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Chandigarh News: पूर्व सैन्य अफसरों से 5.86 करोड़ की धोखाधड़ी में पूर्व मेजर गिरफ्तार
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चंडीगढ़। पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े एक हाई प्रोफाइल मामले में मंगलवार को मद्रास रेजिमेंट के पूर्व मेजर अमरजीत सिंह शाही को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मेजर को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। 6 दिसंबर 2023 को सेक्टर-49 पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया था।
मामले में कर्नल सोनिंदर सिंह (सेवानिवृत्त) और तीन अन्य पूर्व सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शिकायत दी थी। आरोप के मुताबिक, मोहाली में मेसर्स मनी मैटर्स फाइनेंशियल एडवाइजर्स के मालिक अमरजीत सिंह शाही और उसके सहयोगी लक्ष्मी नारायण शुक्ला ने उनके साथ करीब 5.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी लक्ष्मी नारायण शुक्ला मेसर्स पीएस का मालिक है और उसने मनी मल्टीप्लायर्स (उत्तर प्रदेश) के साथ मिलीभगत कर कथित तौर पर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इसमें अमरजीत सिंह शाही भी शामिल था और उसने अपने पूर्व सहयोगियों को पैसे निवेश करने पर उच्च रिटर्न का वादा कर जाल में फंसाया था।
आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं का विश्वास में लेने के लिए बाकायदा उनके साथ त्रिपक्षीय ऋण समझौते किए। शाही ने एक कोर्स मेट और रेजिमेंट अधिकारी के रूप में अपने संबंधों का फायदा उठाते हुए शिकायतकर्ताओं को शुक्ला की फर्म में निवेश करने के लिए राजी किया और उनका विश्वास हासिल करने के लिए मनगढ़ंत फर्जी दस्तावेज पेश किए। बाकायदा एक नामी कंपनी के डीमैट खाते में 62.49 करोड़ दिखाने वाला एक नकली बैलेंस कन्फर्मेशन खाता भी दिखाया ताकि उन्हें उनकी कंपनी पर भरोसा हो जाए। आरोप के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 22 सैन्य अधिकारियों को प्रभावित किया है, जिन्हें उनके निवेश पर 3-4% रिटर्न का वादा किया गया था। शुरू में तो वादे के अनुसार रिटर्न वापस किया गया, जिससे वर्ष 2018 और 2019 के बीच अधिक निवेशकों के बीच विश्वास बना रहे। हालांकि अगस्त 2022 तक शाही ने अपने साथी की मृत्यु का दावा किया और धन की कमी का हवाला देते हुए रिटर्न रोक दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करवाया।
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मामले में कर्नल सोनिंदर सिंह (सेवानिवृत्त) और तीन अन्य पूर्व सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शिकायत दी थी। आरोप के मुताबिक, मोहाली में मेसर्स मनी मैटर्स फाइनेंशियल एडवाइजर्स के मालिक अमरजीत सिंह शाही और उसके सहयोगी लक्ष्मी नारायण शुक्ला ने उनके साथ करीब 5.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी लक्ष्मी नारायण शुक्ला मेसर्स पीएस का मालिक है और उसने मनी मल्टीप्लायर्स (उत्तर प्रदेश) के साथ मिलीभगत कर कथित तौर पर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इसमें अमरजीत सिंह शाही भी शामिल था और उसने अपने पूर्व सहयोगियों को पैसे निवेश करने पर उच्च रिटर्न का वादा कर जाल में फंसाया था।
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आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं का विश्वास में लेने के लिए बाकायदा उनके साथ त्रिपक्षीय ऋण समझौते किए। शाही ने एक कोर्स मेट और रेजिमेंट अधिकारी के रूप में अपने संबंधों का फायदा उठाते हुए शिकायतकर्ताओं को शुक्ला की फर्म में निवेश करने के लिए राजी किया और उनका विश्वास हासिल करने के लिए मनगढ़ंत फर्जी दस्तावेज पेश किए। बाकायदा एक नामी कंपनी के डीमैट खाते में 62.49 करोड़ दिखाने वाला एक नकली बैलेंस कन्फर्मेशन खाता भी दिखाया ताकि उन्हें उनकी कंपनी पर भरोसा हो जाए। आरोप के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 22 सैन्य अधिकारियों को प्रभावित किया है, जिन्हें उनके निवेश पर 3-4% रिटर्न का वादा किया गया था। शुरू में तो वादे के अनुसार रिटर्न वापस किया गया, जिससे वर्ष 2018 और 2019 के बीच अधिक निवेशकों के बीच विश्वास बना रहे। हालांकि अगस्त 2022 तक शाही ने अपने साथी की मृत्यु का दावा किया और धन की कमी का हवाला देते हुए रिटर्न रोक दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करवाया।
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