{"_id":"660a6ff164026a644302b5ad","slug":"five-black-deer-died-in-patiala-zoo-chandigarh-news-c-284-1-ptl1001-4001-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पटियाला जू में पांच काले हिरणों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पटियाला जू में पांच काले हिरणों की मौत
विज्ञापन
बैक्टीरियल इंफ्केशन से मौत होने की संभावना
जालंधर आरडीएल लैब में सैंपल भेजे गए : डीएफओ
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के डकाला रोड स्थित जू में पांच काले हिरणों की मौत हो गई है। डीएफओ (वाइल्ड लाइफ) नीरज गुप्ता के मुताबिक हिरणों की मौत बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने की संभावना है। फिलहाल छतबीड़ के डाॅक्टरों की ओर से मरे हिरणों का पोस्टमार्टम कर दिया गया है।
साथ ही जालंधर स्थित रीजनल डिजीज डाइग्नोस्टिक लैबोरेटरी में सैंपल भी भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पक्के तौर पर खुलासा हो सकेगा। गौरतलब है कि पटियाला जू को डियर पार्क के तौर पर भी जाना जाता है। यहां कई किस्मों के हिरण रखे गए हैं और दूर-दूर से लोग जू में रखे जानवरों को देखने के लिए यहां आते हैं।
पटियाला जू में बीते तीन दिनों में पांच काले हिरणों की मौत हो गई है। वन्य जीवन सुरक्षा विभाग दावा कर रहा है कि मरने वाले काले हिरणों को अलग एक पिंजरे में रखा गया था, इसलिए संक्रमण बाकी के हिरणों तक पहुंचने की संभावना नहीं है। डीएफओ नीरज के मुताबिक बाकी हिरणों में यह संक्रमण न फैल सके, इसके लिए पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैक्टीरियल इंफेक्शन जानवर के अंदरूनी अंगों पर असर डालती है। इससे फेफड़े, किडनियां प्रभावित हो जाती हैं। जानवर को हैमरेज तक हो सकता है। इससे संक्रमित जानवर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और वह खाना-पीना छोड़ देता है। डीएफओ ने कहा कि जब तक काले हिरणों के संक्रमित होने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर आरडीएल लैब में सैंपल भेजे गए : डीएफओ
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के डकाला रोड स्थित जू में पांच काले हिरणों की मौत हो गई है। डीएफओ (वाइल्ड लाइफ) नीरज गुप्ता के मुताबिक हिरणों की मौत बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने की संभावना है। फिलहाल छतबीड़ के डाॅक्टरों की ओर से मरे हिरणों का पोस्टमार्टम कर दिया गया है।
साथ ही जालंधर स्थित रीजनल डिजीज डाइग्नोस्टिक लैबोरेटरी में सैंपल भी भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पक्के तौर पर खुलासा हो सकेगा। गौरतलब है कि पटियाला जू को डियर पार्क के तौर पर भी जाना जाता है। यहां कई किस्मों के हिरण रखे गए हैं और दूर-दूर से लोग जू में रखे जानवरों को देखने के लिए यहां आते हैं।
विज्ञापन
पटियाला जू में बीते तीन दिनों में पांच काले हिरणों की मौत हो गई है। वन्य जीवन सुरक्षा विभाग दावा कर रहा है कि मरने वाले काले हिरणों को अलग एक पिंजरे में रखा गया था, इसलिए संक्रमण बाकी के हिरणों तक पहुंचने की संभावना नहीं है। डीएफओ नीरज के मुताबिक बाकी हिरणों में यह संक्रमण न फैल सके, इसके लिए पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैक्टीरियल इंफेक्शन जानवर के अंदरूनी अंगों पर असर डालती है। इससे फेफड़े, किडनियां प्रभावित हो जाती हैं। जानवर को हैमरेज तक हो सकता है। इससे संक्रमित जानवर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और वह खाना-पीना छोड़ देता है। डीएफओ ने कहा कि जब तक काले हिरणों के संक्रमित होने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी।
विज्ञापन