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फैसलाः 29 साल पुराने आईएएस के बेटे के अपहरण के केस में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को राहत

Wed, 22 Jul 2020 10:25 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 22 Jul 2020 10:25 AM IST
सार

  • पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी केस से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलेंगे
  • याचिका दायर कर सीबीआई से मांगे थे केस से जुड़े दस्तावेज
  • सीबीआई कोर्ट ने पंजाब पुलिस की याचिका खारिज की

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Former DGP Sumedh Saini got Relief from Punjab Haryana High Court in Kidnapping Case
पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी

विस्तार

पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ दर्ज 29 साल पुराने अपहरण के केस में सीबीआई अदालत ने मंगलवार को पंजाब पुलिस की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने सीबीआई से रिकार्ड की मांग की थी। चंडीगढ़ सीबीआई ने पंजाब पुलिस को अपनी जांच से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया था।
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पिछले महीने पंजाब पुलिस ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि जांच एजेंसी ने पूर्व डीजीपी के खिलाफ साल 2008 में जांच की थी। जांच से जुड़े कई दस्तावेज हैं, जो पंजाब पुलिस के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं। मगर इस याचिका के जवाब पर सीबीआई ने अपना जवाब दायर करते हुए कहा था कि रिकॉर्ड उनकी हाईकोर्ट के साथ आंतरिक कम्युनिकेशन है, इसलिए उसे वह साझा नहीं कर सकते।
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इस पर पंजाब पुलिस ने दलील दी कि रिकार्ड नहीं मिलने से जांच बीच में रुकी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट की ओर से सीबीआई को ऐसे कोई निर्देश नहीं है, जिसमें वह गवाहों और एफआईआर के नाम साझा न कर सके।
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ये है मामला

मामला साल 1990 के दशक का है, जब सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। 1991 में उन पर एक आतंकी हमला हुआ। उस हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मी मारे गए थे, जबकि सैनी खुद भी जख्मी हो गए थे। उस केस के संबंध में पुलिस ने सैनी के आदेश पर पूर्व आईएएस ऑफिसर दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को उठा लिया था।

पुलिस ने उसे हिरासत में रखा और फिर बाद में कहा कि वह पुलिस की गिरफ्त से भाग गया जबकि परिजनों का कहना था कि बलवंत की पुलिस के टॉर्चर से मौत हो गई। 2008 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों पर चंडीगढ़ सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की, जिसके बाद 2008 में सीबीआई ने सैनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी आधार पर एफआईआर को खारिज कर दिया था, लेकिन अब नए तथ्य पर पंजाब पुलिस ने 7 मई 2020 को सैनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण), 201 (साक्ष्य मिटाने के कारण), 344 (गलत तरीके से कारावास), 330 और 120बी (आपराधिक साजिश रचना) के तहत केस दर्ज किया है।
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