बरकत के घर आई बरकत, आखिर ईदू की ईद कब
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कैंसर की बीमारी से जूझ रहे सूफी गायक बरकत सिद्धू की तो पंजाब सरकार ने सुध ले ली है लेकिन लकवे का शिकार हुए प्रसिद्ध सारंगी वादक और लोक गायक ईदू शरीफ अभी भी मदद के इंतजार में है।
पंजाब के प्रसिद्ध सारंगी वादक और लोक गायक ईदू शरीफ के घर का। मनीमाजरा स्थित किले की संकरी गलियां और इसी की एक गली से होकर गुजरता रास्ता।
इस घर को मनीमाजरा का रहने वाला हर बाशिंदा जानता है। शायद यही कारण है कि नाम लेने भर की देर थी और उंगली किसी साइन बोर्ड की तरह उस घर की ओर हो गई।
लकवे ने बिगाड़े सारंगी वादक की जिंदगी के सुर
बेहद ही खस्ताहाल गलियों में बसे ईदू के घर का दरवाजा खटखटाने पर पहले कोई हलचल नहीं हुई। कुछ देर और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से आवाज आई... ‘हटदे नहीं।’ आखिरकार दरवाजे पर दो थाप देने के बाद यह खुल गया।
एक बुजुर्ग महिला बाहर निकली और कहा, ‘माफ करो, सानूं लग्गिया गली दे बच्चे ने।’ यूं हमारी पहली मुलाकात हुई ईदू शरीफ की पत्नी उषा से। उषा ने घर (एक छोटा सा कमरा) के अंदर आने को कहा तो दीवान पर एक कमजोर और बीमार आदमी को लेटे देखा।
उसका चेहरा काला पड़ा था और शरीर कमजोर। पूछने पर उषा ने बताया कि ये ही ईदू शरीफ हैं। हमें देखकर लकवे से ग्रस्त ईदू ने लेटे-लेटे ही कहा,‘एत्थे बह जाओ।’ फिर शुरू हुआ बातों का सिलसिला। कुछ गुदगुदाने वाली और कुछ रुलाने वाली।
डॉक्टर ने कहा, ‘अपनी कला अपने पास रखो’
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से राष्ट्रपति अवार्ड पा चुके ईदू शरीफ बोलने में थोड़ी मुश्किल महसूस कर रहे थे तो उनकी पत्नी उषा ने बताया कि पिछले एक साल से ईदू पैरालाइज से ग्रस्त है। यहां तक की सारंगी को भी हाथ नहीं लगा पाते।
उन्होंने बताया कि पिछले साल जब ईदू को पैरालाइज का अटैक पड़ा तो उन्हें कोई गाड़ी में ले जाने वाला भी नहीं मिला। मुश्किल से एक ऑटो में ईदू को मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल किया गया।
उषा बताती हैं कि पैरालाइज के कारण हर हफ्ते उनका बारह हजार तक का खर्चा आ जाता है। डॉक्टर ने कहा है कि इनका इलाज करवाया जाए और उसके लिए 5 लाख रुपये लगेंगे।
उषा ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर से गुहार लगाई की यह नेशनल अवार्ड विनर आर्टिस्ट हैं तो डॉक्टर ने कहा कि कला को अपने पास रखो ऑपरेशन कराना है तो पैसे लगेंगे। उन्होंने बताया कि तबसे ईदू का ऑपरेशन नहीं हो पाया।
सुखबीर बादल से लगाई थी मदद की गुहार
ईदू ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से उनके चंडीगढ़ स्थित निवास में मिलकर अपील की थी की उनकी वित्तीय हालात को सुधारा जाए।
ईदू ने बताया कि उस दिन सुखबीर बादल ने उनकी मदद करने का भरोसा जताया था, लेकिन उस दिन के बाद आजतक वह ईदू की हालात पूछने भी नहीं आए।
राजीव गांधी को कहा, सर जी मैं वी सोनिया गांधी नाल फोटो खिंचा लवां
ईदू अपनी एक फोटो दिखाते हुए कहते हैं कि जब राजीव गांधी देश के प्रधान मंत्री थे तो उन्हें उनके सम्मान में सारंगी बजाने का बुलावा आया। वह एक महीने तक वहां रहे।
अपनी फोटो में वह सोनिया गांधी के साथ खड़े हैं जिसके बारे में उन्होंने बताया कि उस समय पहले सोनिया गांधी, राजीव गांधी के साथ खड़ी थीं।
इतने में ईदू ने कहा कि सर जी, मैं वी मैडम नाल फोटो खिचा लवां। ईदू ने कहा कि इसपर राजीव गांधी हंसने लगे और ईदू को सोनिया गांधी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए अलग खड़े हो गए।
ईदू की सरकार से दरख्वास्त
ईदू ने अपनी खस्ता हालत के बारे में बताया कि वह कई सालों से सरकार से दरख्वास्त कर रहे हैं कि उन्हें पेंशन लगाई जाए। अपनी पेंशन के लिए। उनके साथी कलाकार आज अच्छे से रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक रहने के लिए एक अच्छी जगह नसीब नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि उनके तीन लड़के हैं जो इसी क्षेत्र से जुड़े हैं, लेकिन वह भी आजकल इस कला से ज्यादा नहीं कमा पाते सिर्फ उषा (गांव में दायी के रूप में कार्यरत) की कमाई से ही घर चल पाता है और मुश्किल से दो जून की रोटी नसीब हो पाती है। ईदू ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि उन्होंने पंजाब के संगीत के क्षेत्र में कुछ अहम भूमिका निभाई है तो वह उनकी मदद करे।