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रोहतकः रेलवे स्टेशन पर मिले घर से भागे 5 बच्चे, भागने की वजह बताई, तो सामने आया एक सच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:52 AM IST
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लापता बच्चे
- फोटो : SELF
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ढाई से 9 साल की उम्र के पांच बच्चे एक साथ घर से गायब होने से हंड़कंप मचा हुआ था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया और फिर सामने आया एक सच। मामला हरियाणा के रोहतक का है। पांचों बच्चे असम में रह रही नानी से मिलने की चाहत में घर से भागे थे। पांचों में तीन भाई-बहन हैं और दो लड़की की सहेलियां। शहर की जनता कॉलोनी में रहने वाली कक्षा छह की छात्रा मंगलवार दोपहर अपने भाई, बहन और पड़ोस की दो सहेलियों के साथ लापता हो गई। वे मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस ट्रेन से असम जाना चाहते थे।
वे ट्रेन में सवार भी हो गए, लेकिन किसी वजह से जाखल रेलवे स्टेशन पर उतर गए। वहां पांचों बच्चों को देखकर लोगों को शक हुआ और उन्होंने आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। उधर, एक साथ पांच बच्चों के लापता होने की जब पुलिस को शिकायत दी गई तो आनन-फानन में पुलिस ने भी खोजबीन शुरू की। आरपीएफ ने पांच लावारिस बच्चों के बारे में बताया तो पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बच्चों की पहचान कर ली और उन्हें परिवार को सौंप दिया गया। छात्रा के पास से 15 हजार रुपये और एक एंड्रायड फोन भी बरामद किया गया है।
नानी से मिलने के लिए निकले थे पांचों बच्चे
जनता कॉलोनी चौकी प्रभारी ने बताया कि ट्रेन में मिले पांचों बच्चों में सबसे बड़ी भूमिका (9) पुत्री कृष्ण कुमार ने बताया कि वह असम में रहने वाली अपनी नानी से मिलना चाहती थी। इसके लिए वह अपने भाई ढाई वर्षीय सुंदर, सात वर्षीय सोनू, पड़ोस में रहने वाली दो सहेलियों शशि (7) व स्नेहा (8) के साथ असम जाने के लिए रेलवे स्टेशन आई थी। इस दौरान रोहतक से गुजरने वाली मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस में सभी सवार हो गए। ट्रेन के जाखल स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के एएसआई राम खिलाड़ी मीना ने पांचों बच्चों को लावारिस हालत में पाया। पूछताछ में सभी ने अपने परिजनों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया गया है।
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वे ट्रेन में सवार भी हो गए, लेकिन किसी वजह से जाखल रेलवे स्टेशन पर उतर गए। वहां पांचों बच्चों को देखकर लोगों को शक हुआ और उन्होंने आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। उधर, एक साथ पांच बच्चों के लापता होने की जब पुलिस को शिकायत दी गई तो आनन-फानन में पुलिस ने भी खोजबीन शुरू की। आरपीएफ ने पांच लावारिस बच्चों के बारे में बताया तो पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बच्चों की पहचान कर ली और उन्हें परिवार को सौंप दिया गया। छात्रा के पास से 15 हजार रुपये और एक एंड्रायड फोन भी बरामद किया गया है।
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नानी से मिलने के लिए निकले थे पांचों बच्चे
जनता कॉलोनी चौकी प्रभारी ने बताया कि ट्रेन में मिले पांचों बच्चों में सबसे बड़ी भूमिका (9) पुत्री कृष्ण कुमार ने बताया कि वह असम में रहने वाली अपनी नानी से मिलना चाहती थी। इसके लिए वह अपने भाई ढाई वर्षीय सुंदर, सात वर्षीय सोनू, पड़ोस में रहने वाली दो सहेलियों शशि (7) व स्नेहा (8) के साथ असम जाने के लिए रेलवे स्टेशन आई थी। इस दौरान रोहतक से गुजरने वाली मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस में सभी सवार हो गए। ट्रेन के जाखल स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के एएसआई राम खिलाड़ी मीना ने पांचों बच्चों को लावारिस हालत में पाया। पूछताछ में सभी ने अपने परिजनों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया गया है।
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दादी और चाचा पीटते थे भूमिका को
बच्ची की पिटाई
स्नेहा ने पुलिस को बताया कि वह अकसर भूमिका के घर पर अपनी बहन शशि के साथ खेलने के लिए जाती थी। भूमिका और उसके भाई बहन के साथ कई बार उसकी दादी और चाचा मारपीट करते थे। भूमिका जब भी नानी के घर जाने को कहती थी तो उसे जाने नहीं दिया जाता था।
भूमिका के पिता कृष्ण ने बताया कि उसकी पत्नी पूजा एक साल पहले घर छोड़कर चली गई थी। वह केले का ठेला लगाकर अपना और बच्चों का पालन पोषण करता है। उधर शशि और स्नेहा की मां पुष्पा ने बताया कि उसके पति की तीन साल पूर्व बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती है।
बच्चों की कराई जाएगी काउंसिलिग
बाल कल्याण समिति रोहतक के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि बच्चों के लापता होने के बाद बरामद होने की सूचना मिली है। बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। साथ ही बच्चों के घर से निकलने के कारण का पता लगाया जाएगा।
दो दिन से बना रहे थे भागने की प्लानिंग
भूमिका ने बताया कि पांचों दो दिन से भागने की प्लानिंग बना रहे थे। जनता कॉलोनी से पांचों ऑटो में सवार होकर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां से ट्रेन में सवार होकर जाखल पहुंच गए।
भूमिका के पिता कृष्ण ने बताया कि उसकी पत्नी पूजा एक साल पहले घर छोड़कर चली गई थी। वह केले का ठेला लगाकर अपना और बच्चों का पालन पोषण करता है। उधर शशि और स्नेहा की मां पुष्पा ने बताया कि उसके पति की तीन साल पूर्व बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती है।
बच्चों की कराई जाएगी काउंसिलिग
बाल कल्याण समिति रोहतक के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि बच्चों के लापता होने के बाद बरामद होने की सूचना मिली है। बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। साथ ही बच्चों के घर से निकलने के कारण का पता लगाया जाएगा।
दो दिन से बना रहे थे भागने की प्लानिंग
भूमिका ने बताया कि पांचों दो दिन से भागने की प्लानिंग बना रहे थे। जनता कॉलोनी से पांचों ऑटो में सवार होकर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां से ट्रेन में सवार होकर जाखल पहुंच गए।