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35 दिनों तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें बंद फिर भी काम रह गए अधूरे, यात्री परेशान
योगेंद्र त्रिपाठी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:38 AM IST
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़। 35 दिनों तक फ्लाइट्स बंद करने केबाद भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम पूरा नहीं हो पाया। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रनवे अपग्रेडिंग का काम पूरा नहीं हुआ। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस थ्री) अभी तक अपलोड नहीं हो पाया। इस वजह से एयरपोर्ट पर नई फ्लाइट्स का संचालन नहीं शुरू हो पाया है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दो चरणों में 35 दिनों के लिए बंद किया जा चुका है।
पहली बार फरवरी में इसे 12 से 26 फरवरी तक 15 दिनों के लिए बंद किया गया। वहीं, दूसरी बार एयरपोर्ट को 12 से 31 मई तक 20 दिनों केलिए बंद किया गया था। इस दौरान काम पूरा करने की बात की गई, लेकिन इसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। रनवे रिपेयर का काम 10900 फीट किया जाना था, लेकिन अभी तक 7300 फीट रनवे तैयार किया गया है। वहीं, रनवे अपग्रेडिंग का काम 3600 फीट बचा हुआ है, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन दिसंबर 2015 में किया गया था। इस एयरपोर्ट का काम पूरा किए बिना ही पुराने रनवे से फ्लाइट का संचालन शुरू कर दिया गया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 17 सितंबर 2016 से फ्लाइट का संचालन शुरू किया गया था।
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एयर इंडिया की ओर से लंदन, कनाडा, अमेरिका के लिए फ्लाइट के संचालन का प्रपोजल बनाया गया, लेकिन रनवे पर बडे़ जहाज नहीं उतर पाने के कारण इसे कैंसिल कर दिया गया। रनवे की रिपेयर की जा रही है, लेकिन अभी तक 3600 फीट का रनवे नहीं बन पाया है।
वॉच ऑवर घटाने से नहीं चल रही फ्लाइट
पिछले वर्ष अक्तूबर में वॉच ऑवर रनवे रिपेयर के कारण घटा दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। सितंबर 2017 पहले वॉच ऑवर सुबह 7.25 बजे से रात 9.45 बजे तक का था, लेकिन अब इसे घटाकर सुबह 7.25 बजे से दोपहर बाद 3.45 बजे कर दिया गया है। यह वॉच ऑवर नौ महीने पहले घटाया गया था। रनवे रिपेयर नहीं होने के कारण इसे बढ़ाया नहीं जा सका है। छह घंटे का वॉच ऑवर घटने के कारण कोलकाता, इंदौर, गोवा की फ्लाइट का संचालन नहीं हो पाया। इसके अलावा नए इंटरनेशनल डेस्टिनेशन की फ्लाइट्स का संचालन शुरू नहीं हो पाया। यह प्रपोजल केवल कागजों में रह गया है।
इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम इंस्टाल नहीं
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम (आईएलएस थ्री) इंस्टाल नहीं हो पाया। इस कारण 2500 मीटर विजिबिलिटी कम होने के कारण यहां पर फ्लाइट लैंड नहीं हो पाती है। अभी हाल ही में राजस्थान से आई धूलभरी आंधी के कारण विजिबिलिटी एयरपोर्ट पर 800 मीटर हो गई थी। इस कारण दो दिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर इस सिस्टम को इंस्टाल किया गया है। इस कारण वहां जीरो विजिबिलिटी पर भी विमान का संचालन होता है।
यह कहते हैं पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरमोहन धवन ने कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने की सही प्लानिंग नहीं की गई। बिना रनवे बनाए इसका उद्घाटन कर दिया गया। इस कारण यहां से भारी जहाज नहीं उड़ पा रहे हैं। प्लानिंग सही तरीके से नहीं होने के कारण पूरा खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 1400 करोड़ का बजट बनाया गया था। अगर काम पूरा कर फ्लाइट्स का संचालन होता तो एयरपोर्ट से यात्रियों को 24 घंटे फ्लाइट्स में सफर का मौका मिल सकता था।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर दीपेश जोशी ने बताया, एयरपोर्ट से अब फ्लाइट्स बंद नहीं की जाएगी। अक्तूबर 2018 तक रनवे के काम को पूरा किया जाएगा। रनवे का काम पूरा होने के बाद फ्लाइट्स के वॉच ऑवर भी बढ़ जाएंगे। इस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को भी अगस्त तक इंस्टाल कर दिया जाएगा।
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पहली बार फरवरी में इसे 12 से 26 फरवरी तक 15 दिनों के लिए बंद किया गया। वहीं, दूसरी बार एयरपोर्ट को 12 से 31 मई तक 20 दिनों केलिए बंद किया गया था। इस दौरान काम पूरा करने की बात की गई, लेकिन इसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। रनवे रिपेयर का काम 10900 फीट किया जाना था, लेकिन अभी तक 7300 फीट रनवे तैयार किया गया है। वहीं, रनवे अपग्रेडिंग का काम 3600 फीट बचा हुआ है, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है।
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इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन दिसंबर 2015 में किया गया था। इस एयरपोर्ट का काम पूरा किए बिना ही पुराने रनवे से फ्लाइट का संचालन शुरू कर दिया गया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 17 सितंबर 2016 से फ्लाइट का संचालन शुरू किया गया था।
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एयर इंडिया की ओर से लंदन, कनाडा, अमेरिका के लिए फ्लाइट के संचालन का प्रपोजल बनाया गया, लेकिन रनवे पर बडे़ जहाज नहीं उतर पाने के कारण इसे कैंसिल कर दिया गया। रनवे की रिपेयर की जा रही है, लेकिन अभी तक 3600 फीट का रनवे नहीं बन पाया है।
वॉच ऑवर घटाने से नहीं चल रही फ्लाइट
पिछले वर्ष अक्तूबर में वॉच ऑवर रनवे रिपेयर के कारण घटा दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। सितंबर 2017 पहले वॉच ऑवर सुबह 7.25 बजे से रात 9.45 बजे तक का था, लेकिन अब इसे घटाकर सुबह 7.25 बजे से दोपहर बाद 3.45 बजे कर दिया गया है। यह वॉच ऑवर नौ महीने पहले घटाया गया था। रनवे रिपेयर नहीं होने के कारण इसे बढ़ाया नहीं जा सका है। छह घंटे का वॉच ऑवर घटने के कारण कोलकाता, इंदौर, गोवा की फ्लाइट का संचालन नहीं हो पाया। इसके अलावा नए इंटरनेशनल डेस्टिनेशन की फ्लाइट्स का संचालन शुरू नहीं हो पाया। यह प्रपोजल केवल कागजों में रह गया है।
इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम इंस्टाल नहीं
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम (आईएलएस थ्री) इंस्टाल नहीं हो पाया। इस कारण 2500 मीटर विजिबिलिटी कम होने के कारण यहां पर फ्लाइट लैंड नहीं हो पाती है। अभी हाल ही में राजस्थान से आई धूलभरी आंधी के कारण विजिबिलिटी एयरपोर्ट पर 800 मीटर हो गई थी। इस कारण दो दिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर इस सिस्टम को इंस्टाल किया गया है। इस कारण वहां जीरो विजिबिलिटी पर भी विमान का संचालन होता है।
यह कहते हैं पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरमोहन धवन ने कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने की सही प्लानिंग नहीं की गई। बिना रनवे बनाए इसका उद्घाटन कर दिया गया। इस कारण यहां से भारी जहाज नहीं उड़ पा रहे हैं। प्लानिंग सही तरीके से नहीं होने के कारण पूरा खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 1400 करोड़ का बजट बनाया गया था। अगर काम पूरा कर फ्लाइट्स का संचालन होता तो एयरपोर्ट से यात्रियों को 24 घंटे फ्लाइट्स में सफर का मौका मिल सकता था।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर दीपेश जोशी ने बताया, एयरपोर्ट से अब फ्लाइट्स बंद नहीं की जाएगी। अक्तूबर 2018 तक रनवे के काम को पूरा किया जाएगा। रनवे का काम पूरा होने के बाद फ्लाइट्स के वॉच ऑवर भी बढ़ जाएंगे। इस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को भी अगस्त तक इंस्टाल कर दिया जाएगा।