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हरियाणाः मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व मंत्रियों को बकाया चुका देने पर ही मिलेंगे रुके वेतन-भत्ते
Mon, 25 Nov 2019 09:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 25 Nov 2019 09:17 AM IST
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हरियाणा की पिछली मनोहर लाल सरकार के आठ हारे हुए समेत कुल दस पूर्व मंत्रियों को रुके हुए वेतन-भत्तों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
मुख्य सचिव कार्यालय के राजनैतिक एवं संसदीय मामले विभाग ने सभी दस पूर्व मंत्रियों की विभिन्न विभागों को देय राशि का ब्योरा मांगा है। देय राशि संबंधी जानकारी आने पर सरकार नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) जारी करेगी, उसके बाद ही पूर्व मंत्रियों को रुका हुआ वेतन और भत्ते जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव कार्यालय ने लेखा शाखा और ट्रेजरी को भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि दस पूर्व मंत्रियों का एनडीसी जारी होने तक कोई पेमेंट न करें। विभागों को पूर्व मंत्रियों की देय राशि संबंधी ब्योरा देने के लिए 29 नवंबर तक की डेडलाइन तय की गई है।
अगर तय अवधि में विभाग मंत्रियों की देय राशि संबंधी कोई जानकारी नहीं देते हैं तो मुख्य सचिव कार्यालय यह मान लेगा कि कोई भुगतान लंबित नहीं है। ये मानते हुए पूर्व मंत्रियों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाएंगे। जिसकी पूरी जिम्मेवारी विभागों की होगा। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद किसी भी विभाग के क्लेम पर गौर नहीं किया जाएगा।
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हरियाणा की तेरहवीं विधानसभा के सदस्य पूर्व मंत्रियों का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2019 तक माना गया है, चूंकि 27 अक्टूबर को नई सरकार अस्तित्व में आ गई थी। अक्टूबर महीने में प्रदेश की 14वीं विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे, जबकि सितंबर के चौथे सप्ताह में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी।
इसलिए मंत्रियों का वेतन और परिवहन संबंधी भत्ते जारी नहीं हुए थे। चुनाव में आठ मंत्री हार गए, जबकि दो मंत्रियों राव नरबीर सिंह व विपुल गोयल को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था।
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मुख्य सचिव कार्यालय के राजनैतिक एवं संसदीय मामले विभाग ने सभी दस पूर्व मंत्रियों की विभिन्न विभागों को देय राशि का ब्योरा मांगा है। देय राशि संबंधी जानकारी आने पर सरकार नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) जारी करेगी, उसके बाद ही पूर्व मंत्रियों को रुका हुआ वेतन और भत्ते जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव कार्यालय ने लेखा शाखा और ट्रेजरी को भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि दस पूर्व मंत्रियों का एनडीसी जारी होने तक कोई पेमेंट न करें। विभागों को पूर्व मंत्रियों की देय राशि संबंधी ब्योरा देने के लिए 29 नवंबर तक की डेडलाइन तय की गई है।
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अगर तय अवधि में विभाग मंत्रियों की देय राशि संबंधी कोई जानकारी नहीं देते हैं तो मुख्य सचिव कार्यालय यह मान लेगा कि कोई भुगतान लंबित नहीं है। ये मानते हुए पूर्व मंत्रियों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाएंगे। जिसकी पूरी जिम्मेवारी विभागों की होगा। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद किसी भी विभाग के क्लेम पर गौर नहीं किया जाएगा।
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हरियाणा की तेरहवीं विधानसभा के सदस्य पूर्व मंत्रियों का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2019 तक माना गया है, चूंकि 27 अक्टूबर को नई सरकार अस्तित्व में आ गई थी। अक्टूबर महीने में प्रदेश की 14वीं विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे, जबकि सितंबर के चौथे सप्ताह में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी।
इसलिए मंत्रियों का वेतन और परिवहन संबंधी भत्ते जारी नहीं हुए थे। चुनाव में आठ मंत्री हार गए, जबकि दो मंत्रियों राव नरबीर सिंह व विपुल गोयल को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था।
इन विभागों से मांगी लंबित भुगतान की जानकारी
पिछली मनोहर सरकार के दस पूर्व मंत्रियों पर अगर कोई बकाया लंबित है तो सरकारी विभागों को उसकी जानकारी हर हाल में देनी होगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, उत्तर हरियाणा-दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम व हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, निदेशक आतिथ्य सत्कार, हरियाणा पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक, मिनिस्टर कार सेक्शन के सीनियर मैकेनिकल इंजीनियर, हरियाणा पीडब्ल्यूडी के निर्माण डिवीजन के अधिशासी अभियंता से लंबित भुगतान का ब्योरा तलब किया गया है।
लेखा शाखा व ट्रेजरी को ये निर्देश
मुख्य सचिव कार्यालय से हरियाणा सरकार की लेखा शाखा के उप सचिव सामान्य को निर्देश दिए गए हैं कि पूर्व मंत्रियों का वेतन और टीए बिल तब तक तैयार न किए जाएं जब तक उन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी नहीं कर दिया जाता।
इसके अलावा वेतन बिलों की जानकारी राजनैतिक व संसदीय मामले विभाग को मुहैया कराई जाए। चंडीगढ़ में मौजूद हरियाणा के ट्रेजरी अधिकारी को कहा गया है कि हरियाणा सिविल सचिवालय की ओर से तैयार किए गए मंत्रियों के वेतन और भत्तों संबंधी अदायगी नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने तक न करें।
लेखा शाखा व ट्रेजरी को ये निर्देश
मुख्य सचिव कार्यालय से हरियाणा सरकार की लेखा शाखा के उप सचिव सामान्य को निर्देश दिए गए हैं कि पूर्व मंत्रियों का वेतन और टीए बिल तब तक तैयार न किए जाएं जब तक उन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी नहीं कर दिया जाता।
इसके अलावा वेतन बिलों की जानकारी राजनैतिक व संसदीय मामले विभाग को मुहैया कराई जाए। चंडीगढ़ में मौजूद हरियाणा के ट्रेजरी अधिकारी को कहा गया है कि हरियाणा सिविल सचिवालय की ओर से तैयार किए गए मंत्रियों के वेतन और भत्तों संबंधी अदायगी नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने तक न करें।
दस पूर्व मंत्रियों की इस अवधि का मांगा गया ब्योरा
नाम कार्यकाल
रामबिलास शर्मा 26-10-2014 से 26-10-2019
कैप्टन अभिमन्यु 26-10-2014 से 26-10-2019
ओपी धनखड़ 26-10-2014 से 26-10-2019
राव नरबीर सिंह 26-10-2014 से 26-10-2019
कविता जैन 26-10-2014 से 26-10-2019
कृष्ण लाल पंवार 23-07-2015 से 26-10-2019
विपुल गोयल 22-07-2016 से 26-10-2019
मनीष ग्रोवर 22-07-2016 से 26-10-2019
कृष्ण बेदी 26-10-2014 से 26-10-2019
कर्ण देव कंबोज 22-07-2016 से 26-10-2019
रामबिलास शर्मा 26-10-2014 से 26-10-2019
कैप्टन अभिमन्यु 26-10-2014 से 26-10-2019
ओपी धनखड़ 26-10-2014 से 26-10-2019
राव नरबीर सिंह 26-10-2014 से 26-10-2019
कविता जैन 26-10-2014 से 26-10-2019
कृष्ण लाल पंवार 23-07-2015 से 26-10-2019
विपुल गोयल 22-07-2016 से 26-10-2019
मनीष ग्रोवर 22-07-2016 से 26-10-2019
कृष्ण बेदी 26-10-2014 से 26-10-2019
कर्ण देव कंबोज 22-07-2016 से 26-10-2019