Haryana News: विदेशी जानवर और पक्षी होंगे जंगल सफारी के मेहमान, झील होगी विकसित, CM ने किया एलान
गुरुग्राम और नूंह जिले में अरावली क्षेत्र में 10,000 एकड़ भूमि को जंगल सफारी पार्क के लिए चिह्नित किया है। इसके लिए हुई बैठक में कई विषयों को लेकर विचार-विमर्श किया है। जंगल सफारी पार्क को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और पहले चरण को पूरा करने के लिए लगभग दो साल का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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गुरुग्राम व नूंह के 10 हजार एकड़ में बनने वाले दुनिया की सबसे बड़े जंगल सफारी पार्क में स्वदेशी के साथ-साथ विदेश से भी जानवर व पक्षी लाए जाएंगे। सुल्तानपुर झील की तर्ज पर माइग्रेटिड बर्ड के लिए यहां झील बनाई जाएगी। साथ ही जैव विविधता सफारी पार्क की तर्ज पर सफारी पार्क के डिजाइन व अन्य सुविधाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव की कंपनी को इसका काम दिया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में दी।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को अगले सात दिनों में अपने-अपने विभाग की औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम एवं नूंह में दुनिया का सबसे बड़ा जंगल सफारी पार्क विकसित किया जाएगा। इसके बनने के बाद एक ओर जहां अरावली पर्वत श्रृंखला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम व नूंह क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
दोनों जिलों में अरावली क्षेत्र में 10,000 एकड़ भूमि को जंगल सफारी पार्क के लिए चिह्नित किया है। इसके लिए हुई बैठक में कई विषयों को लेकर विचार-विमर्श किया है। जंगल सफारी पार्क को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और पहले चरण को पूरा करने के लिए लगभग दो साल का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जैव विविधता पार्क अवधारणा के अनुरूप एक सफारी पार्क विकसित करने की परिकल्पना को पूरा करने के लिए अरावली सफारी पार्क परियोजना के विकास के लिए डिजाइन परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए दो चरण की निविदा प्रक्रिया अपनाई है। डिजाइन व संचालन में अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाली दो कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया।
एक कंपनी द्वारा इस पार्क को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया गया था। जल्द ही पीएमसी का चयन कर लिया जाएगा। जो विदेशी जानवर इस जलवायु में रह सकते हैं, इसके लिए अध्ययन किया जा रहा है। सुल्तानपुर झील की तरह माइग्रेटिड बर्ड के लिए झील की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई है। जंगल सफारी पार्क में विलुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण का भी प्रयास रहेगा।
कहा- राखी गढ़ी संग्रहालय का डिजाइन फाइनल, जल्द नियुक्त होगी पीएमसी
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में ही राखीगढ़ी में म्यूजियम बनाने को लेकर भी बैठक की। बैठक में राखीगढ़ी की पुरानी सभ्यता को सुरक्षित रखना व उस स्थल को विकसित करने जैसे विषयों को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ मिलकर किए जा रहे काम पर चर्चा की। सीएम ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने साइट संग्रहालय और राखीगढ़ी गांव के भीतर पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए योजना का प्रस्ताव तैयार किया है, जो लगभग फाइनल हो चुका है। बैठक में विभिन्न विषयों की टाइमलाइन तय की गई है। पीएमसी नियुक्त करने के लिए 15 जुलाई तक टेंडर होगा और 15 अगस्त तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। दिसंबर तक संग्रहालय की शुरुआत हो सके, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को तेजी गति से कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
सीएम बोले- ऐसी शासन व्यवस्था जो लोगों ने पहले कभी नहीं देखी
एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि हरियाणा में जनता महसूस करती है कि जिस तरह की शासन व्यवस्था अब उन्होंने देखी है, पहले कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं भी बनेगी। आज हर वर्ग को महसूस होता है कि हमारी आवश्यकताओं की जानकारी होते ही सरकार उनकी डिलीवरी उनके घर द्वारा पर देती है।