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पांच स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शौचालय नहीं

Fri, 11 Dec 2020 01:56 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 01:56 AM IST
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Five schools do not have toilets for differently-abled students
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने स्कूल भवन का निर्माण तो करा दिया, लेकिन भवन में दिव्यांग विद्यार्थियों की अनदेखी कर दी गई है। इसका खुलासा चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने अपने दौरे के दौरान किया। आयोग की टीम ने वीरवार को शहर के पांच सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। जांच में पाया कि पांचों स्कूल में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शौचालय नहीं है, जबकि तीन स्कूलों में रैंप की व्यवस्था नहीं है। जांच के बाद आयोग ने शिक्षा व यूटी प्रशासन को सिफारिश की है कि इन स्कूलों में निर्माण जल्द से जल्द किया जाए, ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्कूल के भवन सहज बन सकें।
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टीम का नेतृत्व आयोग की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने किया। उनके साथ आयोग के सदस्य डॉ. मोनिका एम सिंह, पूजा, आईटीई सलाहकार चंचल सिंह, अरविंद किशोर सहित इंजीनियरिंग व शिक्षा विभाग के सदस्य मौजूद थे। आयोग ने बताया कि दिसंबर को अधिकार माह बनाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने चंडीगढ़ के पांच स्कूल सेक्टर-29 बी जीएमएचएस, सेक्टर-33 बी जीएमएस, सेक्टर-36 जीएमएचएस, सेक्टर-15 जीएमएसएसएस और धनास का जीएमएसएसएस का औचक निरीक्षण कर भवन की जांच की। टीम ने पाया कि इन सभी स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शौचालय नहीं है, जबकि सेक्टर-29, 36 और धनास के स्कूलों में रैंप में नहीं है। आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि जल्द से जल्द इन स्कूलों में शौचालय व रैंप का निर्माण हो, ताकि विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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