फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Floriculture Exhibition in Exhibition Ground

रंग-बिरंगी सब्जियों का खजाना है इस एग्जीबिशन में

Fri, 21 Feb 2014 04:38 PM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 21 Feb 2014 04:38 PM IST
विज्ञापन
Floriculture Exhibition in Exhibition Ground
कृषि की दुनिया में अब अविष्कारों की कमी नहीं। कलरफुल जिंदगी की तरह सब्जियां भी हरियाली चोला उतार चुकी हैं और पहन लिए हैं लेटेस्ट फैशन के रंग।
विज्ञापन


लाल रंग की शिमला मिर्च पसंद नहीं तो कोई बात नहीं पीले रंग की उगा लीजिए, नहीं तो नीले रंग की। यही नहीं, तमाम आलू छीलने से छुटकारा चाहते हैं तो डेढ़ किलो का एक आलू लाएं और उसकी सब्जी बना डालें।

यह तो है स्टोरी की शुरुआत। जरा नजर डालेंगे तो मूली भी शलजम के रूप में नजर आएगी और कंचे जैसे टमाटर आप खा सकेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इंटरनेशनल फ्लोर एक्सपो और इंटरनेशनल हार्टीकल्चर एक्सपो में ऐसी ही रंग बिरंगी सब्जियों के संग ड्राइंग रूम के डिजाइनर फूल भी हैं।
विज्ञापन


हालैंड की एग्री कंपनी रिग्ज ज्वान इस एक्सपो में लेकर आई है सब्जियों की नई वैरायटी। इसमें 12 रंग के शिमला मिर्च हैं। इनमें पारदर्शी, लाल, काले, पीले, नीले और ओरेंज रंग के शिमला मिर्च शामिल हैं। यह शिमला मिर्च प्रोटेक्टेड वातावरण में उगाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह स्पेशल शिमला मिर्च स्नैक्स, फ्राई के लिए काफी मांग में हैं। सीडलेस कुकुंबर भी यहां हैं। इस कुकुंबर की लंबाई छह सेमी से लेकर 38 सेमी तक है। यही नहीं, चेरी टोमैटो का स्वाद तो दीवाना बना देता है।

कंचे जैसी सूरत वाले यह नन्हे टमाटर आठ ग्राम से चार सौ ग्राम तक हैं। इसमें शलगम जैसी मूली है। कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार यह सब्जियां बंगलूरू और मलेरकोटला में उगाई जाती हैं।

पास्कन के अधिकारी राजीव शुक्ला ने कहा कि आलू की 32 किस्मों के बीज तैयार किए जाते हैं। जिससे सबसे बड़ा आलू डेढ़ किलो का हो सकता है। यह आलू कुफरी के बादशाह आलू की प्रजाति से तैयार होता है।

इसके अतिरिक्त आलू की किस्मों में कुफरी लाउकर, कुफरी पुखराज आदि हैं। नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड यहां कृषि की सामग्री के संग व्हाइट बल मशरूम हैं।

प्रीसीजन एग्रीटेक
झीनियां-जापान
विंका-यूएसए
सेलोसिया-जापान
सनफ्लावर-जापान

घर को सजाने का इंतजाम
चंडीगढ़ में आयोजित इस एक्सपो में गार्डन ग्लोरी इंडिया लेकर आई है बंबू के डेकोरेटिव पीस। इनकी कीमत पांच सौ रुपये से लेकर पंद्रह सौ रुपये तक है। यह बंबू के पीस चीन और जापान के हैं। जिसमें पकीरा, पाम और मनीप्लांट और सैंसीवीरा शामिल हैं।
 
पौधों के शौकीनों के लिए स्वर्ग
आईफ्लोरा ने देशभर से सर्वोत्कृष्ट गुणवत्ता वाले पौधों का थीम पैवेलियन स्थापित किया है। इसके इंडोर प्लांट पुणे, हैदराबाद, केरल, यूपी हिल्स में हैं। एक्सपो में जहरीली गैसों से लड़ने वाले, दूषित पदार्थों को हटाने और वायु से प्रदूषण कम करने वाले हरे पौधे भी हैं।


सब्जियां हों या फूल, अब हरेक में अविष्कार हो रहा है। आप चाकलेट रंग के शिमला मिर्च भी उगा सकते हैं और पच्चीस सेमी का पौधा भी। यही नहीं, ऐसे डेकोरेटिव पीस हैं जो छह साल तक जैसे के तैसे रहेंगे। हमारी कोशिश इस प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों का जागरूक करना और पब्लिक को नई चीजें दिखाना है।
एस जफर नकवी, अध्यक्ष, इंडियन फ्लॉवर्स एंड ऑर्नामेंटल प्लांट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आइलोरा)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed