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पहली बार किसी प्रशासक ने किया हल्लोमाजरा का दौरा, उपहार में दिया सरकारी स्कूल
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जीएचएस हल्लोमाजरा का निरीक्षण करने पहुंचे चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित।
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। हल्लोमाजरा स्थित गवर्नमेंट हाईस्कूल में प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सलाहकार धर्मपाल और शिक्षा अधिकारियों के साथ शनिवार को स्कूल का दौरा किया। स्कूल के एक हिस्से में टिन शेड के कमरों में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। प्रशासक ने स्कूल के दोनों हिस्सों का दौरा किया और कमरे व व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद हल्लोमाजरा में स्थान देखकर नया स्कूल बनाने का आश्वासन दिया। जब तक स्कूल की व्यवस्था नहीं होती, तब तक नौवीं और दसवीं के बच्चों को मक्खनमाजरा के स्कूल में भेजने के लिए गांववासियों से अपील की। धर्मपाल ने कहा कि मक्खनमाजरा में बच्चों को स्कूल भिजवाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाएगी। दोपहर को प्रशासक के सलाहकार के आदेश के बाद शाम तक टीन शेड स्कूल के पास बनी झुग्गियों को हटा दिया गया ताकि स्कूल की जमीन को व्यवस्थित किया जा सके। खास बात यह है कि पहली बार किसी प्रशासक ने हल्लोमाजरा का दौरा किया है। उनके दौरे से गांववासी काफी उत्सुक दिखे।
हल्लोमाजरा के स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूल का दूसरा
अस्थायी हिस्सा वर्ष 2008 में नया स्कूल बनने तक के लिए टीन शेड का बनाया गया। इस क्षेत्र में स्कूल के लिए जो जमीन निर्धारित की गई थी, मुख्य सड़क के साथ होने के कारण उसका प्रस्ताव रद्द कर दिया गया। इसलिए वर्ष 2008 से इस अस्थायी टीन शेड में ही बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। गर्मी बढ़ने पर छात्रों को समस्याएं आने लगीं और गांववासियों ने स्कूल की मांग को लेकर आवाज उठाई। गांववासी अरविंद की ओर से अभिभावकों के साथ प्रशासक, शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद शनिवार को प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम ने दौरा किया। इस दौरान चीफ इंजीनियर को हल्लोमाजरा में गांववासियों से सलाह कर जमीन निर्धारित करने का भी निर्देश दिया गया।
पहली बार
प्रशासक के दौरान से हल्लोमाजरावासी दिखे उत्सुक
हल्लोमाजरा में पहली बार किसी प्रशासक ने दौरा किया, इसको लेकर गांववासी उत्सुक दिखे। स्कूल से 300-400 मीटर के दायरे में लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक और आवाजाही रोक कर रखी गई। गांववासी स्कूल के आसपास दुकानों और सीढ़ियों पर खड़े होकर उत्सुकता से प्रशासक और अधिकारियों को देख रहे थे। गांववासियों ने बताया कि आज तक हल्लोमाजरा न कोई प्रशासक और न ही किसी उच्चाधिकारी ने दौरा किया। हल्लोमाजरा के बाहर से ही अधिकारी और सांसद आकर चले जाते हैं।
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टीन के अस्थायी स्कूल में पहली, दूसरी, छठी और सातवीं की लगती है कक्षाएं
गवर्नमेंट हाई स्कूल हल्लोमाजरा के अस्थायी टीन के स्कूल में आठ कमरे हैं, जहां दो शिफ्ट में स्कूल चलाया जाता है। सुबह की शिफ्ट में छठी के पांच सेक्शन और सातवीं कक्षा के दो सेक्शन की कक्षाएं लगाई जाती हैं। शाम की शिफ्ट में पहली कक्षा के तीन सेक्शन और दूसरी कक्षा के चार सेक्शन की कक्षाएं लगाई जाती हैं। वहीं मुख्य स्कूल की बिल्डिंग में 17 कमरों में बच्चों की कक्षाएं लगाई जाती है। इसमें तीसरी, चौथी, पांचवीं, छठी, सातवीं के तीन सेक्शन, आठवीं, नौंवी और दसवीं के छात्रों की कक्षाएं चलती हैं।
सलाहकार के आदेश पर गांववासियों की मदद से झुग्गियों को हटाया
टीन शेड के स्कूल के एक तरफ लोगों ने झुग्गियां बनाई हुई हैं तो दूसरी तरफ गांववासियों ने कचरे का अंबार लगाया हुआ था। इसको लेकर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने गांववासियों से अपील की थी कि झुग्गियों को हटाने में सहयोग करें। दोपहर को धर्मपाल के आदेश के बाद देर शाम तक गांववासियों की मदद से झुग्गियों को हटा दिया गया। गांववालों ने बताया कि लोगों ने अस्थायी झुग्गियां बनाई हुई थीं। वहीं आसपास के क्षेत्र के लोग कूड़ा स्कूल की दीवार के पास ही गिराते हैं और इसकी कोई सफाई नहीं होती है।
गांववासियों ने चंदा एकत्रित कर स्कूल में की पानी की व्यवस्था
स्कूल में बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं थी, वाटर कूलर खराब चल रहे थे। अभिभावक दीपक ने बताया कि मंदिर कमेटी ने गांववासियों की सहायता से चंदा एकत्रित कर स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की। बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण बहुत बार बच्चों को दरी पर बैठाकर कक्षाएं लगाई जाती हैं।
आज बैठक कर नए स्कूल पर होगा मंथन
स्कूल में शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग और अन्य अधिकारियों से बातचीत करते हुए प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि रविवार को हम बैठक करेंगे। इंजीनियरिंग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। इसके बाद नए स्कूल की बिल्डिंग कहां और कैसे बनाई जाएगी और तब तक बच्चों के लिए क्या व्यवस्थाएं की जाएगी, इस पर चर्चा की जाएगी।
कंप्यूटर और साइंस लैब में उपकरण न होने पर शिक्षा सचिव ने पूछा
प्रशासक के दौरे के दौरान शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा, उप शिक्षा निदेशक रविंदर कौर, सुनील बेदी और डीईओ प्रभजोत कौर भी मौजूद रहे। स्कूल की कंप्यूटर और साइंस लैब में उपकरण नहीं होने को लेकर शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग ने स्कूल अधिकारियों से पूछताछ की और इन कमरों को नया स्कूल बनने तक कक्षाएं लगाने में इस्तेमाल करने की सलाह दी। स्कूल में कमरों के छोटा होने को लेकर भी शिक्षा सचिव ने पूछताछ की और इंजीनियरिंग विभाग से बिल्डिंग के रखरखाव को लेकर सवाल किए।
कोट :
स्कूल की जमीन से अस्थाई झुग्गियों को हटाया
स्कूल की जमीन के पास से अस्थायी रूप से बसाई गई झुग्गियों को गांववासियों की मदद से देर शाम को हटाया गया। क्षेत्र की सफाई करवाकर स्कूल की जमीन को व्यवस्थित किया जा रहा है। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी
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हल्लोमाजरा के स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूल का दूसरा
अस्थायी हिस्सा वर्ष 2008 में नया स्कूल बनने तक के लिए टीन शेड का बनाया गया। इस क्षेत्र में स्कूल के लिए जो जमीन निर्धारित की गई थी, मुख्य सड़क के साथ होने के कारण उसका प्रस्ताव रद्द कर दिया गया। इसलिए वर्ष 2008 से इस अस्थायी टीन शेड में ही बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। गर्मी बढ़ने पर छात्रों को समस्याएं आने लगीं और गांववासियों ने स्कूल की मांग को लेकर आवाज उठाई। गांववासी अरविंद की ओर से अभिभावकों के साथ प्रशासक, शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद शनिवार को प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम ने दौरा किया। इस दौरान चीफ इंजीनियर को हल्लोमाजरा में गांववासियों से सलाह कर जमीन निर्धारित करने का भी निर्देश दिया गया।
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पहली बार
प्रशासक के दौरान से हल्लोमाजरावासी दिखे उत्सुक
हल्लोमाजरा में पहली बार किसी प्रशासक ने दौरा किया, इसको लेकर गांववासी उत्सुक दिखे। स्कूल से 300-400 मीटर के दायरे में लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक और आवाजाही रोक कर रखी गई। गांववासी स्कूल के आसपास दुकानों और सीढ़ियों पर खड़े होकर उत्सुकता से प्रशासक और अधिकारियों को देख रहे थे। गांववासियों ने बताया कि आज तक हल्लोमाजरा न कोई प्रशासक और न ही किसी उच्चाधिकारी ने दौरा किया। हल्लोमाजरा के बाहर से ही अधिकारी और सांसद आकर चले जाते हैं।
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टीन के अस्थायी स्कूल में पहली, दूसरी, छठी और सातवीं की लगती है कक्षाएं
गवर्नमेंट हाई स्कूल हल्लोमाजरा के अस्थायी टीन के स्कूल में आठ कमरे हैं, जहां दो शिफ्ट में स्कूल चलाया जाता है। सुबह की शिफ्ट में छठी के पांच सेक्शन और सातवीं कक्षा के दो सेक्शन की कक्षाएं लगाई जाती हैं। शाम की शिफ्ट में पहली कक्षा के तीन सेक्शन और दूसरी कक्षा के चार सेक्शन की कक्षाएं लगाई जाती हैं। वहीं मुख्य स्कूल की बिल्डिंग में 17 कमरों में बच्चों की कक्षाएं लगाई जाती है। इसमें तीसरी, चौथी, पांचवीं, छठी, सातवीं के तीन सेक्शन, आठवीं, नौंवी और दसवीं के छात्रों की कक्षाएं चलती हैं।
सलाहकार के आदेश पर गांववासियों की मदद से झुग्गियों को हटाया
टीन शेड के स्कूल के एक तरफ लोगों ने झुग्गियां बनाई हुई हैं तो दूसरी तरफ गांववासियों ने कचरे का अंबार लगाया हुआ था। इसको लेकर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने गांववासियों से अपील की थी कि झुग्गियों को हटाने में सहयोग करें। दोपहर को धर्मपाल के आदेश के बाद देर शाम तक गांववासियों की मदद से झुग्गियों को हटा दिया गया। गांववालों ने बताया कि लोगों ने अस्थायी झुग्गियां बनाई हुई थीं। वहीं आसपास के क्षेत्र के लोग कूड़ा स्कूल की दीवार के पास ही गिराते हैं और इसकी कोई सफाई नहीं होती है।
गांववासियों ने चंदा एकत्रित कर स्कूल में की पानी की व्यवस्था
स्कूल में बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं थी, वाटर कूलर खराब चल रहे थे। अभिभावक दीपक ने बताया कि मंदिर कमेटी ने गांववासियों की सहायता से चंदा एकत्रित कर स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की। बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण बहुत बार बच्चों को दरी पर बैठाकर कक्षाएं लगाई जाती हैं।
आज बैठक कर नए स्कूल पर होगा मंथन
स्कूल में शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग और अन्य अधिकारियों से बातचीत करते हुए प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि रविवार को हम बैठक करेंगे। इंजीनियरिंग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। इसके बाद नए स्कूल की बिल्डिंग कहां और कैसे बनाई जाएगी और तब तक बच्चों के लिए क्या व्यवस्थाएं की जाएगी, इस पर चर्चा की जाएगी।
कंप्यूटर और साइंस लैब में उपकरण न होने पर शिक्षा सचिव ने पूछा
प्रशासक के दौरे के दौरान शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा, उप शिक्षा निदेशक रविंदर कौर, सुनील बेदी और डीईओ प्रभजोत कौर भी मौजूद रहे। स्कूल की कंप्यूटर और साइंस लैब में उपकरण नहीं होने को लेकर शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग ने स्कूल अधिकारियों से पूछताछ की और इन कमरों को नया स्कूल बनने तक कक्षाएं लगाने में इस्तेमाल करने की सलाह दी। स्कूल में कमरों के छोटा होने को लेकर भी शिक्षा सचिव ने पूछताछ की और इंजीनियरिंग विभाग से बिल्डिंग के रखरखाव को लेकर सवाल किए।
कोट :
स्कूल की जमीन से अस्थाई झुग्गियों को हटाया
स्कूल की जमीन के पास से अस्थायी रूप से बसाई गई झुग्गियों को गांववासियों की मदद से देर शाम को हटाया गया। क्षेत्र की सफाई करवाकर स्कूल की जमीन को व्यवस्थित किया जा रहा है। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी