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Hindi News ›   Chandigarh ›   Former president of Punjab-Haryana High Court Bar Association Vikas Malik arrested

Chandigarh News: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विकास मलिक गिरफ्तार

Sat, 13 Jul 2024 07:11 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:11 AM IST
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Former president of Punjab-Haryana High Court Bar Association Vikas Malik arrested
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट विकास मलिक को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने की है।
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इससे पहले बार काउंसिल ऑफ पंजाब-हरियाणा विकास मलिक का लाइसेंस भी अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर चुकी है। हाईकोर्ट के वकील रंजीत सिंह पर हमले के आरोप में पुलिस ने बीते एक जुलाई को विकास समेत अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मलिक को पुलिस शनिवार को जिला अदालत में पेश कर सकती है।
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उन पर हाईकोर्ट बार परिसर के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी गायब करने के आरोप है। वहीं, मलिक यौन शोषण के भी आरोप भी झेल रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर फिलहाल कोई केस दर्ज नहीं है। मलिक से जुड़े मामलों पर बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कमेटी भी सुनवाई कर रही है।
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मारपीट के जिस मामले में मलिक को गिरफ्तार किया गया है, उसमें एडवोकेट रंजीत सिंह साथी अंजलि और दिनेश के साथ उनके ऑफिस में हाईकोर्ट के आदेशों से जुड़े दस्ती समन के संबंध में गए थे। यहां पर विकास मलिक और उनके साथियों ने एडवोकेट रंजीत सिंह पर हमला कर दिया था।
आरोप है कि कहासुनी के बीच विकास मलिक व अन्य लोगों ने रणजीत सिंह से मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जमीन पर घसीटते हुए चेंबर से बाहर ले गए और उनके सारे कपड़े फाड़ दिए। सभी लोग मारपीट करते हुए उन्हें लाइब्रेरी तक ले गए और उनका सिर दिवार में मार दिया।
इसी बीच आकर कुछ अन्य अधिवक्ताओं ने बचाया। इसके बाद पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कोर्ट में पेश हुआ और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को शिकायत देने को कहा।
कमेटी ने किया था लाइसेंस निलंबित
विकास मलिक के खिलाफ शिकायत पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कमेटी ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया था। कमेटी ने कहा था कि वकील से मारपीट के मामले में एक जुलाई को दर्ज एफआईआर का सबूत सीसीटीवी फुटेज है। मलिक पर इसे गायब करने का आरोप है और ऐसे में उन्होंने बार प्रधान के प्रतिष्ठित पद की गरिमा पर कलंक लगाया है। बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कमेटी को बीते बुधवार को शिकायतकर्ता ने बताया कि विकास मलिक के खिलाफ शिकायत करने के चलते उसके घर एक वकील व एक अन्य शख्स पहुंचा था। उन्होंने शिकायतकर्ता को डराने और इस मामले को खत्म करने की धमकी दी, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए कहा। इस मामले में पुलिस को मांगपत्र देकर शिकायतकर्ता ने सुरक्षा की मांग की है।

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन के फंड घोटाले को लेकर वकील अंजलि कक्कड़ ने याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को आदेश दिया था कि फंड के घोटाले के साथ महिला वकीलों की शिकायतों को लेकर भी सुनवाई की जाए। यदि विकास मलिक इस मेंबर काउंसिल का सहयोग नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया जाए। बार काउंसिल ने अपना आदेश जारी करते हुए कहा कि विकास मलिक का कृत्य इतना बड़ा है कि हाईकोर्ट को इस तरह का आदेश जारी करना पड़ा। हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ के एसपी को आदेश दिया था कि एक जुलाई को दर्ज की गई एफआईआर की वह खुद निगरानी करेंगे। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि यदि इस मामले में अन्य धाराएं बनती हैं तो उन्हें भी जोड़ा जाए। हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस कार्यालय में आई विकास मलिक के खिलाफ महिला वकीलों और कर्मचारियों की शिकायत भी बार काउंसिल को भेजने का आदेश दिया था।
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