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पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट MN शर्मा नहीं रहे, शाम को अंतिम संस्कार
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 31 Oct 2016 08:07 PM IST
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पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट एमएन शर्मा का देहांत
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पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट एमएन शर्मा का देहांत हो गया। 93 वर्षीय आर्किटेक्ट ने दीवाली के दिन 30 अक्तूबर को अंतिम सांस ली। आज शाम चार बजे सेक्टर-25 के शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वे 93 साल के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। शर्मा चंडीगढ़ प्रशासन के पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट थे और चंडीगढ़ के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही है।
ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे के साथ उन्होंने भी कई साल चंडीगढ़ के निर्माण में काम किया है। शहर की कई इमारतों के डिजाइन तैयार किए, जिनमें सेक्टर-17 का प्लाजा भी शामिल है।
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वे 93 साल के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। शर्मा चंडीगढ़ प्रशासन के पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट थे और चंडीगढ़ के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही है।
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ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे के साथ उन्होंने भी कई साल चंडीगढ़ के निर्माण में काम किया है। शहर की कई इमारतों के डिजाइन तैयार किए, जिनमें सेक्टर-17 का प्लाजा भी शामिल है।
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रॉक गार्डन के निर्माण में निभाई थी अहम भूमिका
पहले इंडियन चीफ आर्किटेक्ट एमएन शर्मा का देहांत
4 अगस्त 1923 को पैदा हुए रॉक गार्डन को बनाने में नेकचंद के अलावा एमएन शर्मा का भी अहम योगदान रहा। जिस समय पदमश्री नेकचंद रॉक गार्डन बना रहे थे, तब शर्मा ही प्रशासन के चीफ आर्किटेक्ट थे। नेकचंद ने रॉकगार्डन की रचना के बारे में सबसे पहले शर्मा को ही बताया था।
शर्मा ने ही सबसे पहले रॉक गार्डन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने भी इसे मंजूर कर लिया था। एमएन शर्मा के दो बेटे और दो बेटियां थीं। 1965 में पियरे जनरे की रिटायरमेंट के बाद उन्हें पहले आर्किटेक्ट का दर्जा दिया गया था।
शर्मा ने ही सबसे पहले रॉक गार्डन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने भी इसे मंजूर कर लिया था। एमएन शर्मा के दो बेटे और दो बेटियां थीं। 1965 में पियरे जनरे की रिटायरमेंट के बाद उन्हें पहले आर्किटेक्ट का दर्जा दिया गया था।