{"_id":"0dbc2b36ce7bbbe6dd8024d446d34eb7","slug":"for-the-brightest-start-to-build-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"होनहारों के लिए स्कूल का निर्माण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होनहारों के लिए स्कूल का निर्माण शुरू
अमर उजाला मोहाली
Updated Sun, 15 Dec 2013 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार ने दसवीं कक्षा में अस्सी प्रतिशत से अधिक नंबर लेने वाले विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई के लिए शहर में विशेष स्कूल बनाने का फैसला किया था। इसका निर्माण सेक्टर-70 में शुरू हो गया है। स्कूल एक साल में बनकर तैयार होगा। स्कूल की बिल्डिंग पूरी तरह भूंकपरोधी रहेगी। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सारी अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
जानकारी के मुताबिक स्कूल निर्माण का काम बठिंडा की एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी ने साइट पर काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में साइट को समतल एवं पिलर भरने का काम किया जा रहा है। काफी संख्या में कंपनी के मुलाजिम साइट पर जुटे हुए हैं।
साइट पर ही टीम ने अपना विशेष ऑफिस एवं कंट्रोल रूम स्थापित किया है। गमाडा अधिकारियों ने बताया कि साइट की ड्राइंग फाइनल कर दी गई है। जल्दी ही इसे कंपनी के मुलाजिमों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद स्कूल की बिल्डिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान गमाडा नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। प्रोजेक्ट के लिए विशेष टीम लगा दी गई है, जो कि कंपनी के कार्य पर नजर रखेगी।
विज्ञापन
स्कूल कैंपस में ही हॉस्टल और टीचर क्वार्टर बनेंगे
इस स्कूल में 11 और 12वीं कक्षा की पढ़ाई होगी। यह लड़के और लड़कियों दोनों के लिए होगा। विद्यार्थियों के रहने के लिए स्कूल कैंपस में अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रिंसिपल की रिहायश और टीचरों के क्वार्टर भी स्कूल कैंपस में ही बनेंगे। सारा निर्माण कार्य एक साथ ही पूरा होगा।
प्रोजेक्ट पर 29 करोड़ आएगी लागत
स्कूल निर्माण का सारा खर्च गमाडा द्वारा उठाया जाएगा। प्रोजेक्ट पर 29 करोड़ की लागत आएगी। इसे गमाडा के बजट में मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है। ऐसे में अधिकारी भी प्रोजेक्ट पर पूरी नजर रखेंगे। साइट के लिए प्रयोग होने वाले मैटीरियल पर विशेष नजर रखी जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी कराई जाएगी तैयारी
इस स्कूल में जिन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। उन्हें यहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कराई जाएगी। इनमें इंजीनियरिंग से लेकर एनडीए तक की परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा कोई भी राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती है, तो विद्यार्थियों को उसमें शामिल होने के लिए भेजा जाएगा। यह जिम्मेदारी भी विभाग द्वारा उठाई जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक स्कूल निर्माण का काम बठिंडा की एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी ने साइट पर काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में साइट को समतल एवं पिलर भरने का काम किया जा रहा है। काफी संख्या में कंपनी के मुलाजिम साइट पर जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
साइट पर ही टीम ने अपना विशेष ऑफिस एवं कंट्रोल रूम स्थापित किया है। गमाडा अधिकारियों ने बताया कि साइट की ड्राइंग फाइनल कर दी गई है। जल्दी ही इसे कंपनी के मुलाजिमों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद स्कूल की बिल्डिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान गमाडा नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। प्रोजेक्ट के लिए विशेष टीम लगा दी गई है, जो कि कंपनी के कार्य पर नजर रखेगी।
विज्ञापन
स्कूल कैंपस में ही हॉस्टल और टीचर क्वार्टर बनेंगे
इस स्कूल में 11 और 12वीं कक्षा की पढ़ाई होगी। यह लड़के और लड़कियों दोनों के लिए होगा। विद्यार्थियों के रहने के लिए स्कूल कैंपस में अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रिंसिपल की रिहायश और टीचरों के क्वार्टर भी स्कूल कैंपस में ही बनेंगे। सारा निर्माण कार्य एक साथ ही पूरा होगा।
प्रोजेक्ट पर 29 करोड़ आएगी लागत
स्कूल निर्माण का सारा खर्च गमाडा द्वारा उठाया जाएगा। प्रोजेक्ट पर 29 करोड़ की लागत आएगी। इसे गमाडा के बजट में मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है। ऐसे में अधिकारी भी प्रोजेक्ट पर पूरी नजर रखेंगे। साइट के लिए प्रयोग होने वाले मैटीरियल पर विशेष नजर रखी जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी कराई जाएगी तैयारी
इस स्कूल में जिन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। उन्हें यहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कराई जाएगी। इनमें इंजीनियरिंग से लेकर एनडीए तक की परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा कोई भी राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती है, तो विद्यार्थियों को उसमें शामिल होने के लिए भेजा जाएगा। यह जिम्मेदारी भी विभाग द्वारा उठाई जाएगी।