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Chandigarh News: बारिश में उखड़ीं पांच वी-थ्री सड़कें, छह करोड़ से होगी री-कार्पेटिंग
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सेक्टर-7-8, 8-9, 26-26ई, 27-28 और 29-30 की सड़कों की सुधरेगी हालत
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्दियों के पश्चात शुरू होगा काम, फिलहाल गड्ढों को भरकर राहत देगा इंजीनियरिंग विभाग
चंडीगढ़। मानसून में क्षतिग्रस्त हुई शहर की वी-थ्री सड़कों की हालत सुधारने के लिए प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग छह करोड़ रुपये खर्च करेगा। सेक्टर-7-8, 8-9, 26-26ई, 27-28 और 29-30 की सड़कों की मरम्मत और री-कार्पेटिंग के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। इनके लिए टेंडर आमंत्रित किए जाने हैं। हालांकि, री-कार्पेटिंग का काम सर्दियों के बाद ही शुरू हो सकेगा। तब तक विभाग पैचवर्क कराकर गड्ढे भरेगा।
मानसून के बाद इन सड़कों की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ गई है। कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के पानी के जमाव और पुरानी बिटुमिन परत टूटने से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को बार-बार ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
मोटी परत बिछाकर सुधारी जाएगी सड़क
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की सीपी डिवीजन नंबर-दो ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए छह करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इसमें गड्ढों की भराई के साथ री-कार्पेटिंग की जाएगी। सड़क पर मिक्स मैटीरियल की मोटी परत बिछाई जाएगी। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि मानसून के बाद निरीक्षण में ये वी-थ्री सड़कें ज्यादा क्षतिग्रस्त मिली थीं। पिछले महीने एस्टीमेट तैयार कर टेंडर आमंत्रित किए गए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद री-कार्पेटिंग का काम शुरू होगा। फिलहाल पैचवर्क कराया जाएगा।
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गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी
सेक्टर-26 निवासी हरप्रीत सिंह और सेक्टर-27 निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि गड्ढों के कारण रोजाना दफ्तर आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश में पानी भरने से गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। सेक्टर-29 निवासी सिमरन कौर ने कहा कि बच्चों को स्कूल छोड़ते समय दोपहिया वाहन फिसलने का डर रहता है। सेक्टर-28 निवासी जगीर सिंह के अनुसार, बरसात के बाद टूटी सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। री-कार्पेटिंग होने से लोगों को राहत मिलेगी।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्दियों के पश्चात शुरू होगा काम, फिलहाल गड्ढों को भरकर राहत देगा इंजीनियरिंग विभाग
चंडीगढ़। मानसून में क्षतिग्रस्त हुई शहर की वी-थ्री सड़कों की हालत सुधारने के लिए प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग छह करोड़ रुपये खर्च करेगा। सेक्टर-7-8, 8-9, 26-26ई, 27-28 और 29-30 की सड़कों की मरम्मत और री-कार्पेटिंग के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। इनके लिए टेंडर आमंत्रित किए जाने हैं। हालांकि, री-कार्पेटिंग का काम सर्दियों के बाद ही शुरू हो सकेगा। तब तक विभाग पैचवर्क कराकर गड्ढे भरेगा।
मानसून के बाद इन सड़कों की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ गई है। कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के पानी के जमाव और पुरानी बिटुमिन परत टूटने से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को बार-बार ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
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मोटी परत बिछाकर सुधारी जाएगी सड़क
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की सीपी डिवीजन नंबर-दो ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए छह करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इसमें गड्ढों की भराई के साथ री-कार्पेटिंग की जाएगी। सड़क पर मिक्स मैटीरियल की मोटी परत बिछाई जाएगी। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि मानसून के बाद निरीक्षण में ये वी-थ्री सड़कें ज्यादा क्षतिग्रस्त मिली थीं। पिछले महीने एस्टीमेट तैयार कर टेंडर आमंत्रित किए गए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद री-कार्पेटिंग का काम शुरू होगा। फिलहाल पैचवर्क कराया जाएगा।
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गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी
सेक्टर-26 निवासी हरप्रीत सिंह और सेक्टर-27 निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि गड्ढों के कारण रोजाना दफ्तर आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश में पानी भरने से गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। सेक्टर-29 निवासी सिमरन कौर ने कहा कि बच्चों को स्कूल छोड़ते समय दोपहिया वाहन फिसलने का डर रहता है। सेक्टर-28 निवासी जगीर सिंह के अनुसार, बरसात के बाद टूटी सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। री-कार्पेटिंग होने से लोगों को राहत मिलेगी।