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आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व IAS गिरफ्तार, आरोप- 130 गुना बढ़ गई आय
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 01 Mar 2017 09:23 AM IST
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रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मनदीप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मनदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। उन्हें विजिलेंस ने फेज-9 स्थित एक होटल से दबोचा। मामला दो साल पुराना बताया जा रहा है। केस उनके रिटायर्ड होने के तीन माह बाद दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार अदालत में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि उन्होंने अपने ऊपर दर्ज केस को सियासी साजिश बताया है।
मनदीप सिंह 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट, डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग, फॉरेस्ट विभाग व पंचायत विभाग समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं। विजिलेंस का आरोप कि उनकी आमदनी आय से 130 गुना अधिक है। आय और खर्च में करीब साढ़े पांच करोड़ का अंतर है। वह 31 मार्च 2015 में रिटायर हो गए थे, जबकि विजिलेंस द्वारा इस मामले में पूरी जांच करने के बाद आईएएस अधिकारी समेत तीन लोगों पर सितंबर 2015 में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों में दो प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल थे, जिनमें मक्खन सिंह व अवतार सिंह शामिल हैं। इन दोनों को विजिलेंस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जो अब जमानत पर हैं।
ये हैं संपत्तियां
1. चंडीगढ़ में तीन कोठियां
2. चमकौर साहिब सौ एकड़ जमीन
3. शिमला में एक फ्लैट
4. जीरकपुर में एक होटल
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मनदीप सिंह 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट, डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग, फॉरेस्ट विभाग व पंचायत विभाग समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं। विजिलेंस का आरोप कि उनकी आमदनी आय से 130 गुना अधिक है। आय और खर्च में करीब साढ़े पांच करोड़ का अंतर है। वह 31 मार्च 2015 में रिटायर हो गए थे, जबकि विजिलेंस द्वारा इस मामले में पूरी जांच करने के बाद आईएएस अधिकारी समेत तीन लोगों पर सितंबर 2015 में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों में दो प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल थे, जिनमें मक्खन सिंह व अवतार सिंह शामिल हैं। इन दोनों को विजिलेंस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जो अब जमानत पर हैं।
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ये हैं संपत्तियां
1. चंडीगढ़ में तीन कोठियां
2. चमकौर साहिब सौ एकड़ जमीन
3. शिमला में एक फ्लैट
4. जीरकपुर में एक होटल
सभी संपत्तियां पत्नी व बच्चों के नाम
मोहाली के एक होटल से विजिलेंस ने दबोचा
- फोटो : अमर उजाला
जल्द पेश करेंगे चालान
जांच अधिकारी इकबाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अब तक इस मामले में चालान पेश नहीं किया है, लेकिन अब इस दिशा में जल्द कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि 2015 में केस दर्ज किया गया था। उसके बाद से मामले की जांच चल रही थी।
सभी संपत्तियां पत्नी व बच्चों के नाम
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, मनदीप सिंह के नाम पर प्रॉपर्टी नहीं थी। उन्होंने सारी संपत्ति पत्नी व बच्चों के नाम पर ली थी।
संपत्तियों को बेचने की कोशिश की थी
विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि आफिसर के परिवार ने मामले की जांच के दौरान बेचने की कोशिश भी की थी। वहीं, जिस व्यक्ति ने संपत्ति को खरीदने में रुचि दिखाई थी, उसे पूर्व नौकरशाह ने अपनी पावर का प्रयोग कर बैंक से लोन दिलाने की कोशिश भी की। सूत्रों से पता चला है कि पंचायत विभाग में हुई सचिवों की भर्ती के मामले में सीबीआई द्वारा भी उनकी भूमिका की जांच करने का फैसला लिया था, जिसे मनदीप सिंह ने चुनौती दी थी।
जांच अधिकारी इकबाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अब तक इस मामले में चालान पेश नहीं किया है, लेकिन अब इस दिशा में जल्द कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि 2015 में केस दर्ज किया गया था। उसके बाद से मामले की जांच चल रही थी।
सभी संपत्तियां पत्नी व बच्चों के नाम
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, मनदीप सिंह के नाम पर प्रॉपर्टी नहीं थी। उन्होंने सारी संपत्ति पत्नी व बच्चों के नाम पर ली थी।
संपत्तियों को बेचने की कोशिश की थी
विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि आफिसर के परिवार ने मामले की जांच के दौरान बेचने की कोशिश भी की थी। वहीं, जिस व्यक्ति ने संपत्ति को खरीदने में रुचि दिखाई थी, उसे पूर्व नौकरशाह ने अपनी पावर का प्रयोग कर बैंक से लोन दिलाने की कोशिश भी की। सूत्रों से पता चला है कि पंचायत विभाग में हुई सचिवों की भर्ती के मामले में सीबीआई द्वारा भी उनकी भूमिका की जांच करने का फैसला लिया था, जिसे मनदीप सिंह ने चुनौती दी थी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के चलते चली गेम
मोहाली के एक होटल से विजिलेंस ने दबोचा
- फोटो : अमर उजाला
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के चलते चली गेम
इस मौके पर अदालत में पत्रकारों से बातचीत में मनदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पंजाब के पद पर काफी समय तक काम किया। इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया, लेकिन प्राइवेट बस चलाने वाले कुछ बड़े लोग इसके विरोध में थे। जब उनसे पूछा गया कि यह प्राइवेट बस वाले कौन हैं तो उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि पंजाब में किसकी प्राइवेट बसें चलती हैं। वहीं, 11 तारीख के बाद वह एक एक कर सभी के नामों का खुलासा करेंगे।
जेल में मिले मेडिकल सुविधा
इस दौरान अदालत में मनदीप सिंह के वकील एमएस मन्हास ने बताया कि पूर्व आईएएस अधिकारी हाइपर टेंशन समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इसकी पुष्टि विजिलेंस द्वारा सरकारी अस्पताल में करवाए गए मेडिकल में भी हो गई है। ऐसे में उन्होंने अदालत में आवेदन किया था कि उन्हें जेल में मेडिकल सुविधा मुहैया करवाई जाए। जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी।
इस मौके पर अदालत में पत्रकारों से बातचीत में मनदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पंजाब के पद पर काफी समय तक काम किया। इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया, लेकिन प्राइवेट बस चलाने वाले कुछ बड़े लोग इसके विरोध में थे। जब उनसे पूछा गया कि यह प्राइवेट बस वाले कौन हैं तो उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि पंजाब में किसकी प्राइवेट बसें चलती हैं। वहीं, 11 तारीख के बाद वह एक एक कर सभी के नामों का खुलासा करेंगे।
जेल में मिले मेडिकल सुविधा
इस दौरान अदालत में मनदीप सिंह के वकील एमएस मन्हास ने बताया कि पूर्व आईएएस अधिकारी हाइपर टेंशन समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इसकी पुष्टि विजिलेंस द्वारा सरकारी अस्पताल में करवाए गए मेडिकल में भी हो गई है। ऐसे में उन्होंने अदालत में आवेदन किया था कि उन्हें जेल में मेडिकल सुविधा मुहैया करवाई जाए। जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी।