फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   First export testing lab to set up in Chandigarh increase export from punjab Haryana Himachal Pradesh

अच्छी खबर: चंडीगढ़ में बनेगी उत्तर भारत की पहली एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब, केंद्र के सहयोग से होगा निर्माण

Tue, 06 Jun 2023 10:16 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 06 Jun 2023 10:16 AM IST
सार

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से अलग-अलग सेक्टर में अव्वल रहने वाले राज्यों की पहचान की गई है। इसमें पाया गया कि हिमाचल प्रदेश के सेब, पंजाब-हरियाणा के बासमती चावल आदि सिर्फ इस वजह से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट नहीं किए जा पाते हैं, क्योंकि उत्तर भारत में एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब की कमी है।

विज्ञापन
First export testing lab to set up in Chandigarh increase export from punjab Haryana Himachal Pradesh
एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व उत्तर भारत के अन्य राज्यों से एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ में पहली एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया के फेज-एक में जगह चयनित की गई है। केंद्रीय उद्योग मंत्रालय के सहयोग से इस लैब का निर्माण किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस लैब के बनने के बाद उत्तरी राज्यों की एक्सपोर्ट की क्षमता में काफी इजाफा होगा।
विज्ञापन


चंडीगढ़ में बनाया जाने वाला लैब अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा, जहां अलग-अलग राज्यों से सेब, बासमती चावल, कीनू आदि का निर्यात के लिए पादप स्वच्छता प्रमाणपत्र (फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट) का काम होगा। लैब को स्थापित करने के लिए जगह सिटको मुहैया कराएगा और खर्च वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय व यूटी प्रशासन के उद्योग विभाग द्वारा उठाया जाएगा। सर्टिफिकेशन के लिए मंत्रालय ही एजेंसी तय करेगी, जो विभिन्न देशों के मानकों के अनुसार बिडिंग प्रोसेस और टेंडर डॉक्यूमेंट्स तैयार किए जाएंगे। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: NIRF Ranking 2023: पीजीआई चंडीगढ़ का शानदार प्रदर्शन, लगातार छठे वर्ष देशभर में दूसरे स्थान पर कब्जा
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय की कोशिश है कि वर्तमान में जो टेस्टिंग देश के सामानों को विदेश में ले जाकर कराई जाती है, वो अब अपने ही देश में हो सके। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि टेस्टिंग लैब के चंडीगढ़ में स्थापित होने से काफी लाभ मिलेगा, क्योंकि यह जांच की फीस काफी ज्यादा होती है, जो विदेशों में जा रही है क्योंकि देश में टेस्टिंग लैब की सुविधा बहुत कम है। कहा कि चंडीगढ़ में उद्योग और खेती बहुत कम है, लेकिन सभी राज्यों से कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है, इसलिए यह शहर के लिए काफी अच्छा साबित होगा। एक अलग तरह का उद्योग यहां शुरू होगा।

टेस्टिंग के लिए दुबई और सिंगापुर जाता है सामान
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से अलग-अलग सेक्टर में अव्वल रहने वाले राज्यों की पहचान की गई है। उसके बाद देखा गया कि आखिर इन चीजों को एक्सपोर्ट करने में रुकावट कहां आ रही हैं। इसमें पाया गया कि हिमाचल प्रदेश के सेब, पंजाब-हरियाणा के बासमती चावल आदि सिर्फ इस वजह से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट नहीं किए जा पाते हैं, क्योंकि उत्तर भारत में एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब की कमी है। जो टेस्टिंग लैब मौजूद हैं, वो अंतरराष्ट्रीय स्तर के नहीं है। जिसकी वजह से यूरोपीय देशों में देश का सामान नहीं जा पा रहा है। 


टेस्टिंग के लिए सामानों को टेस्टिंग के लिए सिंगापुर और दुबई भेजा जाता है, जहां से उस रिपोर्ट को यूरोपीय देशों को भेजा जाता है। जो पास हो जाते हैं, वो बाहर जाते हैं और जो फेल हो जाते हैं, वो वापस आ जाते हैं। इससे सेब की फार्मिंग करने किसानों को काफी नुकसान होता है।

एक्सपोर्ट टेस्टिंग लैब के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के साथ बैठक हुई है। इसमें सिटको की तरफ से जगह मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया गया है। लैब को अंतरराष्ट्रीय मानको के अनुसार सेटअप किया जाएगा। यह लैब चंडीगढ़ के लिए भी फायदेमंद होगा। - नितिन यादव, गृह सचिव, चंडीगढ़
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed