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चंडीगढ़ अग्निकांड: हादसे के चौंकाने वाले खुलासे

Wed, 11 Jun 2014 06:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 Jun 2014 06:11 PM IST
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fire in chandigarh: Sensational disclosure about incident

चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट) की ढह चुकी इमारत में तीन दिन बाद भी आग बुझी नहीं है।

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फायर विभाग के सूत्रों के अनुसार जिस तरह से आग लगने के बाद धमाके हुए और इमारत गिरी, उससे यह लग रहा है कि बेसमेंट में डीजल या कोई और ज्वलनशील पदार्थ बड़ी मात्रा में रखा होगा। यही कारण है कि आग की चपेट में आने के बाद इसमें धमाके  हुए और तापमान इतना ज्यादा बढ़ा कि इमारत के सरिये तक गल गए।
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सूत्रों के मुताबिक बिल्डिंग में जनरेटर भी था। माना जा रहा है कि इसी के लिए यहां डीजल के ड्रम रखे होंगे। फायर डिपार्टमेंट का कहना है कि यह आग अगले दो दिन भी नहीं बुझेगी।

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तीन दिन बाद भी नहीं बुझी आग

fire in chandigarh: Sensational disclosure about incident

चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी कंट्रोलर सिविल डिफेंस और पूर्व चीफ फायर अफसर सीएस कोचर के मुताबिक बिल्डिंग के बेसमेंट में डीजल पेट्रोल, केरोसिन, कोई केमिकल, गैस का सिलेंडर या विस्फोटक हो सकता है।

तभी आग ने इतना भीषण रूप ले लिया कि सरिये तक पिघल गए। सरिये के पिघलने के कारण जगह जल्दी ठंडी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जहां आग लगी है, वहां हवा नहीं पहुंच पा रही है।

चंडीगढ़ नगर निगम के पूर्व मनोनीत पार्षद और आर्किटेक्ट पल्लव मुखर्जी ने बताया कि अधिक पानी डालने से हाइड्रो स्टेटिक प्रेशर बढ़ जाता है। पानी मिट्टी के अंदर जाने पर बिल्डिंग पर दबाव बढ़ेगा। ऐसे में आस-पास की बिल्डिंग का बेस कमजोर होकर गिरने की पूरी संभावना होती है। आग लगने पर कई जगह दरार पड़ती है। उसमें पानी भर जाएगा और बिल्डिंग गिर सकती है।

300 गाड़ियां डाल चुकी हैं लाखों लीटर पानी

fire in chandigarh: Sensational disclosure about incident

नाइलिट की इमारत में तीन दिन तक लगातार पानी डाला जा रहा है। अब तक फायर ब्रिगेड की लगभग 300 गाड़ियां यहां चक्कर लगा चुकी हैं। अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं यह लाखों लीटर पानी साथ ही इमारत की नींव में तो नहीं जा रहा।

इससे अब इस इमारत के गिरने का भी खतरा बन गया है। वहीं फायर डिपार्टमेंट का कहना है कि आग तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। आग खुद ही बुझेगी।

पानी इसलिए लगातार फेंका जा रहा है ताकि आग से साथ की इमारत की दीवार गर्म न हो। जब आग बुझेगी तभी मलबा हटाने पर विचार होगा। फायर अफसर एमएल शर्मा का कहना है कि आग पर काबू के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

एसी प्लांट के रखरखाव में लापरवाही

fire in chandigarh: Sensational disclosure about incident

नाइलिट की चार मंजिला इमारत में 43 साल पुराना एसी प्लांट लगा हुआ था। यह जानकारी पुलिस द्वारा मंगलवार को की गई जांच में सामने आई है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पहले दिन एसी प्लांट लगाने वाले ठेकेदार समेत उसकी मरम्मत करने वाले पांच कर्मचारियों से पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान ठेकेदार ने बताया कि गर्मी शुरू होने से पहले एसी प्लांट की रिपेयर की गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि एसी प्लांट का रखरखाव करने वाली कंपनी ब्ल्यू स्टार के कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है। इस कारण इमारत की बेसमेंट में आग लगी। यह सब पुलिस की एफआईआर में दर्ज है।

चार मंजिला नाइलिट इमारत के दस मालिक हैं। पुलिस जल्द ही उनके भी बयान दर्ज करेगी। इसमें पता लगाया जाएगा कि किसका कितना हिस्सा है और इमारत की उन्होंने मरम्मत कब-कब करवाई।

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