। एक पार्क में लगे फव्वारे दो साल से बंद पड़े हैं। उनके नीचे फफूंदी लग गई है। बारिश के मौसम में पानी भरने से बदबू आती है जिस कारण मच्छर भी पैदा हो रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि कूड़ेदान से समय पर कूड़ा भी नहीं उठाया जाता जिससे गंदगी फैल रही है।
विज्ञापन

व्यवस्था न होने से बुजुर्गों ने पार्क में आना छोड़ा
पार्कों के चारों तरफ बनी रेलिंग भी टूट गई है। इसे लेकर कई बार सूचना दी जा चुकी है लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। वरिष्ठ नागिरक सुबह और शाम पार्क में ही आते हैं। व्यवस्था न होने पर कुछ लोगों ने पार्कों में आना ही छोड़ दिया है। रेलिंग न होने से कुत्ते पार्क में गंदगी फैला रहे हैं। -सोहन सिंह, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
विज्ञापन

ओपन जिम टूटने से हो रही परेशानी
पार्क में फव्वारे तो लगाए गए हैं, लेकिन बिना पानी के उन्हें लगाने का कोई अर्थ नहीं है। पार्कों में लगे ओपन जिम के उपकरण भी काफी समय से टूटे हुए हैं। इससे लोगों को व्यायाम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के खेलने के लिए लगाए झूलों की भी मरम्मत होने वाली है। -डिंपी रेहल, ब्लॉक अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्कों में लगे बेंच भी टूटे
पार्कों में कई जगह गड्ढे बने हुए हैं। इनमें बारिश का पानी भरने के कारण फफूंदी लग गई है। कई जगह पर पानी भरने से कीचड़ रहता है। कुछ पार्कों में बैठने के लिए बने बेंच भी टूट गए हैं। लोग हर तरह से कर अदा करते हैं पर इसके बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं। फिलहाल निगम के पास बजट नहीं है। -हरीश छाबड़ा, सचिव आरडब्ल्यूए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed