फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Floods In Haryana, Floods Situation In village of Yamunanagar

'जल की जेल' में कैद चार हजार जिंदगियां, न पानी उतरा, न राहत पहुंची, यूं गुजर रही दिन-रात

Tue, 20 Aug 2019 02:36 AM IST
ajay kumar निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 20 Aug 2019 02:36 AM IST
विज्ञापन
Floods In Haryana, Floods Situation In village of Yamunanagar
- फोटो : अमर उजाला

यमुना में आई बाढ़ के कहर से सैकड़ों लोगों की जिंदगी भंवर में फंस गई है। यमुना से सटे लापरा और पोबारी गांव 'जल की जेल' में कैद है। दोनों गांवों के चारों तरफ पानी का पहरा है और गलियों व घरों में दो से चार फीट पानी है। यहां की चार हजार आबादी ने घरों की छत और ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। 

विज्ञापन


दो दिन से ना पानी उतरा है और ना ही राहत पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लापरा भेजी गई एम्बुलेंस भी गांव से दो किमी पहले खड़ी की गई है। वहीं पोबारी गांव देश दुनिया से पूरी तरह से कटा हुआ है। यहां जरूरी सामान की भी किल्लत होनी शुरू हो गई है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- 24 घंटे में पाकिस्तान पहुंचेगी 'आसमानी आफत', भारत पर लगाया ये आरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


लापरा-पानी के प्रहार से बेबस जिंदगी 
शहर से केवल दस किमी दूर है लापरा गांव। यहां रहने वाले अरसद, वसीम, जमील, सज्जाद आदि ने बताया कि यमुना के पानी का प्रहार जिंदगी का इम्तिहान ले रहा है। बाढ़ से पहले अफसर और नेता आते हैं, कई वादे करके चलते जाते हैं लेकिन हर साल ये दंश झेलने को मजबूर हैं। गांव की हजारों एकड़ फसल बह गई है। 

Floods In Haryana, Floods Situation In village of Yamunanagar

कई जगहों पर रास्ते कट चुके हैं। घर, स्कूल, दुकान, मंदिर हर जगह पानी है। स्कूल तो जलाशय बने हुए हैं। जहां बच्चे ट्यूब की नाव बनाकर अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं। अधिकतर परिवारों ने छत पर तिरपाल डालकर सिर छिपाया है तो कई परिवारों ने थर्मल की राख से बनाएं गए ऊंचे रास्ते पर आश्रय लिया है। 

पौबारी-हर साल आफत, राहत की कोई उम्मीद नहीं
पौबारी गांव में तस्वीर काफी भयावह है। यूपी की तरफ बसा हरियाणा का यह गांव, जहां पहुंचने का कोई रास्ता तक नहीं बचा। लोगों की जिंदगी आफत में पड़ गई है। ग्रामीण मोमीन, महफूज, मुदा हाजी, इमामूदीन, तासीन, अली हसन, सत्तार का कहना है कि दो दिन से बिजली नहीं है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। 

बच्चे बीमार होने लगे हैं। लोग छत पर शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन दुधारू पशु पानी में बंधे हुए हैं। यहां जिंदगी की रफ्तार थम गई है। ट्रैक्टर की बैटरी से मोबाइल चार्ज कर अपने जानकारों तक हाल बता रहे हैं। खाने-पीने की वस्तुएं खत्म होने को है। रास्ते ब्लॉक होने से बाहर जाने की कोई उम्मीद अभी नहीं है। जल्द राहत नहीं मिली तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।

Floods In Haryana, Floods Situation In village of Yamunanagar
Floods - फोटो : अमर उजाला

यमुना से सटे कुछ गांवों में पानी घुस गया था। अब पानी उतरने लगा है। लापरा में सारी रात तहसीलदार मौजूद रहा। पौबारी गांव की स्थिति बारे एसडीएम से अपडेट लिया है। जिला प्रशासन की राहत टीमें अलर्ट है और पर्याप्त मात्रा में सामान उपलब्ध है। कुछ जगह खाने-पीने का सामान भिजवाया भी गया है। सुबह तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।-मुकुल कुमार, डीसी, यमुनानगर

इसे भी पढ़ें- हरियाणा विस चुनावः हुड्डा ने चली सियासी चाल, महापरिवर्तन रैली के मंच से जारी किया घोषणा पत्र

शांत हुआ यमुना का रौद्र रूप, खतरा अभी टला नहीं
रविवार को रौद्र रूप में आई यमुना, अब धीरे-धीरे शांत होने लगी है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है और जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ढाई गुणा ज्यादा है। रविवार को जहां आठ लाख 28 हजार क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया था। वहीं सोमवार को यह कम होकर ढाई लाख क्यूसेक रह गया।

ताजा स्थिति जानने के लिए दोपहर को डीसी मुकुल कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर हथिनीकुंड बैराज और ताजेवाला हेडवर्क्स का दौर किया। उधर, हथिनीकुंड से छोड़े गए आठ लाख क्यूसेक पानी ने सोमवार अलसुबह जठलाना और गुमथला क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed