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Hindi News ›   Chandigarh ›   Food Security Project in Haryana

हरियाणा में कम पड़ गया 'गरीबों' का राशन

Wed, 14 May 2014 12:08 PM IST
नसीब सैनी/अमर उजाला, कैथल
नसीब सैनी/अमर उजाला, कैथल Updated Wed, 14 May 2014 12:08 PM IST
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Food Security Project in Haryana

प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया फूड सिक्योरिटी एक्ट अब सरकार के गले की फांस बनता जा रहा है। इस एक्ट के तहत हरियाणा में पाए गए पात्रों की संख्या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित संख्या से ज्यादा होने के कारण सभी को पांच किलो प्रति व्यक्ति गेहूं देना संभव नहीं हो पा रहा है।

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केंद्र द्वारा स्वीकृत प्रदेश की 49.89 प्रतिशत की जनसंख्या से लगभग 30 लाख लोग ज्यादा योजना के दायरे में आ गए हैं और केंद्र से इन 30 लाख से ज्यादा लोगों के लिए गेहूं नहीं मिल पा रहा है।
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इस कारण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी इस माथापच्ची में लगे हुए हैं कि बढ़े हुए लोगों का राशन कहां से पूरा किया जाए।

कैथल में तीन हजार क्विंटल गेहूं कम

Food Security Project in Haryana

इस योजना के तहत कैथल जिले में लगभग पांच लाख 77 हजार 212  लोग आते हैं। जिन्हें हर महीने पांच किलो के हिसाब से राशन मिलना चाहिए।

पात्रों के हिसाब से कैथल जिले को इस बार 28 हजार 510 क्विंटल गेहूं मिलना चाहिए था, लेकिन करीब 25 हजार 710 क्विंटल ही डिपोधारकों को सरकार की ओर से भेजा गया है।

इसके हिसाब से पात्रों को पूरा राशन देने के लिए लगभग करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं और मिलना चाहिए था।

प्रदेश में 30 लाख लोग ज्यादा योजना में

Food Security Project in Haryana

विभागीय सूत्रों के अनुसार योजना के अनुसार प्रदेश की करीब 49.89 प्रतिशत आबादी यानी लगभग एक करोड़ 26 लाख लोगों को 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह के हिसाब से गेहूं दिया जाना था।

योजना में पात्र लोगों की पहचान के लिए सरकार ने आर्थिक जनगणना 2011 का सहारा लिया था। इसमें फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र लोगों की संख्या 54.41 प्रतिशत हो गई। इसके लिए सरकार ने कई बार जांच करवाई, साथ में पटवारी से भी वेरिफिकेशन करवाया गया।

इस के बाद भी पात्र लोगों की संख्या कम नहीं हुई। इसके तहत अब नए आवेदन भी आ रहे हैं। इस कारण सरकार को सभी के लिए राशन मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त आबादी के लिए गेहूं अलॉट किए जाने से इंकार किया जा चुका है।

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पहले आओ-पहले पाओ की नीति अपनाई

Food Security Project in Haryana

विभाग के अनुसार, इस बार गेहूं ज्यादा कम नहीं आया है। लेकिन, डिपो धारकों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर गेहूं वितरण के लिए कहा गया है। विभाग द्वारा कम हो रहे गेहूं को पूरा करने के लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है।

ऐसे में विभाग के लिए सभी पात्र लोगों को गेहूं देना संभव नहीं है। जिसका खामियाजा डिपो धारकों एवं वंचित रह गए लोगों को भुगतना पड़ेगा। यदि सभी को यह गेहूं वितरित कर दिया गया तो पांच किलो के बजाये यह साढ़े चार किलो प्रति यूनिट चला जाता है।

कहां से पूरा करें गेहूं

Food Security Project in Haryana

डिपो धारक एसोसिएशन के प्रधान सोमप्रकाश का कहना है कि पांच किलो प्रति यूनिट गेहूं उन्हें देना होता है। लेकिन यदि सभी लोगों की संख्या का हिसाब लगाया जाए तो उन्हें प्रति यूनिट तीन किलो 700 ग्राम गेहूं मिल रहा है। जिसमें बीपीएल परिवारों को पूरा पांच किलो देना है।

शेष बचा गेहूं जो व्यक्ति पहले आता है, उसे दे देते हैं। अब जो लोग बच जाते हैं, वे डिपोधारकों को बेईमान बताते हैं। ऐसे में जब गेहूं ही पूरा नहीं आएगा तो वे कहां से सभी को गेहूं दे सकेंगे। विभाग से उनकी मांग है कि उन्हें हर माह पूरा गेहूं अलॉट किया जाए।

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