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Chandigarh News: एसबीएल ग्रुप से मिले डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
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चंडीगढ़। बिल्डर-फाइनेंशियल संस्थानों के बीच कथित गठजोड़ से जुड़े मामले में छापेमारी के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच और तेज कर दी है। चंडीगढ़, जीरकपुर और न्यू चंडीगढ़ में एसबीएल ग्रुप के ठिकानों से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है।
मंगलवार को सीबीआई ने चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक मॉल में बने ऑफिस समेत अन्य दफ्तरों पर सीबीआई ने कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान एजेंसी को प्रोजेक्ट फाइलें, वित्तीय रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले थे। अब इन सभी को फॉरेंसिक जांच के दायरे में लाकर डाटा खंगाला जा रहा है।
सीबीआई का फोकस इस बात पर है कि प्रोजेक्ट से जुड़े फंड का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं होमबायर्स से जुटाई गई रकम का डायवर्जन तो नहीं हुआ। डिजिटल डिवाइस से मिली ईमेल, ट्रांजैक्शन डिटेल और अन्य डेटा भी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुए 22 नए मामले
सीबीआई के अनुसार जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर दर्ज मामलों के तहत की जा रही है। देशभर में बिल्डरों और कुछ वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच जारी है। सीबीआई ने मंगलवार को 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 77 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इन मामलों में 22 नए केस दर्ज किए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार जांच में सामने आया है कि कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच गठजोड़ कर होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि लोगों से पैसे लेकर उनका गलत इस्तेमाल किया गया और कई तरह की वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
अब तक हो चुके 50 केस दर्ज
सीबीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई बड़े स्तर पर चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद हाउसिंग सेक्टर में फंड के गलत इस्तेमाल और धोखाधड़ी के मामलों को उजागर करना है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 28 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनकी जांच अंतिम चरण में है। इस तरर अब तक कुल 50 केस दर्ज हो चुके हैं।
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मंगलवार को सीबीआई ने चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक मॉल में बने ऑफिस समेत अन्य दफ्तरों पर सीबीआई ने कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान एजेंसी को प्रोजेक्ट फाइलें, वित्तीय रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले थे। अब इन सभी को फॉरेंसिक जांच के दायरे में लाकर डाटा खंगाला जा रहा है।
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सीबीआई का फोकस इस बात पर है कि प्रोजेक्ट से जुड़े फंड का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं होमबायर्स से जुटाई गई रकम का डायवर्जन तो नहीं हुआ। डिजिटल डिवाइस से मिली ईमेल, ट्रांजैक्शन डिटेल और अन्य डेटा भी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुए 22 नए मामले
सीबीआई के अनुसार जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर दर्ज मामलों के तहत की जा रही है। देशभर में बिल्डरों और कुछ वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच जारी है। सीबीआई ने मंगलवार को 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 77 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इन मामलों में 22 नए केस दर्ज किए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार जांच में सामने आया है कि कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच गठजोड़ कर होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि लोगों से पैसे लेकर उनका गलत इस्तेमाल किया गया और कई तरह की वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
अब तक हो चुके 50 केस दर्ज
सीबीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई बड़े स्तर पर चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद हाउसिंग सेक्टर में फंड के गलत इस्तेमाल और धोखाधड़ी के मामलों को उजागर करना है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 28 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनकी जांच अंतिम चरण में है। इस तरर अब तक कुल 50 केस दर्ज हो चुके हैं।