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Punjab: पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को बड़ी राहत, कार्रवाई से पहले पुलिस को देना होगा 7 दिन का नोटिस
Mon, 09 Oct 2023 09:58 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 09 Oct 2023 09:58 PM IST
सार
पूर्व डीजीपी ने याचिका में अमृतसर के इंद्रप्रीत चड्ढा आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। याचिका में अपील की गई थी कि अगर एफआईआर में उनके जीवन और स्वतंत्रता को बाधित करने का इरादा है तो उन्हें सात दिन का अग्रिम नोटिस दिया जाए।
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सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस देने का पंजाब पुलिस को आदेश दिया है। साथ ही चट्टोपाध्याय को आदेश दिया है कि वे जांच टीम के सवालों का दो सप्ताह के भीतर जवाब दें। इन निर्देशों के साथ ही हाईकोर्ट ने चट्टोपाध्याय की याचिका का निपटारा कर दिया।
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पूर्व डीजीपी ने याचिका में अमृतसर के इंद्रप्रीत चड्ढा आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। याचिका में अपील की गई थी कि अगर एफआईआर में उनके जीवन और स्वतंत्रता को बाधित करने का इरादा है तो उन्हें सात दिन का अग्रिम नोटिस दिया जाए। बहस के दौरान चट्टोपाध्याय की तरफ से दलील दी गई कि उस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और चड्ढा आत्महत्या मामले में उन पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं है।
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इंदरप्रीत चड्ढा अपनी कार में मृत मिले थे और एफआईआर उनके बेटे द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। एफआईआर को देखने से मृतक के बेटे द्वारा बताए गए कई लोगों के नाम सामने आएंगे। हालांकि, उनकी याचिका में दावा किया गया है कि एफआईआर दर्ज करने के समय याचिकाकर्ता का नाम किसी भी बयान में नहीं है। हाईकोर्ट में चल रहे ड्रग मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 2018 में इस एफआईआर में उनके खिलाफ जांच पर रोक लगा दी थी।
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पिछले दिनों पंजाब पुलिस के आग्रह पर हाईकोर्ट ने इस रोक को हटाते हुए जांच जारी रखने का आदेश दे दिया था। पुलिस ने याची पर आरोप लगाया था कि वह जांच टीम के सवालों का जवाब नहीं दे रहे। इस पर याची ने कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच पर रोक लगाई थी तो ऐसे में वह जवाब देने के लिए बाध्य नहीं थे। तीन जनवरी 2018 को अमृतसर में पूर्व खालसा दीवान अध्यक्ष के बेटे इंदरप्रीत चड्ढा को आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।